इतनी शक्ति हमे देना दाता, मन का विश्वास कमज़ोर हो ना..२)
हम चले नेक रस्ते पे हमसे भूल कर भी कोई भूल हो ना..२)
हम चले नेक रस्ते पे हमसे भूल कर भी कोई भूल हो ना..२)
१) दूर अज्ञान के हो अंधेरे, तू हमे ज्ञान की रोशनी दे,
हर बुराई से बचकर रहे हम,जितनी भी भले ज़िंदगी दे..
बैर हो ना किसी का किसी से, भावना मन मे बदले की हो ना,
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे दे ना दाता….
हर बुराई से बचकर रहे हम,जितनी भी भले ज़िंदगी दे..
बैर हो ना किसी का किसी से, भावना मन मे बदले की हो ना,
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे दे ना दाता….
२) हम ना सोचे हमे क्या मिला है, हम यह सोचे किया क्या है
अर्पण,
फूल खुशियों के बाँटे सभी को, सब का जीवन ही बन जाए मधुबन..
अपनी ममता का जल तू बहाके, कर दे पावन हरेक मन का कोना..
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे देना दाता…
फूल खुशियों के बाँटे सभी को, सब का जीवन ही बन जाए मधुबन..
अपनी ममता का जल तू बहाके, कर दे पावन हरेक मन का कोना..
हम चले नेक रास्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना..
…इतनी शक्ति हमे देना दाता…
!! इति !!






























