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बुधवार, 15 मई 2013
मंगलवार, 14 मई 2013
शिक्षण सस्थानों में नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए : राष्ट्रपति
भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने समाज में महिलाओं एवं बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रवृत्ति को रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे शिक्षण संस्थानों और विशेष रूप से विश्वविधालयों में नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में महिलाओं के सम्मान की परम्परा रही है। इसे मजबूत किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति दि0 10-05-2013 को लखनउ में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविधालय, लखनऊ के चौथे दीक्षान्त समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डा0 भीमराव अम्बेडकर को एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताते हुए विश्वविधालय से उनके दशर्न के अनुरूप कार्य करने का आग्रह किया। भारत में उपलब्ध कार्यकारी जनसंख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सन 2020-21 में लगभग 64 फीसदी वर्किग जनसंख्या होगी। उन्होंने कहा कि इस विशाल जनसंख्या का लाभ उठाने के लिए हमें नौजवानों को स्वस्थ्य एवं निपुण बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकुशल जनसंख्या हमारे लिए एक लाभकारी तत्व हो सकती है।
देश में स्थापित विश्वविधालयों एवं महाविधालयों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग प्रत्येक राज्य में कम से कम एक केन्द्रीय विधालय स्थापित है। लेकिन इनकी गुणवत्ता संतोषप्रद नहीं है। इसीलिए लगभग 02 लाख प्रतिभाशाली नौजवान विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमें देश के शिक्षण संस्थानों के अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार के अलावा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। राष्ट्रपति ने प्रत्येक विश्वविधालय में कम से कम एक विभाग को एक्सीलेंट सेण्टर के रूप में विकसित करने, विश्वविधालयों में शोध को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ छात्रों के लिए अच्छी पाठय सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आर्0टी0 आधारित तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि देश के 2विश्वविधालयों में लगभग 63 फीसदी अध्यापकों के पद रिक्त है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गैप को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। देश भर में शिक्षण एवं शोध संस्थानों से इतर अभिनव प्रयोग करने वालों को विश्वविधालयों में फोरम उपलब्ध कराने का आहवान करते हुए बी.बी.ए.यू. के सहयोग से आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन प्रदर्शनी की प्रशंसा की तथा इसी प्रकार अन्य विश्वविधालयों से भी प्रयास करने का आग्रह किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए
कहा कि उच्च शिक्षा से ज्ञान के विस्तृत क्षितिज तक पहु्चा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्रप्त करने वाले नवयुवक वास्तव में भाग्यशाली है, क्योंकि भारत इस समय तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे इन्हें अपार सम्भावनाएं उपलब्ध होगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने डिग्री प्रप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनका आहवान किया कि वे अपनी नई सोच से देश एवं समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का प्रयास करें। उन्हो्ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु विश्वविधालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। श्री यादव ने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर शिक्षा को प्रगति का माध्यम मानते थे। उनका स्पष्ट मत था कि शिक्षा प्रप्त करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का आग्रह करते हुए कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को शिक्षण संस्थानों में अच्छा माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में अधिकांश देशों की आबादी उम्रदराज हो गई है। जबकि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की अधिकांश आबादी कम उम्र की है। उन्होने इस मानव संसाधन का लाभ उठाने के लिए युवाओ से व्यापक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि नौजवानों को कौशल विकास का अवसर उपलब्ध होना चाहिए, जिससे आगे आने वाले अवसर का लाभ उठाकर देश एवं समाज की
प्रगति में सहयोग कर सके।
राष्ट्रपति दि0 10-05-2013 को लखनउ में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविधालय, लखनऊ के चौथे दीक्षान्त समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डा0 भीमराव अम्बेडकर को एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताते हुए विश्वविधालय से उनके दशर्न के अनुरूप कार्य करने का आग्रह किया। भारत में उपलब्ध कार्यकारी जनसंख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सन 2020-21 में लगभग 64 फीसदी वर्किग जनसंख्या होगी। उन्होंने कहा कि इस विशाल जनसंख्या का लाभ उठाने के लिए हमें नौजवानों को स्वस्थ्य एवं निपुण बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकुशल जनसंख्या हमारे लिए एक लाभकारी तत्व हो सकती है।
देश में स्थापित विश्वविधालयों एवं महाविधालयों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग प्रत्येक राज्य में कम से कम एक केन्द्रीय विधालय स्थापित है। लेकिन इनकी गुणवत्ता संतोषप्रद नहीं है। इसीलिए लगभग 02 लाख प्रतिभाशाली नौजवान विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमें देश के शिक्षण संस्थानों के अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार के अलावा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। राष्ट्रपति ने प्रत्येक विश्वविधालय में कम से कम एक विभाग को एक्सीलेंट सेण्टर के रूप में विकसित करने, विश्वविधालयों में शोध को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ छात्रों के लिए अच्छी पाठय सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आर्0टी0 आधारित तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि देश के 2विश्वविधालयों में लगभग 63 फीसदी अध्यापकों के पद रिक्त है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गैप को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। देश भर में शिक्षण एवं शोध संस्थानों से इतर अभिनव प्रयोग करने वालों को विश्वविधालयों में फोरम उपलब्ध कराने का आहवान करते हुए बी.बी.ए.यू. के सहयोग से आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन प्रदर्शनी की प्रशंसा की तथा इसी प्रकार अन्य विश्वविधालयों से भी प्रयास करने का आग्रह किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए
कहा कि उच्च शिक्षा से ज्ञान के विस्तृत क्षितिज तक पहु्चा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्रप्त करने वाले नवयुवक वास्तव में भाग्यशाली है, क्योंकि भारत इस समय तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे इन्हें अपार सम्भावनाएं उपलब्ध होगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने डिग्री प्रप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनका आहवान किया कि वे अपनी नई सोच से देश एवं समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का प्रयास करें। उन्हो्ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु विश्वविधालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। श्री यादव ने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर शिक्षा को प्रगति का माध्यम मानते थे। उनका स्पष्ट मत था कि शिक्षा प्रप्त करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का आग्रह करते हुए कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को शिक्षण संस्थानों में अच्छा माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में अधिकांश देशों की आबादी उम्रदराज हो गई है। जबकि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की अधिकांश आबादी कम उम्र की है। उन्होने इस मानव संसाधन का लाभ उठाने के लिए युवाओ से व्यापक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि नौजवानों को कौशल विकास का अवसर उपलब्ध होना चाहिए, जिससे आगे आने वाले अवसर का लाभ उठाकर देश एवं समाज की
प्रगति में सहयोग कर सके।
सोमवार, 13 मई 2013
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयो में सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती वर्ष (2013-14) हेतु
| Step1. | आवेदन पत्र भरने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व दिशा निर्देश ध्यान पूर्वक पढ़ लें एवं आवेदन के प्रारूप को भी ध्यानपूर्वक पढ़ लें | समस्त प्रविष्टियाँ अंग्रेजी भाषा में ही मान्य होंगी | |
| Step2. | आवेदन पत्र के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) करें | अंतिम तिथि 29/05/2013 |
| Step3. | आवेदन शुल्क जमा करने हेतु ई- चालान फॉर्म प्रिंट करें | अंतिम तिथि 29/05/2013 |
| Step4. | ई- चालान फॉर्म द्वारा आवेदन शुल्क जमा करना | अंतिम तिथि 30/05/2013 |
| Step5. | फोटो अपलोड करके आवेदन पत्र पूर्ण करें ** बिना फोटो अपलोड करे आवेदन अपूर्ण रहेगा एवं मान्य नहीं होगा । | अंतिम तिथि 03/06/2013 |
| Step6. | अपना भरा हुआ आवेदन पत्र प्रिंट करें/अपना भरा हुआ रजिस्ट्रेशन फार्म प्रिंट करें |
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शनिवार, 11 मई 2013
विकलांग बच्चों में भी खेल भावना का विकास करने हेतु जनपद में कम्युनिटी कोच प्रशिक्षण का शुभारंभ -
सामान्य बच्चों के साथ साथ विकलांग बच्चों में भी खेल भावना का विकास करने हेतु जनपद में कम्युनिटी कोच प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश वर्मा ने प्रशिक्षण में 50 प्रतिभागियों के बैच का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण में अध्यापक, व्यायाम शिक्षक, आई टी टीचर्स, स्टूडेंण्टस व एनजीओ सदस्यों ने भाग लिया।
स्पेशल ओलंम्पिक भारत एवं मिनिस्ट्री आफ यूथ अफेयर्स एण्ड स्पोर्टस गवर्नमेन्ट आफ इण्डिया के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामान्य बच्चों के साथ विकलांग बच्चों में भी खेल की भावना का विकास करना है।
प्रशिक्षण को प्रारंभ करने से पहले व्यायाम शिक्षक सुधीर कुशवाह ने ईश वंदना के साथ समस्त प्रतिभागियों का परिचय कराया। तत्पश्चात प्रशिक्षक संजीव कटियार ने स्पेशल ओलम्पिक खेलों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा बताया कि यह खेल दो भागों में वर्ष भर प्रतिदिन पूरे विश्व में कहीं न कहीं चलते रहते हैं। इसीलिए इसका नाम स्पेशल ओलम्पिक पड़ा। इसके मुख्य खेल वाची, बैडमिन्टन, एथलेटिक्स, टेबिल टेनिस, तैराकी, फुटबाल आदि हैं।
खेलों को अलग अलग विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को अलग अलग खेलों को आयोजित कराया जाता है। मास्टर ट्रेनर अनुपम शुक्ला ने विकलांगता का परिचय देते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। चमन शुक्ला ने स्काउट भावना को विकसित करने हेतु प्रेरणा गीत गाया। व्यायाम शिक्षक मनोज गौतम ने विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के लिए परिवेशीय खेलों एवं मनोरंजक खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। दो दिवसीय प्रशिक्षण अगले 12 मई तक जारी रहेगा।
बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में कान्वेंट स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले की कार्रवाई शुरू -
अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में कान्वेंट स्कूलों में गरीब के बच्चों के दाखिले की कार्रवाई शुरू हो गई है। दाखिले के आवेदन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। यह आवेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा होंगे।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की चिट्ठी आने के बाद शिक्षा विभाग ने आवेदन मांगे हैं। इसके तहत शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश से मान्यता प्राप्त गैर सरकारी स्कूल, सीबीएसई व आईसीएसई में कुल सीटों में से 25 फीसदी पर गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। इसका खर्च सरकार वहन करेगी। अल्पसंख्यक संस्था को इस परिधि से बाहर रखा गया है। बीएसए भगवत पटेल ने बताया कि शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले आवेदन कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
शुक्रवार, 10 मई 2013
वरिष्ठ सहायक/लिपिकों के पदोन्नति आदेश जारी -
श्री संजय सिन्हा, अपर शिक्षा निदेशक, बेसिक, उ0प्र0 द्वारा 09 वरिष्ठ सहायकों को कार्यालय अधीक्षक के पद पर पदोन्नति किया गया है, उक्त के साथ 66 वरिष्ठ लिपिकों को वरिष्ठ सहायकों के पदो पर पदोन्नति किया गया है।
उक्त आदेश में जनपद फरर्खाबाद के श्री सुमेष कुमार सिंह तोमर राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से कार्यालय जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में, श्री कमलेन्द्र पाल सिंह, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से राजकीय इण्टर कालेज फरर्खाबाद में पदोन्नति किया गया है। इसी तरह जनपद कन्नौज के श्री ब्रहमानन्द वर्मा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में पदोन्नति किया गया है।
उक्त आदेश में जनपद फरर्खाबाद के श्री सुमेष कुमार सिंह तोमर राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से कार्यालय जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में, श्री कमलेन्द्र पाल सिंह, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से राजकीय इण्टर कालेज फरर्खाबाद में पदोन्नति किया गया है। इसी तरह जनपद कन्नौज के श्री ब्रहमानन्द वर्मा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में पदोन्नति किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी श्री आई पी पाण्डेय का जनपद बस्ती के लिए स्थानांतरण -
मुख्य विकास अधिकारी श्री आई पी पाण्डेय का इसी पद पर जनपद बस्ती के लिए स्थानांतरण हो गया है। विगत 19 मई 2012 को जनपद में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले श्री आई पी पाण्डेय का कार्यकाल एक वर्ष में कुछ दिन ही कम रह गया। श्री पाण्डेय द्वारा मंगलवार तक चार्ज छोड़े जाने की संभावना है।
कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों मे दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य आवासीय ग्रीष्म शिविर का आयोजन -
राज्य परियोजना कार्यालय के आदेश दि0 08-05-2013 के द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों मे दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य आवासीय ग्रीष्म शिविर का आयोजन किये जाने के निर्देश जारी किये है।
जारी पत्र के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आ रहा है कि बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बालिकाओं का शतप्रतिशत नामाकंन नहीं हो रहा है। साथ ही यह भी प्रकाश में आया है कि कतिपय अपवंचित समूह की बालिकाओं की वांछित भागीदारी भी नहीं हो रही है।
उक्त तथ्यों को द़ृष्टिगत रखते हुए दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य ग्रीष्म शिविर की संकल्पना एवं कार्ययोजना निम्नवत है -
उददेश्य -
शिविर की दिनचर्या इस प्रकार होगी -
जारी पत्र के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आ रहा है कि बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बालिकाओं का शतप्रतिशत नामाकंन नहीं हो रहा है। साथ ही यह भी प्रकाश में आया है कि कतिपय अपवंचित समूह की बालिकाओं की वांछित भागीदारी भी नहीं हो रही है।
उक्त तथ्यों को द़ृष्टिगत रखते हुए दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य ग्रीष्म शिविर की संकल्पना एवं कार्ययोजना निम्नवत है -
उददेश्य -
- प्रत्यके कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय हेतु निर्धारित संख्या के अनुसार शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना।
- नामांकन से अपवंचित समूहों की बालिकाओं की तार्किक भागीदारी सुनिश्चित करना।
- अपवंचित समूह की 11 से 14 वय वर्ग की कभी भी नामांकित न हुई अथवा ड्राप आउट बालिकाओं में शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ाना तथा उन्हें विद्यालयों में पढ़ने के लिए प्रेरित करना।
- अपवंचित वर्ग के समुदाय को बालिका -शिक्षा के महत्व पर जागरूक करना।
- प्रत्येक कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय में आगामी शैक्षिक सत्र हेतु कक्षावार रिक्त संख्यानुसार 11 से 14 वय वर्ग की कभी भी नामांकित न हुई अथवा ड्राप आउट बालिकाऍ।
- 100 बालिकाओं की छात्र संख्या बाले विद्यालयों में अधिकतम 100 बालिकाओं तथा 50 बालिकाओं की छात्र सख्ंया वाले विद्यालयों की अधिकतम 50 बालिकाओं को शिविर में सम्मिलित अवश्य किया जाये।
- कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय की वार्डेन एवं अन्य शैक्षिक कर्मी
- सह समन्वयक- ब्लाक संसाधन केन्द्र
- समन्वयक-न्याय पंचायत समन्वयक
- सदस्य - विद्यालय प्रबन्ध समिति
- प्रतिनिधि - एन0जी0ओ0
- कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय जिस वार्ड अथवा ग्राम में संचालित है कि उसके सभासद/ग्राम प्रधान
शिविर की दिनचर्या इस प्रकार होगी -
बुधवार, 8 मई 2013
कक्षा 8 तक के स्कूलों को मान्यता की नई नीति जारी
उत्तर प्रदेश में नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक हिंदी तथा अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को मान्यता देने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने नई नीति जारी कर दी है। नई नीति में स्कूलों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर जहां रोक लगा दी गई है, वहीं राजनीतिक व गैर शैक्षिक कार्यक्रम को प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्कूल के बाहरी भाग को सफेद रंग से पेंट कराया जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। मान्यता के लिए आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 लागू होने की तिथि से तीन वर्ष के अंदर पुराने स्कूलों को नई शर्तें पूरी करनी होंगी। अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य होगा। अल्पसंख्यक स्कूलों पर यह शर्त लागू नहीं होगी।
नई मान्यता नीति के मुताबिक स्कूल भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार बनेंगे। स्कूल के शिक्षकों और कर्मियों को अग्निशमन उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार इन स्कूलों को कोई अनुदान नहीं देगी।
हिंदी मीडियम की मान्यता शर्तें
नर्सरी स्तर के स्कूलों के लिए दो कक्षाएं तथा प्राथमिक स्तर के लिए पांच कक्षाएं तथा यदि उच्च्च प्राथमिक स्कूल के लिए तीन अतिरिक्त कक्षाएं जरूरी होंगी। निजी भवन होने या 10 वर्ष की लीज या किराए वाले भवनों को मान्यता देने पर विचार किया जाएगा। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल के लिए प्रति छात्र 9 फीट तथा क्लास रूम का पूरा क्षेत्रफल 180 वर्ग फीट से कम नहीं होना चाहिए। प्रत्येक क्लास रूम में 20 बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रधानाध्यापक व स्टाफ के लिए अलग कमरा होगा। प्राथमिक स्कूलों की मान्यता के लिए बीएसए की अध्यक्षता में समिति होगी।
•स्कूलों का नहीं हो सकेगा अब व्यावसायिक इस्तेमाल
•राजनीतिक व गैर शैक्षिक कार्यक्रम पर रोक
•ऑनलाइन लिया जाएगा आवेदन
एडी बेसिक की अध्यक्षता में समिति बनेगी और बीएसए सदस्य सचिव व वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होगा। प्री-प्राइमरी से प्राइमरी तक के लिए 200 बच्चे और 7 क्लास रूम, प्राइमरी के लिए 150 बच्चे 5 क्लास रूम, प्री-प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल तक के लिए 275 बच्चे 10 क्लास रूम तथा प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल के लिए 225 बच्चे और 8 क्लास रूम होने चाहिए। पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्र की छात्र संख्या में कम हो सकती है। क्लास रूम हिंदी माध्यम की तरह ही बनाए जाएंगे। प्री-प्राइमरी से प्राइमरी के लिए 2000 और जूनियर हाईस्कूल के लिए मान्यता शुल्क 3000 रुपये देना होगा। स्कूल के सुरक्षित कोष में 10,000 रुपये रखना होगा और गारंटी 20,000 रुपये की देनी होगी।
मानक और शर्तों को पूरा करने वाले नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को बेसिक शिक्षा परिषद से स्थायी मान्यता के लिए दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। परिषद अब उन्हें तीन साल की अस्थायी मान्यता देगा। यदि स्कूल तीन साल तक सभी शर्तों और मानकों को पूरा करता है तो उसकी अस्थायी मान्यता को स्थायी मान लिया जाएगा। शासन ने यह भी तय किया है कि शर्तें पूरी न करने वाले स्कूल पर किसी किस्म का आर्थिक दंड नहीं लगाया जाएगा बल्कि उसकी मान्यता वापस ले ली जाएगी। मान्यता के लिए सभी स्कूलों का रंग सफेद होना चाहिए। खेल का मैदान न होने पर किसी स्कूल को मान्यता से वंचित नहीं किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी व हिंदी माध्यम के निजी नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को मान्यता देने के लिए मानक और शर्तों को संशोधित करते हुए बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
भौतिक संसाधन : विद्यालय सोसाइटी का निजी भवन होने या कम से कम 10 वर्ष तक किराये/लीज पर भवन उपलब्ध होने पर मान्यता पर विचार किया जा सकेगा। मान्यता के लिए प्रत्येक क्लासरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 180 वर्ग फीट होना चाहिए। प्रधानाध्यापक, कार्यालय और स्टाफ के लिए अलग-अलग कमरे होने चाहिए। छात्र-छात्रओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रलय व शौचालय होने चाहिए। स्कूल में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। अधिकतम दो वर्ष में स्कूल के रंग रोगन की व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षक : स्कूल में योग्यताधारी शिक्षक उपलब्ध होना जरूरी है। उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए हर कक्षा-कक्ष के लिए विज्ञान व गणित, सामाजिक अध्ययन व भाषा से संबंधित शिक्षक जरूर हों। बाल शिक्षा, शारीरिक शिक्षा तथा कार्यानुभव शिक्षा के लिए भी एक-एक शिक्षक होना चाहिए।
स्टेशनरी-कॉपियां खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे स्कूल
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से यह अपेक्षित होगा कि वे एनसीईआरटी या एससीईआरटी या बेसिक शिक्षा परिषद से अनुमोदित पाठ्यक्रम ही पढ़ायें। किसी खास तरह की स्टेशनरी खरीदने के लिए छात्रों पर दबाव न बनायें। न ही अभ्यास पुस्तिकाओं पर स्कूल का नाम मुद्रित कराकर खरीदने के लिए मजबूर किया जाए वर्ना ऐसे स्कूलों की मान्यता वापस ले ली जाएगी।
अंग्रेजी स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर मान्यता
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को मान्यता तभी मिलेगी जब स्कूल के कैचमेंट एरिया में न्यूनतम छात्र संख्या उपलब्ध हो सके। प्री-प्राइमरी व प्राइमरी के लिए न्यूनतम छात्र संख्या 200 (सात कक्षाएं) होगी।
डिग्री कॉलेजों में एडमिशन का शेड्यूल तय
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया एक जून से शुरू हो जाएगी जबकि एक जुलाई से पढ़ाई भी शुरू होगी। इस संबंध में यूनिवर्सिटी प्रशासन और डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल के बीच सहमति बन गई है। सत्र 2013-14 का प्रस्तावित शेड्यूल भी जारी हो गया है। इस बार 14 जिलों के लगभग 700 डिग्री कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जानी है।
आगामी शैक्षिक सत्र से डिग्री कॉलेजों में एडमिशन, एग्जाम फार्म और फीस जमा करने के संबंध में बुधवार को यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में सभी डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल की मीटिंग बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने की। मीटिंग में चर्चा के बाद सत्र 2013-14 से एडवांस डिग्री शुल्क वसूलने पर रोक लगाने का फैसला किया गया। यह फीस अब कॉलेज संचालक नहीं वसूल पाएंगे। संबंधित स्टूडेंट बैंक से टोकन लेंगे और उसके गोपनीय कोड, लॉगिन नेम के सहारे ऑनलाइन फार्म भरेंगे। निर्धारित तारीख पर जाकर यूनिवर्सिटी कैंपस से डिग्री प्राप्त कर लेंगे। एडमिशन से पहले सब्जेक्ट कांबिनेशन (किस सब्जेक्ट के साथ कौन सा सब्जेक्ट लेना है) तय करने की रणनीति भी बनी है।
ये है शेड्यूल
31 मई : एडमिशन कमेटी का गठन
1 जून: प्रवेश फार्मों की बिक्री शुरू
22 जून: एडमिशन की पहली मेरिट लिस्ट
30 जून: एडमिशन प्रक्रिया पूरी करने की आखिरी तारीख
1 जुलाई: डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू
16 जुलाई : सत्र 2013-14 के स्टूडेंट्स के ऑनलाइन एग्जामिनेशन फार्म भरने और एग्जाम फीस जमा करने की प्रक्रिया शुरू होगी
31 अगस्त : एग्जामिनेशन फार्म भरने और एग्जाम फीस जमा करने की आखिरी तारीख
15-31 अक्तूबर : स्टूडेंट्स के फोटो और हस्ताक्षर युक्त फार्म जमा होंगे
प्राथमिक शिक्षक बनाएंगे नगर क्षेत्र के राशनकार्ड
नगरीय क्षेत्र में नए सिरे से राशनकार्ड बनवाने का जिम्मा प्राथमिक शिक्षकों को सौंपा गया है। शिक्षक घर-घर जाकर राशनकार्डों का भौतिक सत्यापन करेंगे। जरूरत के मुताबिक एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय कार्ड बनाने की संस्तुति प्रदान करेंगे।
शहर क्षेत्र में जिलापूर्ति की 90 राशन की दुकानें हैं। प्रत्येक दुकान पर दो-दो शिक्षकों की ड्यूटी भौतिक सत्यापन के लिए लगाई गई है। इस कार्य को संपन्न कराने के लिए डीएसओ द्वारा शिक्षकों को प्रपत्र सौंप दिए गए हैं। शिक्षक घर-घर जाकर नए राशनकार्डों को बनाने तथा पुराने राशनकार्डों का नवीनीकरण करने के साथ ही कार्डों में यूनिट घटाने और बढ़ाने का कार्य करेंगे। शासन द्वारा एपीएल कार्ड का मूल्य 10 रुपया, बीपीएल का पांच और अंत्योदय राशनकार्ड निशुल्क बनाया जाएगा। यह राशि कर्मचारियों द्वारा नगद ली जाएगी। एक परिवार को एक ही राशनकार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को आधा यूनिट माना जाएगा। जिनकी वार्षिक आय करीब 26 हजार है उन्हें बीपीएल राशनकार्ड का लाभ उन्हीं को मिलेगा। अंत्योदय राशनकार्ड में ऐसे निर्धन परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास न तो पक्के मकान हैं और न ही कोई निश्चित रोजगार है।
दिनाक 08-05-2013 को आयोजित काउन्सलिंग में 126 के सापेक्ष 106 अभ्यर्थी उपसिथति -
दिनाक 08-05-2013 को आयोजित काउन्सलिंग में 126 के सापेक्ष 106 अभ्यर्थी उपसिथति -
आज कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फरखाबाद में अशंकालिक अनुदेशकों के रिक्त 126 पदों पर काउन्सलिंग की कार्यवाही सम्पन्न की गइ, उक्त के सापेक्ष 100 अभ्यर्थी ही उपसिथति हुए, 06 अभ्यर्थी दि0 30.06.2013 में से उपसिथति हुए। इस प्रकार अभी भी लगभग 20 पद रिक्त है, जिन पर परियोजना कार्यालय द्वारा जारी निर्देशानुसार अगिम कार्यवाही सम्पन्न की जायेगी।
मंगलवार, 7 मई 2013
अनुदेशक भर्ती में शासन हुआ गम्भीर -
श्री सुनील कुमार, प्रमुख सचिव, उ0प्र0शासन द्वारा अशंकालिक अनुदेशकों की भर्ती में कतिपय जनपदों में काउन्सलिंग के समय शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन ठीक से न करने तथा फर्जीवाडे़ की शिकायत मिलने से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कठोर निर्देश जारी किये गये है। उनके द्वारा जारी आदेश दि0 07.05.2013 के क्रम में जनपद के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये है कि अनुदेशक भर्ती में उनके शैक्षिकप्रशिक्षण प्रमाण पत्रों के सत्यापन व चयन में पूर्ण पादर्शिता बरती जाये, किसी भी स्तर पर शिकायत व शिकायत सही पाये जाने पर उस जनपद के अधिकारी पूर्ण रूप से दोषी होगें।
सोमवार, 6 मई 2013
रविवार, 5 मई 2013
अनुपस्थिति अभ्यर्थियों को मिलेगा दोबारा मौका, दि0 08-05-2013 को 126 पदों पर होगी पुन : काउन्सलिंग
जनपद फर्रूखाबाद में अशंकालिक अनुदेशकों के रिक्त 366 पदों पर दि0 30-04-2013 को काउन्सलिंग कराई गई थी, उक्त काउन्सलिंग में 274 अभ्यर्थी उपस्थिति हुए, जिसमें से 222 अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है, शेष 144 पदों पर पुन: काउन्सलिंग दि0 08-05-2013 को होना सुनिश्चित किया जा रहा है।
उपस्थिति 274 अभ्यर्थियो को शैक्षिणिक/प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों का सघन परीक्षण किया गया, जिसमें 50 अभ्यर्थियो के शैक्षिक प्रमाण पत्र शासनादेश में उल्लिखित शैक्षिक योग्यताओं से मेल नही खा रहे है, जिस कारण उन्हें अनर्ह की सूची में शामिल किया गया है।
रिक्त अवशेष पदों का विवरण इस प्रकार है -
1- कला शिक्षा हेतु - 53
2- शारीरिक शिक्षा हेतु - 31
3- कम्प्यूटर शिक्षा - 30
4- गृहशिल्प शिक्षा - 10
5- कृषि शिक्षा हेतु - 02
6- कृषि एवं फल सरंक्षण - 18 पद रिक्त है।
उद्यान एवं फल संरक्षण के पदों हेतु कोई भी अभ्यर्थी अर्ह नहीं पाया गया है, इसमें बी0एस0सी0 कृषि के साथ उद्यान एवं फल सरंक्षण में डिप्लोमा चाहा गया था। उक्त सभी पद रिक्त रहेगें।
इसके साथ कि कम्प्यूटर शिक्षा में बी0सी0ए0 या बी0एस0सी0 कम्प्यूटर साइन्स अथवा डोयेक से "ए" लेवल डिप्लोमा के अतिरिक्त कोई भी प्रमाण पत्र मान्य नही किया गया है। यहॉ तक राजकीय संस्थानों से प्राप्त डिप्लोमा व बीटेक कम्प्यूटर डिग्री/एम0सी0ए0 डिग्री को भी अमान्य किया गया है।
इसी प्रकार कला शिक्षा में मान्यता प्राप्त संस्थान आई0जी0डी0 बाम्बे के प्रमाण पत्र को भी बाहर रखा गया है।
उपस्थिति 274 अभ्यर्थियो को शैक्षिणिक/प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों का सघन परीक्षण किया गया, जिसमें 50 अभ्यर्थियो के शैक्षिक प्रमाण पत्र शासनादेश में उल्लिखित शैक्षिक योग्यताओं से मेल नही खा रहे है, जिस कारण उन्हें अनर्ह की सूची में शामिल किया गया है।
रिक्त अवशेष पदों का विवरण इस प्रकार है -
1- कला शिक्षा हेतु - 53
2- शारीरिक शिक्षा हेतु - 31
3- कम्प्यूटर शिक्षा - 30
4- गृहशिल्प शिक्षा - 10
5- कृषि शिक्षा हेतु - 02
6- कृषि एवं फल सरंक्षण - 18 पद रिक्त है।
उद्यान एवं फल संरक्षण के पदों हेतु कोई भी अभ्यर्थी अर्ह नहीं पाया गया है, इसमें बी0एस0सी0 कृषि के साथ उद्यान एवं फल सरंक्षण में डिप्लोमा चाहा गया था। उक्त सभी पद रिक्त रहेगें।
इसके साथ कि कम्प्यूटर शिक्षा में बी0सी0ए0 या बी0एस0सी0 कम्प्यूटर साइन्स अथवा डोयेक से "ए" लेवल डिप्लोमा के अतिरिक्त कोई भी प्रमाण पत्र मान्य नही किया गया है। यहॉ तक राजकीय संस्थानों से प्राप्त डिप्लोमा व बीटेक कम्प्यूटर डिग्री/एम0सी0ए0 डिग्री को भी अमान्य किया गया है।
इसी प्रकार कला शिक्षा में मान्यता प्राप्त संस्थान आई0जी0डी0 बाम्बे के प्रमाण पत्र को भी बाहर रखा गया है।
शनिवार, 4 मई 2013
विद्या ज्ञान परीक्षा का आयोजन दिनॉंक 05-05-2013 को -
जनपद फर्रूखाबाद में दिनॉंक 05-05-2013 को विद्या ज्ञान परीक्षा का आयोजन कराया जायेगा, इस हेतु जनपद में दो केन्द्रों का निर्धारण किया गया है। श्री नन्दलाल, जिला विद्यालय निरीक्षक जनपद फर्रूखाबाद के द्वारा भारतीय पाठशाला इण्टर कालेज, फर्रूखाबाद एवं सिटी गर्ल्स इण्टर कालेज, फर्रूखाबाद दो केन्द्र बनाये गये है। भारतीय पाठशाला इण्टर कालेज, फर्रूखाबाद में 813 बच्चे तथा सिटी गर्ल्स इण्टर कालेज, फर्रूखाबाद में 812 बच्चे परीक्षार्थी है। इस हेतु समस्त बच्चों को प्रवेश पत्र का वितरण कर दिया गया है। उक्त परीक्षा जिला विद्यालय निरीक्षक श्री नन्दलाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री भगवत पटेल व श्री अनिल कुमार शर्मा, जिला समन्वयक की देखरेख में सम्पन्न की जायेगी। आप अवगत हों कि शासन द्वारा परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 05 के बच्चों के लिए विद्या ज्ञान परीक्षा का आयोजन कराया जाता है, जिसमें मेधावी छात्रों का चयन कर उन्हें कक्षा 12 तक की बेहतर नि-शुल्क शिक्षा दी जाती है।
इस परीक्षा को शान्तिपूर्ण करने हेतु प्रति केन्द्र लगभग 19000/- की धनराशि का आवटंन किया गया है, जिसका उपभोग समस्त प्रकार की व्ययों में उपभोग किया जायेगा।
इस परीक्षा को शान्तिपूर्ण करने हेतु प्रति केन्द्र लगभग 19000/- की धनराशि का आवटंन किया गया है, जिसका उपभोग समस्त प्रकार की व्ययों में उपभोग किया जायेगा।
गुरुवार, 2 मई 2013
01 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त अध्यापकों के लिए पेंशन योजना -
आप अवगत है कि 01 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त अध्यापकों के लिए पेंशन योजना प्रारम्भ करने हेतु पूर्व में ही शासन द्वारा निर्देश जारी किये जा चुके है, उक्त के क्रम में ही वित्त नियन्त्रक, उ0प्र0बेसिक शिक्षा परिषद, इलाहाबाद द्वारा 01 अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त परिषदीय अध्यापकों/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए फार्म एस-1 चाहा गया है। जिस हेतु समस्त वित्त एवं लेखाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
वित्त नियन्त्रक महोदय द्वारा अवगत कराया गया है कि 56 जनपदों को एन0एस0डी0एल0(NSDL) से डी0डी0ओ0 सह डी0टी0ओ0 रजिस्ट्रेषन नम्बर आवटिंत किये जा चुके है, इन जनपदों के षिक्षकों कर्मचारियों के फार्म एस-1 भरवाकर रजिस्ट्रेषन किया जाना है। 56 जनपद जिनको एन0एस0डी0एल0 से पंजीकरण प्राप्त हो गया है, वह है :-
आगरा, मैनपुरी इलाहाबाद, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ, एटा, हाथरस, फतेहपुर, कौषाम्बी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया, मउ, बस्ती, सन्तकबीरनगर, सिद्धार्थ नगर, बरेली, बदायुं, शाहजहापुर, चित्रकूट, बहराइच, गोण्डा, श्रावस्ती, फैजाबाद, बाराबंकी, गोरखपुर, देवरिया, कुषीनगर, झासी, उरर्इ, ललितपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फरर्खाबाद, कन्नौज, लखनउ, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, मेरठ, बागपत, बुलन्दषहर, बिजनौर, चन्दौली, जौनपुर, गाजियाबाद, मिर्जापुर, सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफफरनगर, वनारस, महोबा, पीलीभीत, बांदा
अंशदायी पेंशन योजना के फार्म के लिए लिंक करें-
1- PRAN Registration Form(S-1)
2- Form No. (S-5)
3- Central-Government form (S-6)
वित्त नियन्त्रक महोदय द्वारा अवगत कराया गया है कि 56 जनपदों को एन0एस0डी0एल0(NSDL) से डी0डी0ओ0 सह डी0टी0ओ0 रजिस्ट्रेषन नम्बर आवटिंत किये जा चुके है, इन जनपदों के षिक्षकों कर्मचारियों के फार्म एस-1 भरवाकर रजिस्ट्रेषन किया जाना है। 56 जनपद जिनको एन0एस0डी0एल0 से पंजीकरण प्राप्त हो गया है, वह है :-
आगरा, मैनपुरी इलाहाबाद, मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ, एटा, हाथरस, फतेहपुर, कौषाम्बी, प्रतापगढ़, आजमगढ़, बलिया, मउ, बस्ती, सन्तकबीरनगर, सिद्धार्थ नगर, बरेली, बदायुं, शाहजहापुर, चित्रकूट, बहराइच, गोण्डा, श्रावस्ती, फैजाबाद, बाराबंकी, गोरखपुर, देवरिया, कुषीनगर, झासी, उरर्इ, ललितपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फरर्खाबाद, कन्नौज, लखनउ, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, मेरठ, बागपत, बुलन्दषहर, बिजनौर, चन्दौली, जौनपुर, गाजियाबाद, मिर्जापुर, सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफफरनगर, वनारस, महोबा, पीलीभीत, बांदा
अंशदायी पेंशन योजना के फार्म के लिए लिंक करें-
1- PRAN Registration Form(S-1)
2- Form No. (S-5)
3- Central-Government form (S-6)
बी0टी0सी0/वि0बी0टी0सी0 व उर्दू बी0टी0सी0 प्रवीणताधारी अभ्यर्थियों का ऑन लाइन विज्ञापन जारी-
जनपद के बेसिक स्कूलों में रिक्त 150 पदों पर शिक्षकों की भर्ती संबंधी विज्ञापन प्रकाशित कर दिया है।
शासनादेश के अनुसार बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और दो वर्षीय उर्दू प्रवीणताधारी अभ्यर्थी इन पदों के लिए पात्र होंगे। सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये और एससी-एसटी के लिए 200 रुपये तय किया है। निशक्त अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
समस्त कार्यवाही पूर्व शर्तो की भॉति सम्पन्न की जायेगी।
आवेदन हेतु शैक्षिक अर्हता - दो वर्षीय बी0टी0सी0/वि0बी0टी0सी0/दो वर्षीय बी0टी0सी0 उर्दू प्रवीणताधारी व टी0ई0टी0/सी0टी0ई0टी0 परीक्षा उत्तीर्ण
आयु सीमा - न्यूनतम 21 वर्ष अधिकतम 35 नियमानुसार आरक्षण के अनुसार छूट प्रदान की जायेगी। भूतपूर्व सैनिकों को नियमानुसार सम्पूर्ण सेवा अवधि वास्तविक आयु से घटाते हुए अधिकतम आयु सीमा 03 वर्ष से अधिक न हो, अर्थात वास्तविक आयु 62 वर्ष से अधिक न हो।
विशेष - कुछ दो वर्षीय बी0टी0सी0/वि0बी0टी0सी0/दो वर्षीय बी0टी0सी0 उर्दू प्रवीणताधारी जिन्हे विभागीय प्रक्रिया में नियुक्ति नहीं दी जा सकी है, उनके लिए अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के परन्तुक में दिये प्राविधानों के अनुसार उतने की छूट देय होगी, परन्तु किसी भी दशा में अधिकतम आयु 50से अधिक न होगी।
बेवसाइट के लिए लिंक करे - http://upbasiceduparishad.gov.in/
बुधवार, 1 मई 2013
श्री साहित्य कुमार कटियार, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा का स्थानान्तरण जनपद कानपुर -
श्री साहित्य कुमार कटियार, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा जनपद फर्रूखाबाद का स्थानान्तरण ई0एस0आई0 कानपुर नगर मे हो गया है, श्री साहित्य कुमार कटियार इस जनपद में 08 वर्ष 11 दिन कार्यरत रहे है, इनके द्वारा अपने कार्यकाल में शिक्षकों के हितों के प्रति संवेदनशील रहते हुए कार्य सम्पादित किये गये है। हम सभी बेसिक शिक्षा परिवार की ओर से उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाऍ देते है। नवागंतुक वित्त एवं लेखाधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह गौर के कार्यभार ग्रहण कर लिया गया है। यह जनपद लखनउ के बीज एवं उद्यान विभाग से स्थानान्तरित होकर आये है।
श्री साहित्य कुमार कटियार
मंगलवार, 30 अप्रैल 2013
अध्यापकों/शिक्षामित्रों को जून माह में करना होगा हाउस होल्ड सर्वे, शासनादेश जारी -
विगत कई वर्षो से हाउस होल्ड सर्वे जुलाई व अगस्त माह में कराया जाता रहा है, वर्तमान सत्र का हाउस होल्ड सर्वे का कार्य जून माह में कराया जायेगा। इस कार्य हेतु दिशा निर्देश जारी कर दिये गये है। राज्य परियोजना निदेशक, राज्य परियोजना कार्यालय निशातगंज लखनउ के जारी आदेश दि0 29-04-2013 द्वारा विस्तृत आदेश जारी किये गये है।
निर्धारित कार्यक्रम इस प्रकार है -
1-जनपद स्तर पर रणनीति का निर्धारण - 15 मई 2013 तक।
2- सर्वे प्रपत्रों का मुद्रण - 15 मई 2013 तक।
3- प्रपत्र भरने की कार्यशाला - 25 मई 2013 तक।
4- सर्वे की अवधि - 7 से 22 जून तक।
5-सर्वे का सकंलन - 23 जून तक।
6- न्याय पंचायत स्तर पर संकलन - 25 जून तक।
7- ब्लाक स्तर पर सकंलन - 30 जून तक।
8- जनपद स्तर पर संकलन - 10 जुलाई तक।
9-राज्य स्तर पर सकंलन - 25 जुलाई तक।
विदित कराना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने के उपरान्त 06-14 वय वर्ग के बच्चों को स्कूल न जाने वाले बच्चों को चिन्हीकरण किया जाता है। इस कार्य हेतु शिक्षकों/शिक्षामित्रों के अतिरिक्त आवश्यकतानुसार किसी स्वयंसेवी संगठन, सिविल डिफेन्स सोसाइटी व अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जा सकेगा।
हाउस होल्डसर्वे में पूर्व की भॉति जनपद के सभी अधिकारी/जिला समन्वयक, अध्यापक व शिक्षामित्र अपने- अपने दायित्वो का निर्वाहन करेगें। इस हेतु अध्यापक प्रत्येक विद्यालय में बालगणना रजिस्टर तैयार किया जायेगा, जिसमें सभी 06-14 वय वर्ग के बच्चों का पूर्ण विवरण अंकित रहेगा।
हाउस होल्ड सर्वे में विद्यालय प्रबन्ध समिति का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा कि कोई भी बच्चों छूटना नहीं चाहिए। इस सम्बन्ध में उन्हें यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना होगा।
पूर्ण शासनादेश पढने के लिए लिंक करें -
http://bsafarrukhabad2.blogspot.in/2013/04/2013-14.html
हाउस होल्ड सर्वे प्रपत्र के लिए लिंक करें -
366 अनुदेशक पदों के लिए 275 अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग
सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत 122 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 366 अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति के लिए कट आफ में शामिल 275 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई। काउंसलिंग में 91 अभ्यर्थी शामिल नहीं हुए।
जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में चयन समिति के अध्यक्ष डायट प्राचार्य नंदलाल की मौजूदगी में काउंसलिंग शुरू हुई। एक ही दिन में 366 अभ्यर्थियों को बुलाने से मारामारी जैसी स्थिति हो गई। इस पर समिति के सचिव बीएसए भगवत प्रसाद पटेल ने प्रमाणपत्रों की जांच को 5 काउंटर लगवाए, फिर भी शामिल तक लाइन लगी रही। बीएसए ने सभी पत्रवलियों का परीक्षण किया।
शारीरिक शिक्षा व खेलकूद अनुदेशक के 122 पदों के लिए 93, कला शिक्षा के लिए इतने ही पदों के लिए 89 अभ्यर्थी शामिल हुए। उद्यान व फल संरक्षण के 18 पदों में 12, गृहशिल्प के 43 पदों में 37, कंप्यूटर शिक्षा के 43 पदों में 28 व कृषि शिक्षा के 18 पदों में 16 अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराई। जिला समन्वयक प्रशिक्षण एसएन मिश्र के पास 4 आपत्तियां दाखिल हुईं।
गिरेगी मेरिट, एक अभ्यर्थी के 8 आवेदन : 7 हजार रुपये माह मानदेय वाले अंशकालिक अनुदेशकों की नियुक्ति के लिए कट आफ में शामिल कुछ अभ्यर्थियों के 8-8 आवेदन होने का मामला खुला है। मेरिट सूची में कला अनुदेशक के लिए मानवेंद्र गंगवार व प्रतिभा के 8-8 स्थानों पर नाम अंकित है। इन्होंने 8 आवेदन डाले थे। रजनी गंगवार का सूची में 6 बार नाम शामिल है। इससे मेरिट गिरनी तय है। 8 मई को छूटे हुए अभ्यर्थियों की काउंसलिंग होगी। इसके बाद रिक्त सीटों के लिए पुन: कट आफ जारी होगा।
सोमवार, 29 अप्रैल 2013
अशंकालिक अनुदेशकों की काउन्सलिंग दि0 30-04-2013 के सम्बन्ध में -
जनपद के 122 पू0मा0विद्यालयों के 366 अशंकालिक अनुदेशकों हेतु दि0 30-04-2013 को प्रात- 10 बजे से कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फर्रूखाबाद में प्रारम्भ होगी। जनपद में जारी कटऑफ के अन्तर्गत आने वाले अभ्यर्थियों को काउन्सलिंग का मौका मिलेगा। काउन्सलिंग में भाग लेने वाले अभ्यर्थियो की सूची कार्यालय में चस्पा कर दी जायेगी, केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मौका मिलेना। काउन्सलिंग के समय अभ्यर्थियों को निम्नांकित पत्राजातों की स्वहस्ताक्षरित छायाप्रतियां (दो सेट में) चयन समिति के समक्ष मूल अंक/प्रमाण पत्रों सहित उपस्थिति होना पडेगा -
1- ऑनलाइन आवेदन पत्र की कापी।
2- फीस जमा की चालान रसीद।
3- ऑन लाइन मेरिट सूची की कापी।
4- हाईस्कूल शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
5- इण्टरमीडिएट शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
6- स्नातक शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
7- प्रोफेशनल योग्यता का शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
8- मूल निवास प्रमाण पत्र।
9- जाति प्रमाण पत्र।
10- विशेष कैटेगरी सम्बन्धित प्रमाण पत्र।
11- दो पासपोर्ट फोटो।
काउन्सलिंग में प्रतिभाग करना चयन होने का आधार नहीं है। चयन रिक्त पदों के सापेक्ष चयन किया जायेगा।
1- ऑनलाइन आवेदन पत्र की कापी।
2- फीस जमा की चालान रसीद।
3- ऑन लाइन मेरिट सूची की कापी।
4- हाईस्कूल शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
5- इण्टरमीडिएट शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
6- स्नातक शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
7- प्रोफेशनल योग्यता का शैक्षिक अंकपत्र एवं प्रमाण पत्र।
8- मूल निवास प्रमाण पत्र।
9- जाति प्रमाण पत्र।
10- विशेष कैटेगरी सम्बन्धित प्रमाण पत्र।
11- दो पासपोर्ट फोटो।
काउन्सलिंग में प्रतिभाग करना चयन होने का आधार नहीं है। चयन रिक्त पदों के सापेक्ष चयन किया जायेगा।
रविवार, 28 अप्रैल 2013
नई व्यवस्था के अन्तर्गत बच्चों को नि:ड्रेस का वितरण जुलाई माह में -
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के बच्चों को दी जानी वाली ड्रेस में धांधली रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत एक लाख रुपये से अधिक की ड्रेस खरीद के लिए टेंडर कराया जाएगा। यही नहीं अब सभी भुगतान एकाउंटपेयी चेक के माध्यम से किया जाएगा। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक अमृता सोनी ने आदेश जारी कर दिया है। आदेश के मुताबिक बच्चों को 23 से 31 जुलाई के बीच अभियान चलाकर ड्रेस बांटी जाएगी, ताकि प्रदेश में एक ही तिथि पर बच्चों को एक साथ ड्रेस मिल सके।
राज्य परियोजना निदेशक, राज्य परियोजना कार्यालय, लखनउ ने अपने आदेश दि0 26-04-2013 को विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये है, इसके तहत सभी वर्ग की बालिकाओं, अनुसूचित जाति/अनु0जनजाति तथा गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार के बालकों को नि-शुल्क यूनीफार्म के 02 सेट उपलब्ध कराये जाने सम्बन्धी दिशा निर्देश जारी किये है। नि-शुल्क यूनीफार्म की प्रति यूनिट 200 की दर से कुल 400/- अनुमन्य होगी।
राजकीय/सहायतित माध्यमिक विद्यालयों मे यह धनराशि उक्त विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सख्ंया के आधार पर उनकी मॉग के अनुसार यथा स्थिति विद्यालय विकास एवं प्रबन्ध समिति के खाते/ विद्यालय प्रबन्ध द्वारा सूचित सम्बन्धित विद्यालय के खाते में चेक से उपलब्ध कराई जायेगी, जिसके उपभोग का प्रमाण पत्र उक्त विद्यालयो को उपलब्ध कराना होगा।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत बच्चों को दो सेट ड्रेस देने की व्यवस्था है। स्कूलवार छात्र संख्या उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारियों की होगी। बच्चों को ड्रेस देने के लिए 15 से 31 मई तक ड्रेस की नाप स्कूलों में कराई जाएगी। 15 जून से 14 जुलाई तक इसका क्रय किया जाएगा। 15 जुलाई का सभी स्कूलों में ड्रेस पहुंचा दी जाएगी। 22 जुलाई को इसका सत्यापन कराया जाएगा और 23 से 31 जुलाई के बीच इसे बांट दिया जाएगा।
शनिवार, 27 अप्रैल 2013
सचिव,परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने टीईटी 2013 अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जारी किये Help Line No.
बीटीसी और बीएड के वही अभ्यर्थी TET2013 में आवेदन कर सकते हैं जो बीटीसी या शिक्षामित्र की परीक्षा पास कर चुके हैं। वह अभ्यर्थी टीईटी में आवेदन नहीं कर सकेंगे जो दूसरे, तीसरे या चौथे सेमेस्टर के अभ्यर्थी हैं।
इसी प्रकार से बीएड डिग्रीधारक प्राथमिक टीईटी के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे बल्कि यह लोग जूनियर टीईटी के लिए आवेदन आन लाइन कर सकेंगे।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी श्रीमती नीना श्रीवास्तव ने शनिवार को अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए दो टेलीफोन नंबर जारी किये गये हैं।
1- टेलीफोन नंबर 0532-2466761
2- टेलीफोन नंबर 0532-2466769
1- टेलीफोन नंबर 0532-2466761
2- टेलीफोन नंबर 0532-2466769
10,800 शिक्षकों की भर्ती का शासनादेश जारी....
सूबे के बेसिक स्कूलों में दस हजार आठ सौ शिक्षकों की भर्ती संबंधी शासनादेश जारी कर दिया है। इसके लिए तीन मई को जिलेवार विज्ञापन जारी किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करने की तैयारी है। यह शासनादेश प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने अपने आदेश दि0 26 अप्रैल 2013 के द्वारा जारी किया।
शासनादेश के अनुसार बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और दो वर्षीय उर्दू प्रवीणताधारी अभ्यर्थी इन पदों के लिए पात्र होंगे। तीन मई को जिलेवार पूरे प्रदेश में एक साथ विज्ञापन जारी होगा। एक हफ्ते बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। आवेदन के लिए 21 दिन का मौका दिया जाएगा। फार्म भरने की अंतिम तिथि केएक सप्ताह बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये और एससी-एसटी के लिए 200 रुपये तय किया है। निशक्त अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
समस्त कार्यवाही पूर्व शर्तो की भॉति सम्पन्न की जायेगी। जनपद फर्रूखाबाद में 150 पद रिक्त है।
आवेदन हेतु शैक्षिक अर्हता - दो वर्षीय बी0टी0सी0/वि0बी0टी0सी0/दो वर्षीय बी0टी0सी0 उर्दू प्रवीणताधारी व टी0ई0टी0/सी0टी0ई0टी0 परीक्षा उत्तीर्ण
आयु सीमा - न्यूनतम 21 वर्ष अधिकतम 35 नियमानुसार आरक्षण के अनुसार छूट प्रदान की जायेगी। भूतपूर्व सैनिकों को नियमानुसार सम्पूर्ण सेवा अवधि वास्तविक आयु से घटाते हुए अधिकतम आयु सीमा 03 वर्ष से अधिक न हो, अर्थात वास्तविक आयु 62 वर्ष से अधिक न हो।
विशेष - कुछ दो वर्षीय बी0टी0सी0/वि0बी0टी0सी0/दो वर्षीय बी0टी0सी0 उर्दू प्रवीणताधारी जिन्हे विभागीय प्रक्रिया में नियुक्ति नहीं दी जा सकी है, उनके लिए अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के परन्तुक में दिये प्राविधानों के अनुसार उतने की छूट देय होगी, परन्तु किसी भी दशा में अधिकतम आयु 50से अधिक न होगी।
शासनादेश के अनुसार बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी और दो वर्षीय उर्दू प्रवीणताधारी अभ्यर्थी इन पदों के लिए पात्र होंगे। तीन मई को जिलेवार पूरे प्रदेश में एक साथ विज्ञापन जारी होगा। एक हफ्ते बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। आवेदन के लिए 21 दिन का मौका दिया जाएगा। फार्म भरने की अंतिम तिथि केएक सप्ताह बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये और एससी-एसटी के लिए 200 रुपये तय किया है। निशक्त अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
समस्त कार्यवाही पूर्व शर्तो की भॉति सम्पन्न की जायेगी। जनपद फर्रूखाबाद में 150 पद रिक्त है।
आवेदन हेतु शैक्षिक अर्हता - दो वर्षीय बी0टी0सी0/वि0बी0टी0सी0/दो वर्षीय बी0टी0सी0 उर्दू प्रवीणताधारी व टी0ई0टी0/सी0टी0ई0टी0 परीक्षा उत्तीर्ण
आयु सीमा - न्यूनतम 21 वर्ष अधिकतम 35 नियमानुसार आरक्षण के अनुसार छूट प्रदान की जायेगी। भूतपूर्व सैनिकों को नियमानुसार सम्पूर्ण सेवा अवधि वास्तविक आयु से घटाते हुए अधिकतम आयु सीमा 03 वर्ष से अधिक न हो, अर्थात वास्तविक आयु 62 वर्ष से अधिक न हो।
विशेष - कुछ दो वर्षीय बी0टी0सी0/वि0बी0टी0सी0/दो वर्षीय बी0टी0सी0 उर्दू प्रवीणताधारी जिन्हे विभागीय प्रक्रिया में नियुक्ति नहीं दी जा सकी है, उनके लिए अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के परन्तुक में दिये प्राविधानों के अनुसार उतने की छूट देय होगी, परन्तु किसी भी दशा में अधिकतम आयु 50से अधिक न होगी।
शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013
अशंकालिक अनुदेशकों की विषयवार मदर सूची व रिजेक्ट सूची का विवरण -
जनपद फर्रूखाबाद में अभ्यिर्थयों की सुविधा के लिए अशंकालिक अनुदेशकों की ऑन लाइन आवेदन सूची विषयवार मदर सूची जारी की जा रही है, जिसका विवरण निम्नवत है -
अभ्यर्थी ध्यान दें निम्न सूची सम्पूर्ण सूची है, इसे चयन का आधार न माने। चयन सीटों के आधार पर आरक्षणवार किया जायेगा।
अभ्यर्थी ध्यान दें निम्न सूची सम्पूर्ण सूची है, इसे चयन का आधार न माने। चयन सीटों के आधार पर आरक्षणवार किया जायेगा।
जनपद का कटऑफ विवरण -
कृषि शिक्षा हेतु अभ्यर्थियों की सूची -
कला शिक्षा हेतु अभ्यर्थियों की सूची -
उद्यान एवं फल सरंक्षण शिक्षा हेतु अभ्यर्थियों की सूची -
कम्प्यूटर शिक्षा हेतु अभ्यर्थियों की सूची -
ग़ृहशिल्प व कला शिक्षा हेतु अभ्यर्थियों की सूची -
शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा हेतु अभ्यर्थियों की सूची -
अनर्ह अभ्यर्थियों की सूची -
आयु की गणना 01-07-2012 के अनुसार की गई है।
कृपया अपनी रैंक देखने के लिए लिंक करें -
http://upbasiceduparishad.gov.in/ptet_registered.aspx?a=m
कृपया अपनी रैंक देखने के लिए लिंक करें -
http://upbasiceduparishad.gov.in/ptet_registered.aspx?a=m
टीईटी के लिए स्नातक में 50 प्रतिशत जरूरी नहीं
अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में बीटीसी डिग्रीधारकों के लिए स्नातक में 50 प्रतिशत अंकों की शर्त समाप्त कर दी गई है। अब स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले बीटीसी, डीएडधारक भी आवेदन कर सकेंगे।
विभागीय जानकारों के अनुसार 2001 से पहले प्रदेश में बीटीसी में प्रवेश के लिए परीक्षा होती थी। बाद में मेरिट की व्यवस्था की गई जिसमें स्नातक में 50 प्रतिशत अंक की बाध्यता कर दी गई। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ने भी अपने नियमों में स्नातक में 50 प्रतिशत से कम अंकों की छूट दे रखी है। शासनादेश के अनुसार यदि कोई अभ्यर्थी केवल भाषा शिक्षक के लिए टीईटी करना चाहता है तो वह सिर्फ एक भाषा के लिए टीईटी दे सकेगा। यदि कोई उर्दू केलिए फार्म भर देता है तो वह अन्य किसी भाषा के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा। शासन ने मंडल मुख्यालय से 15 किमी दूर भी परीक्षा केंद्र बनाने की अनुमति दे दी है।
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