राज्य परियोजना निदेशक द्वारा जारी निर्देश के क्रम में जनपद बलिया, झॉसी, मेरठ, इलाहाबाद, एटा सिद्वार्थनगर, राय बरेली, बस्ती, महाराजगंज, चन्दौली, इटावा, प्रतापगढ़, लखनउ, हरदोई के कस्तूरबा गॉधी आवासीय बालिका विद्यालयों के विज्ञान शिक्षकों का 06 दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन दि0 27 मई से 01 जून 2013 तक लखनउ में आयोजित किया जायेगा। जिसमें चयनित सन्दर्भदाताओं को प्रतिभाग किये जाने के निर्देश है।
Breaking News -
शनिवार, 18 मई 2013
गुरुवार, 16 मई 2013
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार बी0टी0सी0/बी0एड0/वि0बी0टी0सी0 कर रहे अभ्यर्थियों के लिए टी0ई0टी0 ऑन लाइन आवेदन करने के लिए अन्तिम तिथि 27-05-2013
| STEP-1 | आवेदन पत्र भरने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व दिशा निर्देश ध्यान पूर्वक पढ़ लें एवं आवेदन के प्रारूप को भी ध्यानपूर्वक पढ़ लें | समस्त प्रविष्टियाँ अंग्रेजी भाषा में ही मान्य होंगी | |
| STEP-2 | आवेदन पत्र के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) करें | अंतिम तिथि 22/05/2013 |
| STEP-3 | आवेदन शुल्क जमा करने हेतु ई- चालान फॉर्म प्रिंट करें | अंतिम तिथि 22/05/2013 |
| STEP-4 | ई- चालान फॉर्म द्वारा आवेदन शुल्क जमा करना | अंतिम तिथि 23/05/2013 |
| STEP-5 | फोटो अपलोड करके आवेदन पत्र पूर्ण करें ** बिना फोटो अपलोड करे आवेदन अपूर्ण रहेगा एवं मान्य नहीं होगा । | अंतिम तिथि 27/05/2013 |
| STEP-6 | अपना भरा हुआ आवेदन पत्र प्रिंट करें | |
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बुधवार, 15 मई 2013
मंगलवार, 14 मई 2013
शिक्षण सस्थानों में नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए : राष्ट्रपति
भारत के राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने समाज में महिलाओं एवं बच्चों के प्रति बढ़ते अपराध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रवृत्ति को रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे शिक्षण संस्थानों और विशेष रूप से विश्वविधालयों में नैतिक मूल्यों की जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय सभ्यता में महिलाओं के सम्मान की परम्परा रही है। इसे मजबूत किया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति दि0 10-05-2013 को लखनउ में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविधालय, लखनऊ के चौथे दीक्षान्त समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डा0 भीमराव अम्बेडकर को एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताते हुए विश्वविधालय से उनके दशर्न के अनुरूप कार्य करने का आग्रह किया। भारत में उपलब्ध कार्यकारी जनसंख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सन 2020-21 में लगभग 64 फीसदी वर्किग जनसंख्या होगी। उन्होंने कहा कि इस विशाल जनसंख्या का लाभ उठाने के लिए हमें नौजवानों को स्वस्थ्य एवं निपुण बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकुशल जनसंख्या हमारे लिए एक लाभकारी तत्व हो सकती है।
देश में स्थापित विश्वविधालयों एवं महाविधालयों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग प्रत्येक राज्य में कम से कम एक केन्द्रीय विधालय स्थापित है। लेकिन इनकी गुणवत्ता संतोषप्रद नहीं है। इसीलिए लगभग 02 लाख प्रतिभाशाली नौजवान विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमें देश के शिक्षण संस्थानों के अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार के अलावा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। राष्ट्रपति ने प्रत्येक विश्वविधालय में कम से कम एक विभाग को एक्सीलेंट सेण्टर के रूप में विकसित करने, विश्वविधालयों में शोध को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ छात्रों के लिए अच्छी पाठय सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आर्0टी0 आधारित तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि देश के 2विश्वविधालयों में लगभग 63 फीसदी अध्यापकों के पद रिक्त है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गैप को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। देश भर में शिक्षण एवं शोध संस्थानों से इतर अभिनव प्रयोग करने वालों को विश्वविधालयों में फोरम उपलब्ध कराने का आहवान करते हुए बी.बी.ए.यू. के सहयोग से आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन प्रदर्शनी की प्रशंसा की तथा इसी प्रकार अन्य विश्वविधालयों से भी प्रयास करने का आग्रह किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए
कहा कि उच्च शिक्षा से ज्ञान के विस्तृत क्षितिज तक पहु्चा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्रप्त करने वाले नवयुवक वास्तव में भाग्यशाली है, क्योंकि भारत इस समय तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे इन्हें अपार सम्भावनाएं उपलब्ध होगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने डिग्री प्रप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनका आहवान किया कि वे अपनी नई सोच से देश एवं समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का प्रयास करें। उन्हो्ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु विश्वविधालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। श्री यादव ने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर शिक्षा को प्रगति का माध्यम मानते थे। उनका स्पष्ट मत था कि शिक्षा प्रप्त करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का आग्रह करते हुए कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को शिक्षण संस्थानों में अच्छा माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में अधिकांश देशों की आबादी उम्रदराज हो गई है। जबकि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की अधिकांश आबादी कम उम्र की है। उन्होने इस मानव संसाधन का लाभ उठाने के लिए युवाओ से व्यापक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि नौजवानों को कौशल विकास का अवसर उपलब्ध होना चाहिए, जिससे आगे आने वाले अवसर का लाभ उठाकर देश एवं समाज की
प्रगति में सहयोग कर सके।
राष्ट्रपति दि0 10-05-2013 को लखनउ में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविधालय, लखनऊ के चौथे दीक्षान्त समारोह में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने डा0 भीमराव अम्बेडकर को एक महान शिक्षाविद एवं समाज सुधारक बताते हुए विश्वविधालय से उनके दशर्न के अनुरूप कार्य करने का आग्रह किया। भारत में उपलब्ध कार्यकारी जनसंख्या का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सन 2020-21 में लगभग 64 फीसदी वर्किग जनसंख्या होगी। उन्होंने कहा कि इस विशाल जनसंख्या का लाभ उठाने के लिए हमें नौजवानों को स्वस्थ्य एवं निपुण बनाना होगा। उन्होंने कहा कि कार्यकुशल जनसंख्या हमारे लिए एक लाभकारी तत्व हो सकती है।
देश में स्थापित विश्वविधालयों एवं महाविधालयों की चर्चा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग प्रत्येक राज्य में कम से कम एक केन्द्रीय विधालय स्थापित है। लेकिन इनकी गुणवत्ता संतोषप्रद नहीं है। इसीलिए लगभग 02 लाख प्रतिभाशाली नौजवान विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमें देश के शिक्षण संस्थानों के अध्यापन की गुणवत्ता में सुधार के अलावा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करानी होगी। राष्ट्रपति ने प्रत्येक विश्वविधालय में कम से कम एक विभाग को एक्सीलेंट सेण्टर के रूप में विकसित करने, विश्वविधालयों में शोध को बढ़ावा देने तथा दूरस्थ छात्रों के लिए अच्छी पाठय सामग्री उपलब्ध कराने हेतु आर्0टी0 आधारित तकनीक के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि देश के 2विश्वविधालयों में लगभग 63 फीसदी अध्यापकों के पद रिक्त है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस गैप को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। देश भर में शिक्षण एवं शोध संस्थानों से इतर अभिनव प्रयोग करने वालों को विश्वविधालयों में फोरम उपलब्ध कराने का आहवान करते हुए बी.बी.ए.यू. के सहयोग से आयोजित उत्तर प्रदेश इनोवेशन प्रदर्शनी की प्रशंसा की तथा इसी प्रकार अन्य विश्वविधालयों से भी प्रयास करने का आग्रह किया। इस मौके पर राज्यपाल श्री बी.एल. जोशी ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए
कहा कि उच्च शिक्षा से ज्ञान के विस्तृत क्षितिज तक पहु्चा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज डिग्री प्रप्त करने वाले नवयुवक वास्तव में भाग्यशाली है, क्योंकि भारत इस समय तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे इन्हें अपार सम्भावनाएं उपलब्ध होगी।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने डिग्री प्रप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनका आहवान किया कि वे अपनी नई सोच से देश एवं समाज को प्रगति के पथ पर ले जाने का प्रयास करें। उन्हो्ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने हेतु विश्वविधालयों में अनुसंधान को बढ़ावा देने का आग्रह भी किया। श्री यादव ने कहा कि डा0 भीमराव अम्बेडकर शिक्षा को प्रगति का माध्यम मानते थे। उनका स्पष्ट मत था कि शिक्षा प्रप्त करने वाला समाज ही आगे बढ़ता है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार का आग्रह करते हुए कहा कि आगे आने वाली पीढ़ी को शिक्षण संस्थानों में अच्छा माहौल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया में अधिकांश देशों की आबादी उम्रदराज हो गई है। जबकि भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की अधिकांश आबादी कम उम्र की है। उन्होने इस मानव संसाधन का लाभ उठाने के लिए युवाओ से व्यापक प्रयास करने की अपील करते हुए कहा कि नौजवानों को कौशल विकास का अवसर उपलब्ध होना चाहिए, जिससे आगे आने वाले अवसर का लाभ उठाकर देश एवं समाज की
प्रगति में सहयोग कर सके।
सोमवार, 13 मई 2013
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयो में सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती वर्ष (2013-14) हेतु
| Step1. | आवेदन पत्र भरने हेतु महत्त्वपूर्ण दिशा निर्देश ऑनलाइन आवेदन करने से पूर्व दिशा निर्देश ध्यान पूर्वक पढ़ लें एवं आवेदन के प्रारूप को भी ध्यानपूर्वक पढ़ लें | समस्त प्रविष्टियाँ अंग्रेजी भाषा में ही मान्य होंगी | |
| Step2. | आवेदन पत्र के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) करें | अंतिम तिथि 29/05/2013 |
| Step3. | आवेदन शुल्क जमा करने हेतु ई- चालान फॉर्म प्रिंट करें | अंतिम तिथि 29/05/2013 |
| Step4. | ई- चालान फॉर्म द्वारा आवेदन शुल्क जमा करना | अंतिम तिथि 30/05/2013 |
| Step5. | फोटो अपलोड करके आवेदन पत्र पूर्ण करें ** बिना फोटो अपलोड करे आवेदन अपूर्ण रहेगा एवं मान्य नहीं होगा । | अंतिम तिथि 03/06/2013 |
| Step6. | अपना भरा हुआ आवेदन पत्र प्रिंट करें/अपना भरा हुआ रजिस्ट्रेशन फार्म प्रिंट करें |
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शनिवार, 11 मई 2013
विकलांग बच्चों में भी खेल भावना का विकास करने हेतु जनपद में कम्युनिटी कोच प्रशिक्षण का शुभारंभ -
सामान्य बच्चों के साथ साथ विकलांग बच्चों में भी खेल भावना का विकास करने हेतु जनपद में कम्युनिटी कोच प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा राजेश वर्मा ने प्रशिक्षण में 50 प्रतिभागियों के बैच का शुभारंभ किया। प्रशिक्षण में अध्यापक, व्यायाम शिक्षक, आई टी टीचर्स, स्टूडेंण्टस व एनजीओ सदस्यों ने भाग लिया।
स्पेशल ओलंम्पिक भारत एवं मिनिस्ट्री आफ यूथ अफेयर्स एण्ड स्पोर्टस गवर्नमेन्ट आफ इण्डिया के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सामान्य बच्चों के साथ विकलांग बच्चों में भी खेल की भावना का विकास करना है।
प्रशिक्षण को प्रारंभ करने से पहले व्यायाम शिक्षक सुधीर कुशवाह ने ईश वंदना के साथ समस्त प्रतिभागियों का परिचय कराया। तत्पश्चात प्रशिक्षक संजीव कटियार ने स्पेशल ओलम्पिक खेलों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला तथा बताया कि यह खेल दो भागों में वर्ष भर प्रतिदिन पूरे विश्व में कहीं न कहीं चलते रहते हैं। इसीलिए इसका नाम स्पेशल ओलम्पिक पड़ा। इसके मुख्य खेल वाची, बैडमिन्टन, एथलेटिक्स, टेबिल टेनिस, तैराकी, फुटबाल आदि हैं।
खेलों को अलग अलग विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को अलग अलग खेलों को आयोजित कराया जाता है। मास्टर ट्रेनर अनुपम शुक्ला ने विकलांगता का परिचय देते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। चमन शुक्ला ने स्काउट भावना को विकसित करने हेतु प्रेरणा गीत गाया। व्यायाम शिक्षक मनोज गौतम ने विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के लिए परिवेशीय खेलों एवं मनोरंजक खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। दो दिवसीय प्रशिक्षण अगले 12 मई तक जारी रहेगा।
बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में कान्वेंट स्कूलों में गरीब बच्चों के दाखिले की कार्रवाई शुरू -
अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में कान्वेंट स्कूलों में गरीब के बच्चों के दाखिले की कार्रवाई शुरू हो गई है। दाखिले के आवेदन खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। यह आवेदन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा होंगे।
प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा परिषद की चिट्ठी आने के बाद शिक्षा विभाग ने आवेदन मांगे हैं। इसके तहत शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश से मान्यता प्राप्त गैर सरकारी स्कूल, सीबीएसई व आईसीएसई में कुल सीटों में से 25 फीसदी पर गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाएगा। इसका खर्च सरकार वहन करेगी। अल्पसंख्यक संस्था को इस परिधि से बाहर रखा गया है। बीएसए भगवत पटेल ने बताया कि शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले आवेदन कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
शुक्रवार, 10 मई 2013
वरिष्ठ सहायक/लिपिकों के पदोन्नति आदेश जारी -
श्री संजय सिन्हा, अपर शिक्षा निदेशक, बेसिक, उ0प्र0 द्वारा 09 वरिष्ठ सहायकों को कार्यालय अधीक्षक के पद पर पदोन्नति किया गया है, उक्त के साथ 66 वरिष्ठ लिपिकों को वरिष्ठ सहायकों के पदो पर पदोन्नति किया गया है।
उक्त आदेश में जनपद फरर्खाबाद के श्री सुमेष कुमार सिंह तोमर राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से कार्यालय जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में, श्री कमलेन्द्र पाल सिंह, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से राजकीय इण्टर कालेज फरर्खाबाद में पदोन्नति किया गया है। इसी तरह जनपद कन्नौज के श्री ब्रहमानन्द वर्मा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में पदोन्नति किया गया है।
उक्त आदेश में जनपद फरर्खाबाद के श्री सुमेष कुमार सिंह तोमर राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से कार्यालय जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में, श्री कमलेन्द्र पाल सिंह, राजकीय बालिका इण्टर कालेज, फतेहगढ से राजकीय इण्टर कालेज फरर्खाबाद में पदोन्नति किया गया है। इसी तरह जनपद कन्नौज के श्री ब्रहमानन्द वर्मा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जिला विधालय निरीक्षक कन्नौज में पदोन्नति किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी श्री आई पी पाण्डेय का जनपद बस्ती के लिए स्थानांतरण -
मुख्य विकास अधिकारी श्री आई पी पाण्डेय का इसी पद पर जनपद बस्ती के लिए स्थानांतरण हो गया है। विगत 19 मई 2012 को जनपद में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण करने वाले श्री आई पी पाण्डेय का कार्यकाल एक वर्ष में कुछ दिन ही कम रह गया। श्री पाण्डेय द्वारा मंगलवार तक चार्ज छोड़े जाने की संभावना है।
कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों मे दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य आवासीय ग्रीष्म शिविर का आयोजन -
राज्य परियोजना कार्यालय के आदेश दि0 08-05-2013 के द्वारा सर्व शिक्षा अभियान के अन्तर्गत कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालयों मे दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य आवासीय ग्रीष्म शिविर का आयोजन किये जाने के निर्देश जारी किये है।
जारी पत्र के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आ रहा है कि बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बालिकाओं का शतप्रतिशत नामाकंन नहीं हो रहा है। साथ ही यह भी प्रकाश में आया है कि कतिपय अपवंचित समूह की बालिकाओं की वांछित भागीदारी भी नहीं हो रही है।
उक्त तथ्यों को द़ृष्टिगत रखते हुए दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य ग्रीष्म शिविर की संकल्पना एवं कार्ययोजना निम्नवत है -
उददेश्य -
शिविर की दिनचर्या इस प्रकार होगी -
जारी पत्र के क्रम में यह तथ्य प्रकाश में आ रहा है कि बालिका विद्यालयों में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष बालिकाओं का शतप्रतिशत नामाकंन नहीं हो रहा है। साथ ही यह भी प्रकाश में आया है कि कतिपय अपवंचित समूह की बालिकाओं की वांछित भागीदारी भी नहीं हो रही है।
उक्त तथ्यों को द़ृष्टिगत रखते हुए दि0 21-06-2013 से 30-06-2013 के मध्य ग्रीष्म शिविर की संकल्पना एवं कार्ययोजना निम्नवत है -
उददेश्य -
- प्रत्यके कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय हेतु निर्धारित संख्या के अनुसार शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना।
- नामांकन से अपवंचित समूहों की बालिकाओं की तार्किक भागीदारी सुनिश्चित करना।
- अपवंचित समूह की 11 से 14 वय वर्ग की कभी भी नामांकित न हुई अथवा ड्राप आउट बालिकाओं में शिक्षा के प्रति रूझान बढ़ाना तथा उन्हें विद्यालयों में पढ़ने के लिए प्रेरित करना।
- अपवंचित वर्ग के समुदाय को बालिका -शिक्षा के महत्व पर जागरूक करना।
- प्रत्येक कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय में आगामी शैक्षिक सत्र हेतु कक्षावार रिक्त संख्यानुसार 11 से 14 वय वर्ग की कभी भी नामांकित न हुई अथवा ड्राप आउट बालिकाऍ।
- 100 बालिकाओं की छात्र संख्या बाले विद्यालयों में अधिकतम 100 बालिकाओं तथा 50 बालिकाओं की छात्र सख्ंया वाले विद्यालयों की अधिकतम 50 बालिकाओं को शिविर में सम्मिलित अवश्य किया जाये।
- कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय की वार्डेन एवं अन्य शैक्षिक कर्मी
- सह समन्वयक- ब्लाक संसाधन केन्द्र
- समन्वयक-न्याय पंचायत समन्वयक
- सदस्य - विद्यालय प्रबन्ध समिति
- प्रतिनिधि - एन0जी0ओ0
- कस्तूरबा गॉधी बालिका विद्यालय जिस वार्ड अथवा ग्राम में संचालित है कि उसके सभासद/ग्राम प्रधान
शिविर की दिनचर्या इस प्रकार होगी -
बुधवार, 8 मई 2013
कक्षा 8 तक के स्कूलों को मान्यता की नई नीति जारी
उत्तर प्रदेश में नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक हिंदी तथा अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को मान्यता देने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद ने नई नीति जारी कर दी है। नई नीति में स्कूलों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर जहां रोक लगा दी गई है, वहीं राजनीतिक व गैर शैक्षिक कार्यक्रम को प्रतिबंधित कर दिया गया है। स्कूल के बाहरी भाग को सफेद रंग से पेंट कराया जाएगा ताकि उसकी पहचान हो सके। मान्यता के लिए आवेदन ऑनलाइन लिए जाएंगे। प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शिक्षा का अधिकार नियमावली 2011 लागू होने की तिथि से तीन वर्ष के अंदर पुराने स्कूलों को नई शर्तें पूरी करनी होंगी। अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य होगा। अल्पसंख्यक स्कूलों पर यह शर्त लागू नहीं होगी।
नई मान्यता नीति के मुताबिक स्कूल भवन नेशनल बिल्डिंग कोड के अनुसार बनेंगे। स्कूल के शिक्षकों और कर्मियों को अग्निशमन उपकरणों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राज्य सरकार इन स्कूलों को कोई अनुदान नहीं देगी।
हिंदी मीडियम की मान्यता शर्तें
नर्सरी स्तर के स्कूलों के लिए दो कक्षाएं तथा प्राथमिक स्तर के लिए पांच कक्षाएं तथा यदि उच्च्च प्राथमिक स्कूल के लिए तीन अतिरिक्त कक्षाएं जरूरी होंगी। निजी भवन होने या 10 वर्ष की लीज या किराए वाले भवनों को मान्यता देने पर विचार किया जाएगा। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल के लिए प्रति छात्र 9 फीट तथा क्लास रूम का पूरा क्षेत्रफल 180 वर्ग फीट से कम नहीं होना चाहिए। प्रत्येक क्लास रूम में 20 बच्चों के बैठने की व्यवस्था होगी। प्रधानाध्यापक व स्टाफ के लिए अलग कमरा होगा। प्राथमिक स्कूलों की मान्यता के लिए बीएसए की अध्यक्षता में समिति होगी।
•स्कूलों का नहीं हो सकेगा अब व्यावसायिक इस्तेमाल
•राजनीतिक व गैर शैक्षिक कार्यक्रम पर रोक
•ऑनलाइन लिया जाएगा आवेदन
एडी बेसिक की अध्यक्षता में समिति बनेगी और बीएसए सदस्य सचिव व वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य होगा। प्री-प्राइमरी से प्राइमरी तक के लिए 200 बच्चे और 7 क्लास रूम, प्राइमरी के लिए 150 बच्चे 5 क्लास रूम, प्री-प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल तक के लिए 275 बच्चे 10 क्लास रूम तथा प्राइमरी से जूनियर हाईस्कूल के लिए 225 बच्चे और 8 क्लास रूम होने चाहिए। पिछड़े और ग्रामीण क्षेत्र की छात्र संख्या में कम हो सकती है। क्लास रूम हिंदी माध्यम की तरह ही बनाए जाएंगे। प्री-प्राइमरी से प्राइमरी के लिए 2000 और जूनियर हाईस्कूल के लिए मान्यता शुल्क 3000 रुपये देना होगा। स्कूल के सुरक्षित कोष में 10,000 रुपये रखना होगा और गारंटी 20,000 रुपये की देनी होगी।
मानक और शर्तों को पूरा करने वाले नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को बेसिक शिक्षा परिषद से स्थायी मान्यता के लिए दोबारा आवेदन नहीं करना होगा। परिषद अब उन्हें तीन साल की अस्थायी मान्यता देगा। यदि स्कूल तीन साल तक सभी शर्तों और मानकों को पूरा करता है तो उसकी अस्थायी मान्यता को स्थायी मान लिया जाएगा। शासन ने यह भी तय किया है कि शर्तें पूरी न करने वाले स्कूल पर किसी किस्म का आर्थिक दंड नहीं लगाया जाएगा बल्कि उसकी मान्यता वापस ले ली जाएगी। मान्यता के लिए सभी स्कूलों का रंग सफेद होना चाहिए। खेल का मैदान न होने पर किसी स्कूल को मान्यता से वंचित नहीं किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी व हिंदी माध्यम के निजी नर्सरी, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को मान्यता देने के लिए मानक और शर्तों को संशोधित करते हुए बुधवार को शासनादेश जारी कर दिया है।
भौतिक संसाधन : विद्यालय सोसाइटी का निजी भवन होने या कम से कम 10 वर्ष तक किराये/लीज पर भवन उपलब्ध होने पर मान्यता पर विचार किया जा सकेगा। मान्यता के लिए प्रत्येक क्लासरूम का न्यूनतम क्षेत्रफल 180 वर्ग फीट होना चाहिए। प्रधानाध्यापक, कार्यालय और स्टाफ के लिए अलग-अलग कमरे होने चाहिए। छात्र-छात्रओं तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं के लिए अलग-अलग मूत्रलय व शौचालय होने चाहिए। स्कूल में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। अधिकतम दो वर्ष में स्कूल के रंग रोगन की व्यवस्था की जाएगी।
शिक्षक : स्कूल में योग्यताधारी शिक्षक उपलब्ध होना जरूरी है। उच्च प्राथमिक कक्षाओं के लिए हर कक्षा-कक्ष के लिए विज्ञान व गणित, सामाजिक अध्ययन व भाषा से संबंधित शिक्षक जरूर हों। बाल शिक्षा, शारीरिक शिक्षा तथा कार्यानुभव शिक्षा के लिए भी एक-एक शिक्षक होना चाहिए।
स्टेशनरी-कॉपियां खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे स्कूल
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से यह अपेक्षित होगा कि वे एनसीईआरटी या एससीईआरटी या बेसिक शिक्षा परिषद से अनुमोदित पाठ्यक्रम ही पढ़ायें। किसी खास तरह की स्टेशनरी खरीदने के लिए छात्रों पर दबाव न बनायें। न ही अभ्यास पुस्तिकाओं पर स्कूल का नाम मुद्रित कराकर खरीदने के लिए मजबूर किया जाए वर्ना ऐसे स्कूलों की मान्यता वापस ले ली जाएगी।
अंग्रेजी स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर मान्यता
अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को मान्यता तभी मिलेगी जब स्कूल के कैचमेंट एरिया में न्यूनतम छात्र संख्या उपलब्ध हो सके। प्री-प्राइमरी व प्राइमरी के लिए न्यूनतम छात्र संख्या 200 (सात कक्षाएं) होगी।
डिग्री कॉलेजों में एडमिशन का शेड्यूल तय
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी से संबद्ध डिग्री कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया एक जून से शुरू हो जाएगी जबकि एक जुलाई से पढ़ाई भी शुरू होगी। इस संबंध में यूनिवर्सिटी प्रशासन और डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल के बीच सहमति बन गई है। सत्र 2013-14 का प्रस्तावित शेड्यूल भी जारी हो गया है। इस बार 14 जिलों के लगभग 700 डिग्री कॉलेजों की एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जानी है।
आगामी शैक्षिक सत्र से डिग्री कॉलेजों में एडमिशन, एग्जाम फार्म और फीस जमा करने के संबंध में बुधवार को यूनिवर्सिटी के इंटरनेशनल गेस्ट हाउस में सभी डिग्री कॉलेजों के प्रिंसिपल की मीटिंग बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने की। मीटिंग में चर्चा के बाद सत्र 2013-14 से एडवांस डिग्री शुल्क वसूलने पर रोक लगाने का फैसला किया गया। यह फीस अब कॉलेज संचालक नहीं वसूल पाएंगे। संबंधित स्टूडेंट बैंक से टोकन लेंगे और उसके गोपनीय कोड, लॉगिन नेम के सहारे ऑनलाइन फार्म भरेंगे। निर्धारित तारीख पर जाकर यूनिवर्सिटी कैंपस से डिग्री प्राप्त कर लेंगे। एडमिशन से पहले सब्जेक्ट कांबिनेशन (किस सब्जेक्ट के साथ कौन सा सब्जेक्ट लेना है) तय करने की रणनीति भी बनी है।
ये है शेड्यूल
31 मई : एडमिशन कमेटी का गठन
1 जून: प्रवेश फार्मों की बिक्री शुरू
22 जून: एडमिशन की पहली मेरिट लिस्ट
30 जून: एडमिशन प्रक्रिया पूरी करने की आखिरी तारीख
1 जुलाई: डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई शुरू
16 जुलाई : सत्र 2013-14 के स्टूडेंट्स के ऑनलाइन एग्जामिनेशन फार्म भरने और एग्जाम फीस जमा करने की प्रक्रिया शुरू होगी
31 अगस्त : एग्जामिनेशन फार्म भरने और एग्जाम फीस जमा करने की आखिरी तारीख
15-31 अक्तूबर : स्टूडेंट्स के फोटो और हस्ताक्षर युक्त फार्म जमा होंगे
प्राथमिक शिक्षक बनाएंगे नगर क्षेत्र के राशनकार्ड
नगरीय क्षेत्र में नए सिरे से राशनकार्ड बनवाने का जिम्मा प्राथमिक शिक्षकों को सौंपा गया है। शिक्षक घर-घर जाकर राशनकार्डों का भौतिक सत्यापन करेंगे। जरूरत के मुताबिक एपीएल, बीपीएल और अंत्योदय कार्ड बनाने की संस्तुति प्रदान करेंगे।
शहर क्षेत्र में जिलापूर्ति की 90 राशन की दुकानें हैं। प्रत्येक दुकान पर दो-दो शिक्षकों की ड्यूटी भौतिक सत्यापन के लिए लगाई गई है। इस कार्य को संपन्न कराने के लिए डीएसओ द्वारा शिक्षकों को प्रपत्र सौंप दिए गए हैं। शिक्षक घर-घर जाकर नए राशनकार्डों को बनाने तथा पुराने राशनकार्डों का नवीनीकरण करने के साथ ही कार्डों में यूनिट घटाने और बढ़ाने का कार्य करेंगे। शासन द्वारा एपीएल कार्ड का मूल्य 10 रुपया, बीपीएल का पांच और अंत्योदय राशनकार्ड निशुल्क बनाया जाएगा। यह राशि कर्मचारियों द्वारा नगद ली जाएगी। एक परिवार को एक ही राशनकार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को आधा यूनिट माना जाएगा। जिनकी वार्षिक आय करीब 26 हजार है उन्हें बीपीएल राशनकार्ड का लाभ उन्हीं को मिलेगा। अंत्योदय राशनकार्ड में ऐसे निर्धन परिवारों को शामिल किया जाएगा, जिनके पास न तो पक्के मकान हैं और न ही कोई निश्चित रोजगार है।
दिनाक 08-05-2013 को आयोजित काउन्सलिंग में 126 के सापेक्ष 106 अभ्यर्थी उपसिथति -
दिनाक 08-05-2013 को आयोजित काउन्सलिंग में 126 के सापेक्ष 106 अभ्यर्थी उपसिथति -
आज कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी फरखाबाद में अशंकालिक अनुदेशकों के रिक्त 126 पदों पर काउन्सलिंग की कार्यवाही सम्पन्न की गइ, उक्त के सापेक्ष 100 अभ्यर्थी ही उपसिथति हुए, 06 अभ्यर्थी दि0 30.06.2013 में से उपसिथति हुए। इस प्रकार अभी भी लगभग 20 पद रिक्त है, जिन पर परियोजना कार्यालय द्वारा जारी निर्देशानुसार अगिम कार्यवाही सम्पन्न की जायेगी।
मंगलवार, 7 मई 2013
अनुदेशक भर्ती में शासन हुआ गम्भीर -
श्री सुनील कुमार, प्रमुख सचिव, उ0प्र0शासन द्वारा अशंकालिक अनुदेशकों की भर्ती में कतिपय जनपदों में काउन्सलिंग के समय शैक्षणिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन ठीक से न करने तथा फर्जीवाडे़ की शिकायत मिलने से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कठोर निर्देश जारी किये गये है। उनके द्वारा जारी आदेश दि0 07.05.2013 के क्रम में जनपद के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये है कि अनुदेशक भर्ती में उनके शैक्षिकप्रशिक्षण प्रमाण पत्रों के सत्यापन व चयन में पूर्ण पादर्शिता बरती जाये, किसी भी स्तर पर शिकायत व शिकायत सही पाये जाने पर उस जनपद के अधिकारी पूर्ण रूप से दोषी होगें।
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