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Monday, 2 March 2015

कक्षा 5 के छात्रों के शिक्षा के न्यूनतम स्तर को पूर्ण कराने के लक्ष्य हेतु 08 सप्ताह में पाली का निर्धारण -














श्री जे० एस० शाक्य, तत्कालीन जिला बेसिक फिरोजाबाद सम्प्रति वरिष्ठ प्रवक्ता , डाइट फिरोजाबाद का निलंबन आदेश -


बच्चों को समय से किताबें मिलना मुश्किल -टेंडर स्थगित होने से स्कूली किताबों की छपाई खटाई में

  • टेंडर स्थगित होने से स्कूली किताबों की छपाई खटाई में
  • 1 अप्रैल से शुरू होना है परिषदीय स्कूलों का नया सत्र

लखनऊ : गुजरे वर्षो की तरह एक बार फिर परिषदीय स्कूलों के बच्चों को नए सत्र की शुरुआत में किताबें मिल पाना मुश्किल है। परिषदीय स्कूलों के अगले शैक्षिक सत्र के लिए भले ही रविवार से स्कूल चलो अभियान शुरू हो गया हो, लेकिन नए सत्र में स्कूली बच्चों को समय से किताबें मिलने पर सवालिया निशान लग गया है। वजह यह है कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों को निश्शुल्क बांटी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के प्रकाशकों के चयन के लिए 28 फरवरी को होने वाली टेंडर प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। इस बार परिषदीय स्कूलों का शैक्षिक सत्र पहली अप्रैल से शुरू होगा। परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के सभी बच्चों को सरकार निशुल्क किताबें बांटती हैं। अगले शैक्षिक सत्र के लिए परिषदीय स्कूलों के 1.8 करोड़ बच्चों के लिए लगभग 14 करोड़ किताबें छपनी हैं। इन किताबों की छपाई के लिए प्रकाशकों का चयन करने की खातिर बीती 28 फरवरी को टेंडर होना था। पिछले वर्ष तक पाठ्य पुस्तकों की छपाई के लिए आपूर्तिकर्ताओं के सामने पर्यावरणीय दृष्टि से अनुकूल (ईको फ्रेंडली) कागज की आपूर्ति की शर्त रखी जाती थी। इस साल ईको फ्रेंडली के साथ रीसाइकल्ड कागज की आपूर्ति की शर्त रख दी गई। पाठ्य पुस्तकों की छपाई के लिए बीते वर्षो में कागज की आपूर्ति करती आई हिंदुस्तान पेपर कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसी) ने इसे लेकर आपत्ति जताई थी। एचपीसी का कहना है कि रीसाइकल्ड कागज की आपूर्ति की शर्त के कारण व कागज की आपूर्ति की टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो रही है। एचपीसी की आपत्ति पर शासन ने टेंडर प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। टेंडर स्थगित होने से किताबों की छपाई फिलहाल खटाई में पड़ गई है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इतनी पड़ी संख्या में किताबें छापने के लिए प्रकाशकों को डेढ़ से दो महीने का समय लगता है। बेसिक शिक्षा परिषद का अगला शैक्षिक सत्र पहली अप्रैल से शुरू होना है। अगले सत्र के लिए विभाग ने स्कूली बच्चों को 10 अप्रैल तक किताबें वितरित करने की योजना बनायी थी। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने कहा कि किताबों की छपाई के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया पूरी कराने में समय लगेगा। उन्होंने माना कि इन परिस्थितियों में बच्चों को सत्र की शुरुआत में तय समय में किताबें उपलब्ध करा पाना मुश्किल होगा।

शिक्षा पर केंद्रीय खर्च में भारी कटौती - 16 फीसदी कटौती का सबसे ज्यादा असर स्कूली शिक्षा पर असर -


शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने के सम्बन्ध में विभिन्न शिक्षकों द्वारा दी गयी प्रतिक्रियायें -

  • Sanjay Tiwari Azad Iska doshi swam shishak hai suruat yahi se hoti hai
  • 23 hrs · Unlike · 2
  • Anandkumar Maurya jabtak samasya k jad ko nahi door karenge tabtak un bhrstachar- bhrstachar chillate rahen kuch nahi ho sakta basik sikcha ka
    22 hrs · Edited · Unlike · 1
  • राम जी विश्वकर्मा Mantri sahit upar wale agar sudhar jayen to niche wale apne aap sudhar jayenge.
    23 hrs · Unlike · 1

  • Anandkumar Maurya प्राइवेट स्कुल में 5 साल में पहली कक्षा पास करवाई जाती हैं । 1--nursery 2--L,k,G, 3--U,K.G, 4--prep 5--First, सरकारी स्कुल में 5 साल में 5 वी पास करने का राज्यादेश सरकार द्वारा लागू किया गया हैं। 1-- छात्र विद्यालय न आये तो भी। 2--फेल नहीं करना हैं 3-- प्रतिवर्ष कक्षोंउन्नत करना है 4--निरन्तर अनुपस्थिति पर भी नाम नहीं काटना हैं। 5--ड्रोप आउट नहीं करना हैं । :- प्राइवेट में आठ कालांश, आठ अध्यापक , एक प्रधानाध्यापक एक कार्यालय सहायक एक चपरासी एक व्यवस्थापक बारह का स्टाफ होता है 8वी तक की स्कुल में जबकी सरकारी स्कुल में आठ कालांश चालीस छात्र पर एक अध्यापक औसत तीन अध्यापक । सरकारी स्कुल में एक अध्यापक निम्न पदों पर काम करता हैं । 1--कार्यवाहक प्रधानाध्यापक 2--विषय अध्यापक 3--कार्यालय बाबू 4 - - चपरासी 5--डाकिया 6--ई-ग्राम प्रभारी 7--पोषाहार प्रभारी 8--नोडल अधिकारी 9--पुस्तकालय बाबू 10-- P,T,I इत्यादि। एक काम का वेतन देकर दस पदों का काम करवाती है। फिर गलती निकालती है सरकार। A,c, में बैठने वाले कमियाँ निकालना जानते।काम करना नहीं जानते । साथियों इसे सरकार तक पहुंचाना ।
    22 hrs · Unlike · 13
  • Sudhesh Pandey इसके लिए अधिकारियो को बोले की पैसो का चलन बंद करे और मानकों के तहत नियुक्ति, समायोजन और ट्रान्सफर करे। सिर्फ पैसे कमाने के चक्कर में कर्यवाही न की जाये और न opposite साइड नियुक्ति दे जिससे समायोजन के नाम पर भ्रस्टाचार न हो
    22 hrs · Unlike · 3
  • Sunil Kumar Kushwaha Muskaan bhai purushottam ji naukari kaise prapt ki hai use bhi to bata de.......
    22 hrs · Like · 1
  • Sanjay Gupta अगर शिक्षा विभाग ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार में लिप्त है तो इसका जिम्मेदार कौन है क्या उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं की उसे ठीक करें
    हाँ पानी का बहाव हमेशा ऊपर से नीचे की तरफ होता है 
    पहले सिस्टम ठीक हो 

    बाकी सब अपने आप ठीक हो जायेगा
    22 hrs · Unlike · 6
  • Anil Pande yah bhut kharab statement h basic minister ka
    22 hrs · Unlike · 3
  • Anil Pande kyonki brastachar ki jar gov ki policy h
    22 hrs · Like · 2
  • Raj Shekhar Singh Mantri je ko B.S.A. ki posting ke liye kitna lete hai ?
    22 hrs · Unlike · 3
  • Sandeep Kumar Shandily 3 साल से ऊपर जमे बाबुओ व खण्ड शिक्षा अधिकारियो का ट्रान्सफर अन्तरमण्डलिय किया जाये ।।गैर शैक्षणिक कार्यो से दूर किया जाये ।।पुस्तक वितरण की भाँति ही ड्रेस का वितरण भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ऑफिस से हो ।।खण्ड शिक्षा अधिकारी ऑफिस से प्रति माह टी एल एम् जैसे चाक डस्टर व अन्य सामग्री दी जाये ।।व साल में जो 5 हज़ार रुपये रगाई पुताई को आते हैं उसको भी बी एस ए एक जिला समिति बनाकर पूर्ण करवाये
    22 hrs · Unlike · 11
  • Sandeep Kumar Shandily संदीप कुमार शांडिल्य प्रदेश मीडिया प्रभारी विशिष्ट बी टी सी शिक्षक वे एसो यू पी
    22 hrs · Like · 2
  • Sandeep Kumar Shandily संघ चाहे कोई भी इनके नेताओ की बी ई ओ ,बी एस ए माह में एक बार बैठक ले ।जिससे इनका ऑफिसो में आवागमन कम हो तथा इनके माध्यम से भी हो रही दलाली पर अंकुश लगे ।जब तक शिक्षक नही जुड़ेगा तब तक दलाली नही हो सकती हैं ।सभी मिलने वाले बजट से शिक्षक से दूर रखा जाये ।एम् डी एम् व्यवस्था का वितरण भी ग्राम भोजन वितरण समिति बनाकर किया जाये जिसका अध्यक्ष प्रधान को व सचिव किसी अभिभावक को ही बनाया जॉय
    22 hrs · Like · 6
  • Care Naman Bilkul sahi kaha lekin sirf ye bata de ki beo ke transfer karne ke baad kyoun roke gaye our aaj tak nahi hue our bsa ki posting pane ka paimana kya mantri ji ki baten to achhi hain parantu kriyanvan ....?
    22 hrs · Like
  • Akbar Ali Basic education aayog bana de
    21 hrs · Like · 1
  • Shashi Bhushan Sabse pahle hame mantri ji ki baat ka anushravan karte hue unke hi matanusar MDM Free DRESS SCLORSHIP Free BOOKS And private school ki tarah kewal education dene ka niyam, fees lage aur fail karne ki subidha aur lagatar agar students na aaye to naam katne ki subidha di jaye uske sath2 aaj bhi school 1 hi teacher ke bharose chal rahe hai iss kami ko dur kiya jaye posted teacher ko paas ka school diya jaye
    20 hrs · Like · 1
  • 19 hrs · Like · 1
  • Jaikesh Singh bharat aur bharastachar saswat satya hai jo nahi badal sakta
    19 hrs · Like
  • Ashok Kumar उत्तर प्रदेश क्या पूरे भारत की शिक्षा व्यवस्था ठीक हो सकती है अगर सरकार की इच्झाशक्ति हो तो। इसमे वश मेरी छोटी सी राय है सरकार वश छोटा सा काम करना है जो भी सरकारी कर्मचारी और नेता प्रधान से लेकर मंत्री तक सभी के बच्चे सरकारी स्कूल में पड़ेंगे और जो जंहा काम कर रहा है वही के स्कूल में। इससे देश के लिए भी अच्छा होगा और किसी को भी ग़रीबी और अमीरी में अंतर नहीं दिखाई देगा???? रही भ्रष्ट तंत्त की बात वो अपने आप ही ख़तम हो जायेगा??
    17 hrs · Edited · Like
  • Dinesh Kumar एक विभाग के मंत्री जी अगर खुद ऐसा कहते हैं तो ये निराशाजनक है ..उन्हें ये कहने के बजाय उन्मूलन के प्रयास करने चाहिए जो उनका दायित्व भी है और अधिकार भी।
    6 hrs · Like · 1
  • Rajiv Choudhary Randhawa Mitro Yadi Coreption He to weh shuru upar se hota he ki ek B.S.A. apne posting ke Liye pase Dekar Ata He to Beh Apni Marzi Se Galat kam karkar Pase kamata he or jo Abaz Uthata he use kami dikha kar Suspend kar Diya jata he 
    Mantri g Bataye ki Unehone A
    bhi tak kisi B.S.A ya B.E.O ke khilaf kuch karwahi ki ho
    Ya shikshko se unki problam se laker Shiksha me Sudhar ke liye Self unki Roye Li ho ya Un par koi Vichar kiya ho
    Mantri ji ko yadi sudhar karna he to weh ek khule manch par shikshko ki samassyao or Shiksha se sambandhit Roy Le Un par Vichar kar New Yozna tayyar kare Uske Bad Dekhe Sudhar hota he ki Nahi
    6 hrs · Unlike · 1