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गुरुवार, 23 मई 2013
बुधवार, 22 मई 2013
'प्रशिक्षित टीचरों को ही मिले पढ़ाने का अधिकार - सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि स्कूलों में पढ़ाने का अधिकार सिर्फ प्रशिक्षित टीचरों के पास ही है।
राज्य में बिना शैक्षिक योग्यता को आधार बनाए एड हॉक प्राइमरी टीचरों की भर्ती करने के मामले में सर्वोच्च अदालत ने गुजरात सरकार से जवाब तलब करते हुए यह टिप्पणी की।
जस्टिस बीएस चौहान और दीपक मिश्रा की बेंच ने इस तरह के सिस्टम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के कदम से पूरा शिक्षा तंत्र बर्बाद हो रहा है और इस प्रदूषित एप्रोच को किसी भी हालत में अनुमति नहीं दी जा सकती।
राज्य के प्राइमरी स्कूलों में ‘विद्या सहायक’ की नियुक्ति के मामले में गुजरात सरकार की याचिका पर कोर्ट सुनवाई कर रही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से उन सभी नियमों की जानकारी मांगी है, जिसके तहत इन एड हॉक टीचरों की भर्ती की गई है।
साथ ही उसने स्थायी टीचरों और अस्थायी की विस्तृत जानकारी वाला तुलनात्मक चार्ट भी मांगा है, जिसमें उनकी शैक्षिक योग्यता और वेतन की जानकारी शामिल हो।
बेंच ने कहा, ‘प्रशिक्षित टीचरों द्वारा ही शिक्षा दी जानी चाहिए। आपको विद्या सहायक से संबंधित चयन प्रक्रिया, शैक्षिक योग्यता, कार्यकाल और अन्य जानकारी विस्तृत रूप से देनी होगी।’
सोमवार को हुई अंतिम सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने प्राइमरी स्कूलों में एड हॉक नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस तरह की नीतियों से पूरा शिक्षा तंत्र और देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
बेंच ने कहा, ‘आप इस तरह की नीतियों को कैसे लागू कर सकते हैं जबकि भारतीय संविधान में अनुच्छेद-21ए मौजूद है। यह चौंकाने वाला है। यूपी में इस तरह की नियुक्तियां हो रही हैं। ये शिक्षा सहायक शिक्षा शत्रु हैं।’
राज्य में बिना शैक्षिक योग्यता को आधार बनाए एड हॉक प्राइमरी टीचरों की भर्ती करने के मामले में सर्वोच्च अदालत ने गुजरात सरकार से जवाब तलब करते हुए यह टिप्पणी की।
जस्टिस बीएस चौहान और दीपक मिश्रा की बेंच ने इस तरह के सिस्टम पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के कदम से पूरा शिक्षा तंत्र बर्बाद हो रहा है और इस प्रदूषित एप्रोच को किसी भी हालत में अनुमति नहीं दी जा सकती।
राज्य के प्राइमरी स्कूलों में ‘विद्या सहायक’ की नियुक्ति के मामले में गुजरात सरकार की याचिका पर कोर्ट सुनवाई कर रही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से उन सभी नियमों की जानकारी मांगी है, जिसके तहत इन एड हॉक टीचरों की भर्ती की गई है।
साथ ही उसने स्थायी टीचरों और अस्थायी की विस्तृत जानकारी वाला तुलनात्मक चार्ट भी मांगा है, जिसमें उनकी शैक्षिक योग्यता और वेतन की जानकारी शामिल हो।
बेंच ने कहा, ‘प्रशिक्षित टीचरों द्वारा ही शिक्षा दी जानी चाहिए। आपको विद्या सहायक से संबंधित चयन प्रक्रिया, शैक्षिक योग्यता, कार्यकाल और अन्य जानकारी विस्तृत रूप से देनी होगी।’
सोमवार को हुई अंतिम सुनवाई में सर्वोच्च अदालत ने प्राइमरी स्कूलों में एड हॉक नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इस तरह की नीतियों से पूरा शिक्षा तंत्र और देश का भविष्य बर्बाद हो रहा है।
बेंच ने कहा, ‘आप इस तरह की नीतियों को कैसे लागू कर सकते हैं जबकि भारतीय संविधान में अनुच्छेद-21ए मौजूद है। यह चौंकाने वाला है। यूपी में इस तरह की नियुक्तियां हो रही हैं। ये शिक्षा सहायक शिक्षा शत्रु हैं।’
मंगलवार, 21 मई 2013
अंशकालिक अनुदेशकों को काउन्सलिंग हेतु अन्तिम मौका : -
परिषदीय उ0प्राथमिक विद्यालयों में अशंकालिक अनुदेशकों की काउन्सलिंग दि0 30-04-13 एवं 08-05-13 को कराई गई है, कतिपय जनपदों के अभ्यर्थियों द्वारा राज्य परियोजना कार्यालय लखनउ में यह शिकायत दर्ज कराई है कि काउन्सलिंग हेतु जानकारी नहीं मिल सकी, जिस कारण वह काउन्सलिंग में प्रतिभाग नहीं कर सके। उक्त को दृषिटगत रखते हुए डा0 मीना शर्मा, अपर परियोजना निदेशक द्वारा अपने आदेश दि0 21-05-13 में अभ्यर्थियों को अन्ितम मौका प्रदान करते हुए दि0 31-05-2013 को काउन्सलिंग कराने के निर्देश जारी किये गये है, इनमें वह सभी अभ्यर्थी भाग ले सकते है, जो प्रथम व द्वितीय काउन्सलिंग में अनुपस्िथति रहे तथा रिक्त पदों के सापेक्ष अन्य अभ्यर्थियों को भी मौका मिलेगा। इस हेतु 04 जून तक आनलाइन नियुकित पत्र जारी करने के निर्देश भी है। तृतीय काउन्सलिंग हेतु कटआफ को दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित किया जायेगा।
सोमवार, 20 मई 2013
शिक्षा के लिए घातक तदर्थ नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ये शिक्षा सहायक हैं या शिक्षा शत्रु
• कोर्ट ने ऐसी नियुक्तियों पर जताई नाराजगी
राज्यों में समुचित योग्यता के बगैर ही प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की तदर्थ नियुक्तियों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस तरह की नीतियां समूची शिक्षा व्यवस्था और देश के भविष्य को ही चौपट कर रही हैं।
जस्टिस बीएस चौहान और जस्टिस दीपक मिश्र की पीठ ने इस व्यवस्था से असहमति व्यक्त करते हुए जानना चाहा कि शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद इस नीति को कैसे आगे बढ़ाया जा सकेगा। पीठ ने गुजरात के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा सहायक की नियुक्ति से संबंधित मामले में राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि हम ऐसे शिक्षकों की योग्यता के बारे में जानना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे शिक्षकों की योग्यता और नियुक्तियों से संबंधित विवरण तैयार करने का राज्य सरकार को निर्देश देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21ए के अस्तित्व में आने के बाद आप इस तरह की नीति कैसे बना सकते हैं। इस तरह की नीति से अदालत भी आश्चर्यचकित है।
उत्तर प्रदेश में भी इस तरह की नियुक्तियां की गई हैं। ये शिक्षा सहायक हैं या शिक्षा शत्रु हैं। अदालत ने कहा कि कई राज्यों में प्राथमिक शिक्षकों की तदर्थ नियुक्तियां की जा रही हैं और इसके लिए उन्हें नियमित शिक्षकों की तुलना में एक चौथाई कम वेतन मिलता है।पीठ ने कहा कि जब हमने अनुच्छेद 21ए पर अमल कर लिया है तो फिर क्या हम इस व्यवस्था को अनुमति दे सकते हैं? हमारी चिंता शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर है। बच्चों को दी जा रही शिक्षा के प्रति अदालत काफी गंभीर हैं। हम समुचित योग्यता नहीं रखने वालों को तदर्थ शिक्षक नियुक्त करके पूरी शिक्षा व्यवस्था को ही चौपट कर रहे हैं।
शिक्षक उन्नयन गोष्ठी में अच्छा कार्य करने वाले शिक्षक सम्मानित
भीषण गर्मी में एक शीतगृह में शिक्षक उन्नयन गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने अच्छा काम करने वाले शिक्षकों को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।
इस दौरान भीषण गर्मी में पानी और पंखे की व्यवस्था न होने से प्रधानाध्यापक कश्मीर सिंह यादव की खंड शिक्षाधिकारी सुमित कुमार से नोकझोंक होने लगी।
बेसिक शिक्षा अधिकारी भगवत प्रसाद पटेल ने शिक्षक शिक्षिकाओं को कर्तव्यनिष्ठा एवं समय पालन की शपथ दिलाई। शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों को शैक्षिक गुणवत्ता, विद्यालय के रखरखाव को दुरुस्त रखने को प्रेरित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिए ब्लाक से चयनित पांच शिक्षक शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। राजेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से बैनर लगाया गया। कई शिक्षक नेता कार्यक्रम को संबोधित करने की फिराक में रहे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल सका। शिक्षक अभिप्रेरण कार्यशाला में पेयजल व पंखों की समुचित व्यवस्था न होने से अध्यापक-अध्यापिकाएंगर्मी से बेहाल रहे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी भगवत प्रसाद पटेल ने शिक्षक शिक्षिकाओं को कर्तव्यनिष्ठा एवं समय पालन की शपथ दिलाई। शिक्षा अधिकारियों ने शिक्षकों को शैक्षिक गुणवत्ता, विद्यालय के रखरखाव को दुरुस्त रखने को प्रेरित किया। उत्कृष्ट कार्य के लिए ब्लाक से चयनित पांच शिक्षक शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। राजेश प्रताप सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से बैनर लगाया गया। कई शिक्षक नेता कार्यक्रम को संबोधित करने की फिराक में रहे, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिल सका। शिक्षक अभिप्रेरण कार्यशाला में पेयजल व पंखों की समुचित व्यवस्था न होने से अध्यापक-अध्यापिकाएंगर्मी से बेहाल रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि जुलाई से पहले ड्रेसें और किताबें आ जाएंगी। बीएसए ने अच्छा कार्य करने वाले शिक्षक राकेश कुमार, प्रहलाद सिंह, नीरजा बाथम, रिषी वर्मा, जबर सिंह, गुलफाम और सीमा पथरिया को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया। उप बेसिक शिक्षा अधिकारी जगरूप शंखवार, बीईओ पोप सिंह, हेमलता, ज्ञानप्रकाश अवस्थी, डीसी एसएन मिश्र, सुनील कटियार, सह समन्वयक पियूष कटियार, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
अशंकालिक अनुदेशकों के नियुकित पत्र आनलाइन जारी होगें :-
अशंकालिक अनुदेशकों के नियुकित पत्र आन लाइन जारी किये जायेगें, इसके लिए चयनित अभ्यर्थियों को 10 दिन के अन्दर कार्यभार ग्रहण करना होगा, नियुकित के साथ अनुदेशक का सर्विस कान्टेक्ट भराया जायेगा, जो 11 महीने के लिए रू0 7000 पर मान्य होगा। साथ ही उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी कराया जायेगा, यदि कोइ प्रमाण पत्र फर्जी/कूटरचित पाया जायेगा, तो उसकी संविदा समाप्त करते हुए उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
इस सम्बन्ध में राज्य परियोजना कार्यालय , लखनउ ने दि0 20.05.13 को दिशा निर्देश जारी कर दिये है। पूर्व की भाति डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से आनलार्इन नियुकित पत्र जारी किये जायेगें, इस सम्बन्ध में जारी दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से दी जायेगी। आनलाइन कम्प्यूटर पर चयनित अनुदेशकों के सम्मुख डिस्पैच नम्बर व दिनांक सहित विधालय व विकासक्षेत्र का पूर्ण विवरण अंकित किया जायेगा, जिसे डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से सत्यापित करने के उपरान्त आनलाइन प्राप्त किये जायेगें, चयनित अनुदेशकों को 01 जुलाइ से अपना कार्य प्रारम्भ करना होगा।
इस सम्बन्ध में राज्य परियोजना कार्यालय , लखनउ ने दि0 20.05.13 को दिशा निर्देश जारी कर दिये है। पूर्व की भाति डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से आनलार्इन नियुकित पत्र जारी किये जायेगें, इस सम्बन्ध में जारी दैनिक समाचार पत्रों के माध्यम से दी जायेगी। आनलाइन कम्प्यूटर पर चयनित अनुदेशकों के सम्मुख डिस्पैच नम्बर व दिनांक सहित विधालय व विकासक्षेत्र का पूर्ण विवरण अंकित किया जायेगा, जिसे डिजिटल सिग्नेचर के माध्यम से सत्यापित करने के उपरान्त आनलाइन प्राप्त किये जायेगें, चयनित अनुदेशकों को 01 जुलाइ से अपना कार्य प्रारम्भ करना होगा।
रविवार, 19 मई 2013
मा0मुख्यमन्त्री के सम्भावित दौरे में 500 शिक्षकों की लगेगी डयूटी-
25 मई को मुख्यमंत्री क्रिश्चियन इंटर कालेज के मैदान पर छात्र.छात्राओं को लैपटाप बांटने आ रहे हैं, जिसको दृषिटगत रखते हुए प्रशासन द्वारा कम से कम 500 शिक्षकों की सूची चाही गइ है, जिन्हें व्यवस्थाओं में लगाया जा सकता है। जिला विधालय निरीक्षक श्री नन्दलाल द्वारा उक्त कार्यक्रम को सफल करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिक्षकों की सूची मागी है।
उ0प्र0शासन द्वारा लैपटाप वितरण सम्बन्धी पूर्ण जानकारी के लिए बेवसाइट संचालित की जा रही है, जिसमें लाभार्थी नामवार व विधालयवार सूची को देख सकते है :-
बेवसाइट के लिए लिंक करें -
http://uplaptop-tabletdistribution.in/portal/uplc/Home/Search+Beneficiary/BeneficiarySearchPortletWindow?action=e&windowstate=normal&javax.faces.portletbridge.STATE_ID=600969e9-d5ea-4f1a-b1b3-2064695bd2b1%3Aview%3Ad6e94316-b1f1-441a-b58a-f2d83285863c&mode=view
लो हो गई छुटिटयॉ, आ गया खेलने, घूमने का मौसम -
छुट्टी आई, छुट्टी आई,
और बहुत सी खुशियां लाई।
टीना, मीना, झीना आईं,
मिलकर खाई खूब मिठाई।
उन्होंने मिलकर खेले खेल।
टीना-मीना हो गईं फेल।
छुट्टी आई, छुट्टी आई,
मम्मी ने की खूब पिटाई।
छुट्टी आई, छुट्टी आई,
बंटी-बबली गए ननिहाल,
गर्मी ने कर दिया बेहाल।
मिलकर वे गए पिक्चरहॉल,
स्नेह पाकर हुए निहाल।
मुख्यमंत्री के 25 के कार्यक्रम को लेकर तैयारी शुरू -
25 मई को मा0 मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव और श्री मुलायम सिंह का जनपद में कार्यक्रम प्रस्तावित है। सूबे के मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव के 25 मई के संभावित दौरे को लेकर क्रिश्चियन इंटर कालेज में तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट और पीडब्लूडी के एई ने मौके पर पहुंचकर मैदान का निरीक्षण किया और नापजोख कराई। सफाई कर्मचारियों से सफाई व्यवस्था करने के लिए कहा है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि अभी तक उनका जिला मुख्यालय पर लिखित में कोई कार्यक्रम नहीं आया है।
25 मई को मुख्यमंत्री क्रिश्चियन इंटर कालेज के मैदान पर छात्र-छात्राओं को लैपटाप बांटने आ रहे हैं। उनका संकिसा में भी दौरा निर्धारित है। वह संकिसा में बुद्ध पूर्णिमा समारोह में शिरकत करने के साथ ही शहर के क्रिश्चियन कालेज में लैपटाप वितरित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रभारी अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। इन्हें व्यवस्थाओं का भी बंटवारा भी कर दिया गया। यह काम देर शाम तक कलेक्ट्रेट में चलता रहा। एडीएम केके सिंह ने बताया कि तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
25 मई को मुख्यमंत्री क्रिश्चियन इंटर कालेज के मैदान पर छात्र-छात्राओं को लैपटाप बांटने आ रहे हैं। उनका संकिसा में भी दौरा निर्धारित है। वह संकिसा में बुद्ध पूर्णिमा समारोह में शिरकत करने के साथ ही शहर के क्रिश्चियन कालेज में लैपटाप वितरित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रभारी अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। इन्हें व्यवस्थाओं का भी बंटवारा भी कर दिया गया। यह काम देर शाम तक कलेक्ट्रेट में चलता रहा। एडीएम केके सिंह ने बताया कि तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
शनिवार, 18 मई 2013
माध्यमिक शिक्षकों को भी ई-पेमेंट से वेतन
वेतन भुगतान के मामले में माध्यमिक शिक्षकों की प्रबंध तंत्र पर निर्भरता अब सीमिति होने जा रही है। परिषदीय अध्यापकों की तरह माध्यमिक में भी ई-पेमेंट से सीधे शिक्षकों के बैंक खातों में वेतन भुगतान की कार्रवाई शुरू हो गई है।
प्रमुख सचिव सुनील कुमार के इस संबंध में निर्देश प्राप्त हो गए हैं। अब समस्त सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों द्वारा एनआईसी/ यूपी डेस्को द्वारा विकसित पैकेज पर वेतन बिल तैयार किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल व वित्त एवं लेखाधिकारी जैन बाबू कुशवाहा ने बताया कि शासनादेश के अनुक्रम में कार्रवाई की जाएगी। एक हजार शिक्षक लाभांवित होंगे।
प्रमुख सचिव सुनील कुमार के इस संबंध में निर्देश प्राप्त हो गए हैं। अब समस्त सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों द्वारा एनआईसी/ यूपी डेस्को द्वारा विकसित पैकेज पर वेतन बिल तैयार किया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक नंदलाल व वित्त एवं लेखाधिकारी जैन बाबू कुशवाहा ने बताया कि शासनादेश के अनुक्रम में कार्रवाई की जाएगी। एक हजार शिक्षक लाभांवित होंगे।
मुख्य विकास अधिकारी श्री सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने कार्यभार सम्भाला
मुख्य विकास अधिकारी श्री सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने शनिवार को जिला मुख्यालय पहुंच कार्यभार संभाल लिया। वह इससे पहले लखनऊ में राष्ट्रीय ग्रामीण पाइप पेयजल योजना में ज्वाइंट डायरेक्टर पद पर तैनात थे। उनकी पहली तैनाती बरेली के ब्लाक मरोरी खेड़ा में बीडीओ के पद पर हुई थी। वह बदायूं, मैनपुरी, लखनऊ में बीडीओ रहे। इसके बाद डीडीओ बाराबंकी रहे। उन्होंने बताया कि लोहिया गांव में विकास कार्यो के साथ शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में पारदर्शिता से काम कराना उद्देश्य है।
पदोन्नति के सम्बन्ध में दिशा निर्देश जारी -
श्री भगवत पटेल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आज दि0 18-05-2013 को अध्यापक/अध्यापिकाओं के पदोन्नति, स्थानान्तरण एवं समायोजन के सम्बन्ध में निर्देश जारी किये है, इस सम्बन्ध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फर्रूखाबाद द्वारा महिला व पुरूष सवंर्ग सहायक अध्यापक प्रा0वि0 एवं प्रधानाध्यापक, प्राथमिक एवं सहायक अध्यापक पू0मा0विद्यालय की मिश्रित सूची खण्ड शिक्षा अधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है, सम्बनिधत खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर अवगत कराया गया कि वरिष्ठता सूची ब्लाक संसाधन केन्द्र पर चस्पा कर, कोई भी आपत्ति हो उसे निराकरण करते हुए दि0 23-05-2013 तक अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में प्रस्तुत करें ताकि दि0 31 मई 2013 तक पदोन्नति कार्यवाही सम्पन्न की जा सके।
साथ ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह एक प्रमाण पत्र दें कि वरिष्ठता सूची में कोई नाम छूटा नहीं है एवं समस्त प्रविष्टियां सही है।
साथ ही खण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह एक प्रमाण पत्र दें कि वरिष्ठता सूची में कोई नाम छूटा नहीं है एवं समस्त प्रविष्टियां सही है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के कार्यरत स्टाफ के सम्बन्ध में परियोजना निदेशक ने अपने पूर्व जारी आदेशों को निरस्त किया -
राज्य परियोजना निदेशक, राज्य परियोजना कार्यालय लखनउ ने अपने पत्र दि0 12-10-2012 एवं 12-02-2013 को जारी आदेशों को अतिक्रमित कर दिया है। दि0 12-10-2012 को कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत स्टाफ की संविदा समाप्त करने में बिना परियोजना निदेशक की अनुमति से समाप्त नहीं की जा सकती है तथा दि0 12-02-2013 में नवीनीकरण प्रक्रिया को समाप्त कर स्वत- नवीनीकरण प्रक्रिया लागू की गई थी।
जारी आदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों की सेवा अब बेसिक शिक्षा अधिकारी मनमाने ढंग से समाप्त नहीं कर सकेंगे। सेवा समाप्त करने का कारण तो बताना ही होगा साथ में संबंधित कार्मिक को पक्ष रखने का पूरा मौका भी दिया जाएगा। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान की अपर परियोजना निदेशक डॉ मीना शर्मा ने आदेश जारी कर दिया है। संविदा का नवीनीकरण 30 मई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करना होगा, ताकि ग्रीष्मकालीन शिविर तथा नए सत्र में परेशानी न हो।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल न जाने वाली लड़कियों को कक्षा 6 से 8 तक की मुफ्त शिक्षा देने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोले गए हैं। प्रत्येक स्कूलों में 100-100 लड़कियों को शिक्षा देने के साथ रहने और खाने की मुफ्त व्यवस्था है। स्कूलों के संचालन और पढ़ाई के लिए संविदा के आधार पर शिक्षकों, कर्मियों व वार्डन को रखा जाता है। संविदा का कार्यकाल 11 माह 29 दिन का होता है। इसके बाद
अच्छा कार्य करने वालों का स्वत: नवीनीकरण करने की व्यवस्था है।
इस संबंध में पूर्व में आदेश जारी है। इसके बाद भी बीएसए बिना कारण संविदा समाप्त कर देते हैं। इसलिए नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि कोर्ट-कचहरी के चक्कर न लगाने पड़े। बीएसए को भेजे निर्देश के अनुसार, सेवा अनुबंध में यह प्रावधान होगा कि सेवाएं ठीक न होने पर एक माह की नोटिस पर उसे हटाया जाएगा। वित्तीय अनियमितता व गंभीर अनुशासनहीनता की स्थिति में सेवा समाप्त करने से पहले
जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
जारी आदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों और कर्मियों की सेवा अब बेसिक शिक्षा अधिकारी मनमाने ढंग से समाप्त नहीं कर सकेंगे। सेवा समाप्त करने का कारण तो बताना ही होगा साथ में संबंधित कार्मिक को पक्ष रखने का पूरा मौका भी दिया जाएगा। इस संबंध में सर्व शिक्षा अभियान की अपर परियोजना निदेशक डॉ मीना शर्मा ने आदेश जारी कर दिया है। संविदा का नवीनीकरण 30 मई तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करना होगा, ताकि ग्रीष्मकालीन शिविर तथा नए सत्र में परेशानी न हो।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत स्कूल न जाने वाली लड़कियों को कक्षा 6 से 8 तक की मुफ्त शिक्षा देने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोले गए हैं। प्रत्येक स्कूलों में 100-100 लड़कियों को शिक्षा देने के साथ रहने और खाने की मुफ्त व्यवस्था है। स्कूलों के संचालन और पढ़ाई के लिए संविदा के आधार पर शिक्षकों, कर्मियों व वार्डन को रखा जाता है। संविदा का कार्यकाल 11 माह 29 दिन का होता है। इसके बाद
अच्छा कार्य करने वालों का स्वत: नवीनीकरण करने की व्यवस्था है।
इस संबंध में पूर्व में आदेश जारी है। इसके बाद भी बीएसए बिना कारण संविदा समाप्त कर देते हैं। इसलिए नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि कोर्ट-कचहरी के चक्कर न लगाने पड़े। बीएसए को भेजे निर्देश के अनुसार, सेवा अनुबंध में यह प्रावधान होगा कि सेवाएं ठीक न होने पर एक माह की नोटिस पर उसे हटाया जाएगा। वित्तीय अनियमितता व गंभीर अनुशासनहीनता की स्थिति में सेवा समाप्त करने से पहले
जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
कस्तूरबा गॉधी आवासीय बालिका विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों का 06 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन -
राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी निर्देश के क्रम में जनपद बलिया, झॉसी, मेरठ, इलाहाबाद, एटा सिद्वार्थनगर, राय बरेली, बस्ती, महाराजगंज, चन्दौली, इटावा, प्रतापगढ़, लखनउ, हरदोई के कस्तूरबा गॉधी आवासीय बालिका विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों का 06 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन दि0 27 मई से 01 जून 2013 तक लखनउ में आयोजित किया जायेगा। जिसमें चयनित सन्दर्भदाताओं को प्रतिभाग किये जाने के निर्देश है।
गुरुवार, 16 मई 2013
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार बी0टी0सी0/बी0एड0/वि0बी0टी0सी0 कर रहे अभ्यर्थियों के लिए टी0ई0टी0 ऑन लाइन आवेदन करने के लिए अन्तिम तिथि 27-05-2013
| STEP-1 | आवेदन पत्र भरने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व दिशा निर्देश ध्यान पूर्वक पढ़ लें एवं आवेदन के प्रारूप को भी ध्यानपूर्वक पढ़ लें | समस्त प्रविष्टियाँ अंग्रेजी भाषा में ही मान्य होंगी | |
| STEP-2 | आवेदन पत्र के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) करें | अंतिम तिथि 22/05/2013 |
| STEP-3 | आवेदन शुल्क जमा करने हेतु ई- चालान फॉर्म प्रिंट करें | अंतिम तिथि 22/05/2013 |
| STEP-4 | ई- चालान फॉर्म द्वारा आवेदन शुल्क जमा करना | अंतिम तिथि 23/05/2013 |
| STEP-5 | फोटो अपलोड करके आवेदन पत्र पूर्ण करें ** बिना फोटो अपलोड करे आवेदन अपूर्ण रहेगा एवं मान्य नहीं होगा । | अंतिम तिथि 27/05/2013 |
| STEP-6 | अपना भरा हुआ आवेदन पत्र प्रिंट करें | |
HELPLINE
बुधवार, 15 मई 2013
मंगलवार, 14 मई 2013
शिक्षण सस्थानों में नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए : राष्ट्रपति
भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने समाज में महिलाओं एवं बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रवृत्ति को रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे शिक्षण संस्थानों और विशेष रूप से विश्वविधालयों में नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में महिलाओं के सम्मान की परम्परा रही है। इसे मजबूत किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति दि0 10-05-2013 को लखनउ में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविधालय, लखनऊ के चौथे दीक्षान्त समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डा0 भीमराव अम्बेडकर को एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताते हुए विश्वविधालय से उनके दशर्न के अनुरूप कार्य करने का आग्रह किया। भारत में उपलब्ध कार्यकारी जनसंख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सन 2020-21 में लगभग 64 फीसदी वर्किग जनसंख्या होगी। उन्होंने कहा कि इस विशाल जनसंख्या का लाभ उठाने के लिए हमें नौजवानों को स्वस्थ्य एवं निपुण बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकुशल जनसंख्या हमारे लिए एक लाभकारी तत्व हो सकती है।
देश में स्थापित विश्वविधालयों एवं महाविधालयों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग प्रत्येक राज्य में कम से कम एक केन्द्रीय विधालय स्थापित है। लेकिन इनकी गुणवत्ता संतोषप्रद नहीं है। इसीलिए लगभग 02 लाख प्रतिभाशाली नौजवान विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमें देश के शिक्षण संस्थानों के अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार के अलावा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। राष्ट्रपति ने प्रत्येक विश्वविधालय में कम से कम एक विभाग को एक्सीलेंट सेण्टर के रूप में विकसित करने, विश्वविधालयों में शोध को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ छात्रों के लिए अच्छी पाठय सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आर्0टी0 आधारित तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि देश के 2विश्वविधालयों में लगभग 63 फीसदी अध्यापकों के पद रिक्त है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गैप को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। देश भर में शिक्षण एवं शोध संस्थानों से इतर अभिनव प्रयोग करने वालों को विश्वविधालयों में फोरम उपलब्ध कराने का आहवान करते हुए बी.बी.ए.यू. के सहयोग से आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन प्रदर्शनी की प्रशंसा की तथा इसी प्रकार अन्य विश्वविधालयों से भी प्रयास करने का आग्रह किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए
कहा कि उच्च शिक्षा से ज्ञान के विस्तृत क्षितिज तक पहु्चा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्रप्त करने वाले नवयुवक वास्तव में भाग्यशाली है, क्योंकि भारत इस समय तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे इन्हें अपार सम्भावनाएं उपलब्ध होगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने डिग्री प्रप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनका आहवान किया कि वे अपनी नई सोच से देश एवं समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का प्रयास करें। उन्हो्ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु विश्वविधालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। श्री यादव ने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर शिक्षा को प्रगति का माध्यम मानते थे। उनका स्पष्ट मत था कि शिक्षा प्रप्त करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का आग्रह करते हुए कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को शिक्षण संस्थानों में अच्छा माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में अधिकांश देशों की आबादी उम्रदराज हो गई है। जबकि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की अधिकांश आबादी कम उम्र की है। उन्होने इस मानव संसाधन का लाभ उठाने के लिए युवाओ से व्यापक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि नौजवानों को कौशल विकास का अवसर उपलब्ध होना चाहिए, जिससे आगे आने वाले अवसर का लाभ उठाकर देश एवं समाज की
प्रगति में सहयोग कर सके।
राष्ट्रपति दि0 10-05-2013 को लखनउ में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविधालय, लखनऊ के चौथे दीक्षान्त समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डा0 भीमराव अम्बेडकर को एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताते हुए विश्वविधालय से उनके दशर्न के अनुरूप कार्य करने का आग्रह किया। भारत में उपलब्ध कार्यकारी जनसंख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सन 2020-21 में लगभग 64 फीसदी वर्किग जनसंख्या होगी। उन्होंने कहा कि इस विशाल जनसंख्या का लाभ उठाने के लिए हमें नौजवानों को स्वस्थ्य एवं निपुण बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकुशल जनसंख्या हमारे लिए एक लाभकारी तत्व हो सकती है।
देश में स्थापित विश्वविधालयों एवं महाविधालयों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग प्रत्येक राज्य में कम से कम एक केन्द्रीय विधालय स्थापित है। लेकिन इनकी गुणवत्ता संतोषप्रद नहीं है। इसीलिए लगभग 02 लाख प्रतिभाशाली नौजवान विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमें देश के शिक्षण संस्थानों के अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार के अलावा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। राष्ट्रपति ने प्रत्येक विश्वविधालय में कम से कम एक विभाग को एक्सीलेंट सेण्टर के रूप में विकसित करने, विश्वविधालयों में शोध को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ छात्रों के लिए अच्छी पाठय सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आर्0टी0 आधारित तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि देश के 2विश्वविधालयों में लगभग 63 फीसदी अध्यापकों के पद रिक्त है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गैप को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। देश भर में शिक्षण एवं शोध संस्थानों से इतर अभिनव प्रयोग करने वालों को विश्वविधालयों में फोरम उपलब्ध कराने का आहवान करते हुए बी.बी.ए.यू. के सहयोग से आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन प्रदर्शनी की प्रशंसा की तथा इसी प्रकार अन्य विश्वविधालयों से भी प्रयास करने का आग्रह किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए
कहा कि उच्च शिक्षा से ज्ञान के विस्तृत क्षितिज तक पहु्चा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्रप्त करने वाले नवयुवक वास्तव में भाग्यशाली है, क्योंकि भारत इस समय तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे इन्हें अपार सम्भावनाएं उपलब्ध होगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने डिग्री प्रप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनका आहवान किया कि वे अपनी नई सोच से देश एवं समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का प्रयास करें। उन्हो्ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु विश्वविधालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। श्री यादव ने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर शिक्षा को प्रगति का माध्यम मानते थे। उनका स्पष्ट मत था कि शिक्षा प्रप्त करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का आग्रह करते हुए कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को शिक्षण संस्थानों में अच्छा माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में अधिकांश देशों की आबादी उम्रदराज हो गई है। जबकि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की अधिकांश आबादी कम उम्र की है। उन्होने इस मानव संसाधन का लाभ उठाने के लिए युवाओ से व्यापक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि नौजवानों को कौशल विकास का अवसर उपलब्ध होना चाहिए, जिससे आगे आने वाले अवसर का लाभ उठाकर देश एवं समाज की
प्रगति में सहयोग कर सके।
सोमवार, 13 मई 2013
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयो में सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती वर्ष (2013-14) हेतु
| Step1. | आवेदन पत्र भरने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व दिशा निर्देश ध्यान पूर्वक पढ़ लें एवं आवेदन के प्रारूप को भी ध्यानपूर्वक पढ़ लें | समस्त प्रविष्टियाँ अंग्रेजी भाषा में ही मान्य होंगी | |
| Step2. | आवेदन पत्र के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) करें | अंतिम तिथि 29/05/2013 |
| Step3. | आवेदन शुल्क जमा करने हेतु ई- चालान फॉर्म प्रिंट करें | अंतिम तिथि 29/05/2013 |
| Step4. | ई- चालान फॉर्म द्वारा आवेदन शुल्क जमा करना | अंतिम तिथि 30/05/2013 |
| Step5. | फोटो अपलोड करके आवेदन पत्र पूर्ण करें ** बिना फोटो अपलोड करे आवेदन अपूर्ण रहेगा एवं मान्य नहीं होगा । | अंतिम तिथि 03/06/2013 |
| Step6. | अपना भरा हुआ आवेदन पत्र प्रिंट करें/अपना भरा हुआ रजिस्ट्रेशन फार्म प्रिंट करें |
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शनिवार, 11 मई 2013
विकलांग बच्चों में भी खेल भावना का विकास करने हेतु जनपद में कम्युनिटी कोच प्रशिक्षण का शुभारंभ -
सामान्य बच्चों के साथ साथ विकलांग बच्चों में भी खेल भावना का विकास करने हेतु जनपद में कम्युनिटी कोच प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश वर्मा ने प्रशिक्षण में 50 प्रतिभागियों के बैच का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण में अध्यापक, व्यायाम शिक्षक, आई टी टीचर्स, स्टूडेंण्टस व एनजीओ सदस्यों ने भाग लिया।
स्पेशल ओलंम्पिक भारत एवं मिनिस्ट्री आफ यूथ अफेयर्स एण्ड स्पोर्टस गवर्नमेन्ट आफ इण्डिया के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामान्य बच्चों के साथ विकलांग बच्चों में भी खेल की भावना का विकास करना है।
प्रशिक्षण को प्रारंभ करने से पहले व्यायाम शिक्षक सुधीर कुशवाह ने ईश वंदना के साथ समस्त प्रतिभागियों का परिचय कराया। तत्पश्चात प्रशिक्षक संजीव कटियार ने स्पेशल ओलम्पिक खेलों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा बताया कि यह खेल दो भागों में वर्ष भर प्रतिदिन पूरे विश्व में कहीं न कहीं चलते रहते हैं। इसीलिए इसका नाम स्पेशल ओलम्पिक पड़ा। इसके मुख्य खेल वाची, बैडमिन्टन, एथलेटिक्स, टेबिल टेनिस, तैराकी, फुटबाल आदि हैं।
खेलों को अलग अलग विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को अलग अलग खेलों को आयोजित कराया जाता है। मास्टर ट्रेनर अनुपम शुक्ला ने विकलांगता का परिचय देते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। चमन शुक्ला ने स्काउट भावना को विकसित करने हेतु प्रेरणा गीत गाया। व्यायाम शिक्षक मनोज गौतम ने विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के लिए परिवेशीय खेलों एवं मनोरंजक खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। दो दिवसीय प्रशिक्षण अगले 12 मई तक जारी रहेगा।
बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में कान्वेंट स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले की कार्रवाई शुरू -
अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में कान्वेंट स्कूलों में गरीब के बच्चों के दाखिले की कार्रवाई शुरू हो गई है। दाखिले के आवेदन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। यह आवेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा होंगे।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की चिट्ठी आने के बाद शिक्षा विभाग ने आवेदन मांगे हैं। इसके तहत शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश से मान्यता प्राप्त गैर सरकारी स्कूल, सीबीएसई व आईसीएसई में कुल सीटों में से 25 फीसदी पर गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। इसका खर्च सरकार वहन करेगी। अल्पसंख्यक संस्था को इस परिधि से बाहर रखा गया है। बीएसए भगवत पटेल ने बताया कि शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले आवेदन कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
शुक्रवार, 10 मई 2013
वरिष्ठ सहायक/लिपिकों के पदोन्नति आदेश जारी -
श्री संजय सिन्हा, अपर शिक्षा निदेशक, बेसिक, उ0प्र0 द्वारा 09 वरिष्ठ सहायकों को कार्यालय अधीक्षक के पद पर पदोन्नति किया गया है, उक्त के साथ 66 वरिष्ठ लिपिकों को वरिष्ठ सहायकों के पदो पर पदोन्नति किया गया है।
उक्त आदेश में जनपद फरर्खाबाद के श्री सुमेष कुमार सिंह तोमर राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से कार्यालय जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में, श्री कमलेन्द्र पाल सिंह, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से राजकीय इण्टर कालेज फरर्खाबाद में पदोन्नति किया गया है। इसी तरह जनपद कन्नौज के श्री ब्रहमानन्द वर्मा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में पदोन्नति किया गया है।
उक्त आदेश में जनपद फरर्खाबाद के श्री सुमेष कुमार सिंह तोमर राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से कार्यालय जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में, श्री कमलेन्द्र पाल सिंह, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से राजकीय इण्टर कालेज फरर्खाबाद में पदोन्नति किया गया है। इसी तरह जनपद कन्नौज के श्री ब्रहमानन्द वर्मा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में पदोन्नति किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी श्री आई पी पाण्डेय का जनपद बस्ती के लिए स्थानांतरण -
मुख्य विकास अधिकारी श्री आई पी पाण्डेय का इसी पद पर जनपद बस्ती के लिए स्थानांतरण हो गया है। विगत 19 मई 2012 को जनपद में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले श्री आई पी पाण्डेय का कार्यकाल एक वर्ष में कुछ दिन ही कम रह गया। श्री पाण्डेय द्वारा मंगलवार तक चार्ज छोड़े जाने की संभावना है।
कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों मे दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य आवासीय ग्रीष्म शिविर का आयोजन -
राज्य परियोजना कार्यालय के आदेश दि0 08-05-2013 के द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों मे दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य आवासीय ग्रीष्म शिविर का आयोजन किये जाने के निर्देश जारी किये है।
जारी पत्र के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आ रहा है कि बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बालिकाओं का शतप्रतिशत नामाकंन नहीं हो रहा है। साथ ही यह भी प्रकाश में आया है कि कतिपय अपवंचित समूह की बालिकाओं की वांछित भागीदारी भी नहीं हो रही है।
उक्त तथ्यों को द़ृष्टिगत रखते हुए दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य ग्रीष्म शिविर की संकल्पना एवं कार्ययोजना निम्नवत है -
उददेश्य -
शिविर की दिनचर्या इस प्रकार होगी -
जारी पत्र के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आ रहा है कि बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बालिकाओं का शतप्रतिशत नामाकंन नहीं हो रहा है। साथ ही यह भी प्रकाश में आया है कि कतिपय अपवंचित समूह की बालिकाओं की वांछित भागीदारी भी नहीं हो रही है।
उक्त तथ्यों को द़ृष्टिगत रखते हुए दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य ग्रीष्म शिविर की संकल्पना एवं कार्ययोजना निम्नवत है -
उददेश्य -
- प्रत्यके कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय हेतु निर्धारित संख्या के अनुसार शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना।
- नामांकन से अपवंचित समूहों की बालिकाओं की तार्किक भागीदारी सुनिश्चित करना।
- अपवंचित समूह की 11 से 14 वय वर्ग की कभी भी नामांकित न हुई अथवा ड्राप आउट बालिकाओं में शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ाना तथा उन्हें विद्यालयों में पढ़ने के लिए प्रेरित करना।
- अपवंचित वर्ग के समुदाय को बालिका -शिक्षा के महत्व पर जागरूक करना।
- प्रत्येक कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय में आगामी शैक्षिक सत्र हेतु कक्षावार रिक्त संख्यानुसार 11 से 14 वय वर्ग की कभी भी नामांकित न हुई अथवा ड्राप आउट बालिकाऍ।
- 100 बालिकाओं की छात्र संख्या बाले विद्यालयों में अधिकतम 100 बालिकाओं तथा 50 बालिकाओं की छात्र सख्ंया वाले विद्यालयों की अधिकतम 50 बालिकाओं को शिविर में सम्मिलित अवश्य किया जाये।
- कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय की वार्डेन एवं अन्य शैक्षिक कर्मी
- सह समन्वयक- ब्लाक संसाधन केन्द्र
- समन्वयक-न्याय पंचायत समन्वयक
- सदस्य - विद्यालय प्रबन्ध समिति
- प्रतिनिधि - एन0जी0ओ0
- कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय जिस वार्ड अथवा ग्राम में संचालित है कि उसके सभासद/ग्राम प्रधान
शिविर की दिनचर्या इस प्रकार होगी -
बुधवार, 8 मई 2013
कक्षा 8 तक के स्कूलों को मान्यता की नई नीति जारी
उत्तर प्रदेश में नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक हिंदी तथा अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को मान्यता देने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने नई नीति जारी कर दी है। नई नीति में स्कूलों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर जहां रोक लगा दी गई है, वहीं राजनीतिक व गैर शैक्षिक कार्यक्रम को प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्कूल के बाहरी भाग को सफेद रंग से पेंट कराया जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। मान्यता के लिए आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 लागू होने की तिथि से तीन वर्ष के अंदर पुराने स्कूलों को नई शर्तें पूरी करनी होंगी। अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य होगा। अल्पसंख्यक स्कूलों पर यह शर्त लागू नहीं होगी।
नई मान्यता नीति के मुताबिक स्कूल भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार बनेंगे। स्कूल के शिक्षकों और कर्मियों को अग्निशमन उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार इन स्कूलों को कोई अनुदान नहीं देगी।
हिंदी मीडियम की मान्यता शर्तें
नर्सरी स्तर के स्कूलों के लिए दो कक्षाएं तथा प्राथमिक स्तर के लिए पांच कक्षाएं तथा यदि उच्च्च प्राथमिक स्कूल के लिए तीन अतिरिक्त कक्षाएं जरूरी होंगी। निजी भवन होने या 10 वर्ष की लीज या किराए वाले भवनों को मान्यता देने पर विचार किया जाएगा। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल के लिए प्रति छात्र 9 फीट तथा क्लास रूम का पूरा क्षेत्रफल 180 वर्ग फीट से कम नहीं होना चाहिए। प्रत्येक क्लास रूम में 20 बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रधानाध्यापक व स्टाफ के लिए अलग कमरा होगा। प्राथमिक स्कूलों की मान्यता के लिए बीएसए की अध्यक्षता में समिति होगी।
•स्कूलों का नहीं हो सकेगा अब व्यावसायिक इस्तेमाल
•राजनीतिक व गैर शैक्षिक कार्यक्रम पर रोक
•ऑनलाइन लिया जाएगा आवेदन
एडी बेसिक की अध्यक्षता में समिति बनेगी और बीएसए सदस्य सचिव व वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होगा। प्री-प्राइमरी से प्राइमरी तक के लिए 200 बच्चे और 7 क्लास रूम, प्राइमरी के लिए 150 बच्चे 5 क्लास रूम, प्री-प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल तक के लिए 275 बच्चे 10 क्लास रूम तथा प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल के लिए 225 बच्चे और 8 क्लास रूम होने चाहिए। पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्र की छात्र संख्या में कम हो सकती है। क्लास रूम हिंदी माध्यम की तरह ही बनाए जाएंगे। प्री-प्राइमरी से प्राइमरी के लिए 2000 और जूनियर हाईस्कूल के लिए मान्यता शुल्क 3000 रुपये देना होगा। स्कूल के सुरक्षित कोष में 10,000 रुपये रखना होगा और गारंटी 20,000 रुपये की देनी होगी।
मानक और शर्तों को पूरा करने वाले नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को बेसिक शिक्षा परिषद से स्थायी मान्यता के लिए दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। परिषद अब उन्हें तीन साल की अस्थायी मान्यता देगा। यदि स्कूल तीन साल तक सभी शर्तों और मानकों को पूरा करता है तो उसकी अस्थायी मान्यता को स्थायी मान लिया जाएगा। शासन ने यह भी तय किया है कि शर्तें पूरी न करने वाले स्कूल पर किसी किस्म का आर्थिक दंड नहीं लगाया जाएगा बल्कि उसकी मान्यता वापस ले ली जाएगी। मान्यता के लिए सभी स्कूलों का रंग सफेद होना चाहिए। खेल का मैदान न होने पर किसी स्कूल को मान्यता से वंचित नहीं किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी व हिंदी माध्यम के निजी नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को मान्यता देने के लिए मानक और शर्तों को संशोधित करते हुए बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
भौतिक संसाधन : विद्यालय सोसाइटी का निजी भवन होने या कम से कम 10 वर्ष तक किराये/लीज पर भवन उपलब्ध होने पर मान्यता पर विचार किया जा सकेगा। मान्यता के लिए प्रत्येक क्लासरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 180 वर्ग फीट होना चाहिए। प्रधानाध्यापक, कार्यालय और स्टाफ के लिए अलग-अलग कमरे होने चाहिए। छात्र-छात्रओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रलय व शौचालय होने चाहिए। स्कूल में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। अधिकतम दो वर्ष में स्कूल के रंग रोगन की व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षक : स्कूल में योग्यताधारी शिक्षक उपलब्ध होना जरूरी है। उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए हर कक्षा-कक्ष के लिए विज्ञान व गणित, सामाजिक अध्ययन व भाषा से संबंधित शिक्षक जरूर हों। बाल शिक्षा, शारीरिक शिक्षा तथा कार्यानुभव शिक्षा के लिए भी एक-एक शिक्षक होना चाहिए।
स्टेशनरी-कॉपियां खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे स्कूल
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से यह अपेक्षित होगा कि वे एनसीईआरटी या एससीईआरटी या बेसिक शिक्षा परिषद से अनुमोदित पाठ्यक्रम ही पढ़ायें। किसी खास तरह की स्टेशनरी खरीदने के लिए छात्रों पर दबाव न बनायें। न ही अभ्यास पुस्तिकाओं पर स्कूल का नाम मुद्रित कराकर खरीदने के लिए मजबूर किया जाए वर्ना ऐसे स्कूलों की मान्यता वापस ले ली जाएगी।
अंग्रेजी स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर मान्यता
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को मान्यता तभी मिलेगी जब स्कूल के कैचमेंट एरिया में न्यूनतम छात्र संख्या उपलब्ध हो सके। प्री-प्राइमरी व प्राइमरी के लिए न्यूनतम छात्र संख्या 200 (सात कक्षाएं) होगी।
डिग्री कॉलेजों में एडमिशन का शेड्यूल तय
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया एक जून से शुरू हो जाएगी जबकि एक जुलाई से पढ़ाई भी शुरू होगी। इस संबंध में यूनिवर्सिटी प्रशासन और डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल के बीच सहमति बन गई है। सत्र 2013-14 का प्रस्तावित शेड्यूल भी जारी हो गया है। इस बार 14 जिलों के लगभग 700 डिग्री कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जानी है।
आगामी शैक्षिक सत्र से डिग्री कॉलेजों में एडमिशन, एग्जाम फार्म और फीस जमा करने के संबंध में बुधवार को यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में सभी डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल की मीटिंग बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने की। मीटिंग में चर्चा के बाद सत्र 2013-14 से एडवांस डिग्री शुल्क वसूलने पर रोक लगाने का फैसला किया गया। यह फीस अब कॉलेज संचालक नहीं वसूल पाएंगे। संबंधित स्टूडेंट बैंक से टोकन लेंगे और उसके गोपनीय कोड, लॉगिन नेम के सहारे ऑनलाइन फार्म भरेंगे। निर्धारित तारीख पर जाकर यूनिवर्सिटी कैंपस से डिग्री प्राप्त कर लेंगे। एडमिशन से पहले सब्जेक्ट कांबिनेशन (किस सब्जेक्ट के साथ कौन सा सब्जेक्ट लेना है) तय करने की रणनीति भी बनी है।
ये है शेड्यूल
31 मई : एडमिशन कमेटी का गठन
1 जून: प्रवेश फार्मों की बिक्री शुरू
22 जून: एडमिशन की पहली मेरिट लिस्ट
30 जून: एडमिशन प्रक्रिया पूरी करने की आखिरी तारीख
1 जुलाई: डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू
16 जुलाई : सत्र 2013-14 के स्टूडेंट्स के ऑनलाइन एग्जामिनेशन फार्म भरने और एग्जाम फीस जमा करने की प्रक्रिया शुरू होगी
31 अगस्त : एग्जामिनेशन फार्म भरने और एग्जाम फीस जमा करने की आखिरी तारीख
15-31 अक्तूबर : स्टूडेंट्स के फोटो और हस्ताक्षर युक्त फार्म जमा होंगे
प्राथमिक शिक्षक बनाएंगे नगर क्षेत्र के राशनकार्ड
नगरीय क्षेत्र में नए सिरे से राशनकार्ड बनवाने का जिम्मा प्राथमिक शिक्षकों को सौंपा गया है। शिक्षक घर-घर जाकर राशनकार्डों का भौतिक सत्यापन करेंगे। जरूरत के मुताबिक एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय कार्ड बनाने की संस्तुति प्रदान करेंगे।
शहर क्षेत्र में जिलापूर्ति की 90 राशन की दुकानें हैं। प्रत्येक दुकान पर दो-दो शिक्षकों की ड्यूटी भौतिक सत्यापन के लिए लगाई गई है। इस कार्य को संपन्न कराने के लिए डीएसओ द्वारा शिक्षकों को प्रपत्र सौंप दिए गए हैं। शिक्षक घर-घर जाकर नए राशनकार्डों को बनाने तथा पुराने राशनकार्डों का नवीनीकरण करने के साथ ही कार्डों में यूनिट घटाने और बढ़ाने का कार्य करेंगे। शासन द्वारा एपीएल कार्ड का मूल्य 10 रुपया, बीपीएल का पांच और अंत्योदय राशनकार्ड निशुल्क बनाया जाएगा। यह राशि कर्मचारियों द्वारा नगद ली जाएगी। एक परिवार को एक ही राशनकार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को आधा यूनिट माना जाएगा। जिनकी वार्षिक आय करीब 26 हजार है उन्हें बीपीएल राशनकार्ड का लाभ उन्हीं को मिलेगा। अंत्योदय राशनकार्ड में ऐसे निर्धन परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास न तो पक्के मकान हैं और न ही कोई निश्चित रोजगार है।
दिनाक 08-05-2013 को आयोजित काउन्सलिंग में 126 के सापेक्ष 106 अभ्यर्थी उपसिथति -
दिनाक 08-05-2013 को आयोजित काउन्सलिंग में 126 के सापेक्ष 106 अभ्यर्थी उपसिथति -
आज कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फरखाबाद में अशंकालिक अनुदेशकों के रिक्त 126 पदों पर काउन्सलिंग की कार्यवाही सम्पन्न की गइ, उक्त के सापेक्ष 100 अभ्यर्थी ही उपसिथति हुए, 06 अभ्यर्थी दि0 30.06.2013 में से उपसिथति हुए। इस प्रकार अभी भी लगभग 20 पद रिक्त है, जिन पर परियोजना कार्यालय द्वारा जारी निर्देशानुसार अगिम कार्यवाही सम्पन्न की जायेगी।
मंगलवार, 7 मई 2013
अनुदेशक भर्ती में शासन हुआ गम्भीर -
श्री सुनील कुमार, प्रमुख सचिव, उ0प्र0शासन द्वारा अशंकालिक अनुदेशकों की भर्ती में कतिपय जनपदों में काउन्सलिंग के समय शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन ठीक से न करने तथा फर्जीवाडे़ की शिकायत मिलने से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कठोर निर्देश जारी किये गये है। उनके द्वारा जारी आदेश दि0 07.05.2013 के क्रम में जनपद के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये है कि अनुदेशक भर्ती में उनके शैक्षिकप्रशिक्षण प्रमाण पत्रों के सत्यापन व चयन में पूर्ण पादर्शिता बरती जाये, किसी भी स्तर पर शिकायत व शिकायत सही पाये जाने पर उस जनपद के अधिकारी पूर्ण रूप से दोषी होगें।
सोमवार, 6 मई 2013
रविवार, 5 मई 2013
अनुपस्थिति अभ्यर्थियों को मिलेगा दोबारा मौका, दि0 08-05-2013 को 126 पदों पर होगी पुन : काउन्सलिंग
जनपद फर्रूखाबाद में अशंकालिक अनुदेशकों के रिक्त 366 पदों पर दि0 30-04-2013 को काउन्सलिंग कराई गई थी, उक्त काउन्सलिंग में 274 अभ्यर्थी उपस्थिति हुए, जिसमें से 222 अभ्यर्थियों को पात्र माना गया है, शेष 144 पदों पर पुन: काउन्सलिंग दि0 08-05-2013 को होना सुनिश्चित किया जा रहा है।
उपस्थिति 274 अभ्यर्थियो को शैक्षिणिक/प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों का सघन परीक्षण किया गया, जिसमें 50 अभ्यर्थियो के शैक्षिक प्रमाण पत्र शासनादेश में उल्लिखित शैक्षिक योग्यताओं से मेल नही खा रहे है, जिस कारण उन्हें अनर्ह की सूची में शामिल किया गया है।
रिक्त अवशेष पदों का विवरण इस प्रकार है -
1- कला शिक्षा हेतु - 53
2- शारीरिक शिक्षा हेतु - 31
3- कम्प्यूटर शिक्षा - 30
4- गृहशिल्प शिक्षा - 10
5- कृषि शिक्षा हेतु - 02
6- कृषि एवं फल सरंक्षण - 18 पद रिक्त है।
उद्यान एवं फल संरक्षण के पदों हेतु कोई भी अभ्यर्थी अर्ह नहीं पाया गया है, इसमें बी0एस0सी0 कृषि के साथ उद्यान एवं फल सरंक्षण में डिप्लोमा चाहा गया था। उक्त सभी पद रिक्त रहेगें।
इसके साथ कि कम्प्यूटर शिक्षा में बी0सी0ए0 या बी0एस0सी0 कम्प्यूटर साइन्स अथवा डोयेक से "ए" लेवल डिप्लोमा के अतिरिक्त कोई भी प्रमाण पत्र मान्य नही किया गया है। यहॉ तक राजकीय संस्थानों से प्राप्त डिप्लोमा व बीटेक कम्प्यूटर डिग्री/एम0सी0ए0 डिग्री को भी अमान्य किया गया है।
इसी प्रकार कला शिक्षा में मान्यता प्राप्त संस्थान आई0जी0डी0 बाम्बे के प्रमाण पत्र को भी बाहर रखा गया है।
उपस्थिति 274 अभ्यर्थियो को शैक्षिणिक/प्रशिक्षण प्रमाण पत्रों का सघन परीक्षण किया गया, जिसमें 50 अभ्यर्थियो के शैक्षिक प्रमाण पत्र शासनादेश में उल्लिखित शैक्षिक योग्यताओं से मेल नही खा रहे है, जिस कारण उन्हें अनर्ह की सूची में शामिल किया गया है।
रिक्त अवशेष पदों का विवरण इस प्रकार है -
1- कला शिक्षा हेतु - 53
2- शारीरिक शिक्षा हेतु - 31
3- कम्प्यूटर शिक्षा - 30
4- गृहशिल्प शिक्षा - 10
5- कृषि शिक्षा हेतु - 02
6- कृषि एवं फल सरंक्षण - 18 पद रिक्त है।
उद्यान एवं फल संरक्षण के पदों हेतु कोई भी अभ्यर्थी अर्ह नहीं पाया गया है, इसमें बी0एस0सी0 कृषि के साथ उद्यान एवं फल सरंक्षण में डिप्लोमा चाहा गया था। उक्त सभी पद रिक्त रहेगें।
इसके साथ कि कम्प्यूटर शिक्षा में बी0सी0ए0 या बी0एस0सी0 कम्प्यूटर साइन्स अथवा डोयेक से "ए" लेवल डिप्लोमा के अतिरिक्त कोई भी प्रमाण पत्र मान्य नही किया गया है। यहॉ तक राजकीय संस्थानों से प्राप्त डिप्लोमा व बीटेक कम्प्यूटर डिग्री/एम0सी0ए0 डिग्री को भी अमान्य किया गया है।
इसी प्रकार कला शिक्षा में मान्यता प्राप्त संस्थान आई0जी0डी0 बाम्बे के प्रमाण पत्र को भी बाहर रखा गया है।
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