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Tuesday, 31 March 2015

जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का सफल आयोजन संपन्न -

आज दिनांक 31 मार्च 2015 को शिक्षा विभाग की ओर से  जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में RTE शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत बच्चो को अधिक से अधिक संख्या में नामांकन कराने, स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने, के लिए शिक्षा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कार्यशाला  एवं शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया गया| आयोजन में जनपद से सभी प्रधानाध्यापक , सह-सहसमन्वयक, न्याय पंचायत समन्यवयक, खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला समन्वयक के साथ शिक्षक संगठन के नेताओ ने प्रतिभाग किया| संगोष्ठी का आयोजन ऑफिसर्स क्लब में आयोजित किया गया| जनपद के 17 अध्यापको द्वारा भिन्न भिन्न विषयों पर मार्कर से वाइट बोर्ड पर मॉडल टीचिंग के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया| संगोष्ठी का संचालन जनपद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री योगराज सिंह ने किया|  मंच पर जिलाधिकारी श्री एन० के० एस० चौहान, मुख्य विकास अधिकारी श्री एस० एन० शुक्ल तथा पुलिस अधीक्षक श्री विजय यादव जी मौजूद रहे| जनपद के कई शिक्षको द्वारा अपनी प्रतिभा एवं विधायो का प्रदर्शन मंच पर किया गया| श्री गंगेश शुक्ल, चन्द्रकान्त दुबे, रेखा यादव, शिव कुमार पाल व् अन्य शिक्षको ने अपनी शिक्षण विधियों को सरलता से समझाया| शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का उददेश्य नये शिक्षा सत्र पर विद्यालयों में नया, स्वच्छ, शिक्षा का वातावरण तैयार करना था, साथ  ही नए सत्र पर नामांकन वृद्धि करना, फर्जी नामांकन पर रोक लगाना, बच्चो की उपस्थित शत प्रतिशत सुनिश्चित करना| जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री योगराज सिंह ने RTE एक्ट के प्रविधानाति व्यवस्था को संक्षेप में समझाया, उनके द्वारा  अवगत कराया गया कि विद्यालय में किस प्रकार प्रबंध समिति को क्रियाशील करना,  बैठको को प्रत्येक माह में करना| RTE में प्रावधानित दुर्लभ एवं अलाभित बच्चो को 25 प्रतिशत प्रवेश निशुल्क करना| 6 - 14 वर्ष के बच्चो को उनकी आयु के आधार  कक्षा में प्रवेश देना, शिक्षा के अधिकारो  से किसी बच्चे को बंचित न रखा जाए| शिक्षको को प्रशिक्षण देकर नवीन विधायो से परिचित कराया जाए| अंत में जिलाधिकारी महोदय द्वारा शिक्षको को अपने कर्तव्यों, दायित्यो  का बोध कराया गया तथा नामांकन बढाने पर जोर दिया | 














कल से खुल जाएंगे स्कूल - सुबह 9 से अपराह्न 3 बजे तक

लखनऊ । बेसिक व माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूल बुधवार से खुल जाएंगे। परिषदीय स्कूलों का समय सुबह 9 से अपराह्न 3 बजे तक रखा गया है। बेसिक शिक्षा परिषद के निदेशक डीबी शर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए जरूरी तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं। स्कूल खुलने से पहले इनकी सफाई कराने को कहा गया है। इसी तरह जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि स्कूल खोलने की सभी तैयारियां करा ली जाएं जिससे छात्र-छात्राओं को कोई असुविधा न हो।

Monday, 30 March 2015

प्रदेश के कोषागारों में E-Payment लागू होने के फलस्वरूप आवश्यक दिशा निर्देश -



प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षक भर्ती के लिए 5 दिसंबर 2012 को शिक्षक भर्ती में आवेदन करने वालों का वापस होगा पैसा -

  • दिसंबर 2012 के शासनादेश पर आवेदन वालों को मिलेगा
लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों में 72,825 शिक्षक भर्ती के लिए 5 दिसंबर 2012 को जारी शासनादेश के आधार पर आवेदन करने वालों के पैसे वापस किए जाएंगे। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा है कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 30 नवंबर 2011 को जारी शासनादेश के आधार पर 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्तियां की जा रही हैं, इसलिए दिसंबर 2012 को जारी शासनादेश के आधार पर आवेदन करने वालों के पैसे वापस करने का निर्णय किया गया है।
प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक के पद पर सबसे पहले नवंबर 2011 में तत्कालीन बसपा सरकार ने टीईटी मेरिट के आधार पर भर्ती का निर्णय किया था। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद अखिलेश सरकार ने 5 दिसंबर 2012 को शासनादेश जारी करते हुए इन्हीं पदों पर शैक्षिक मेरिट के आधार पर भर्ती करने का निर्णय कर लिया। सामान्य व पिछड़ा वर्ग से 500 व अनुसूचित जाति, जाति से 200 रुपये फीस लिए गए। सचिव बेसिक शिक्षा ने कहा है कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नवंबर 2011 में जारी शासनादेश के आधार पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा रही है, इसलिए दिसंबर 2012 में आवेदन का कोई मतलब नहीं है। इसलिए बेसिक शिक्षा निदेशक फीस वापस करने का आदेश दिया गया है।


नई शिक्षा नीति साल के अंत तक -केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी का बयान -

नई शिक्षा नीति साल के अंत तक

जालंधर : नई शिक्षा नीति इस साल के अंत तक फाइनल हो जाएगी। सभी प्रदेश सरकारों से नवंबर तक राय लेने के बाद शिक्षा नीति तय की जाएगी। देश में पहली बार आम जनता की राय लेकर शिक्षा नीति तय की जा रही है। यह बात केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को जालंधर सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि एचआरडी मंत्रलय की वेबसाइट पर दिए लिंक के जरिये लोग शिक्षा नीति पर अपनी राय दे सकते हैं। नई शिक्षा नीति बनाने के लिए 33 विभिन्न बिंदु रखे गए हैं, जिस पर लोग अपने सुझाव व राय दे सकते हैं। शिक्षा नीति बनाने में राय देने वालों के साथ ऑनलाइन डिस्कशन भी किया जाएगा। इसी तरह सभी राज्यों की सरकारों से भी फीडबैक व सुझाव लिए जा रहे हैं। देशभर में निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में स्मृति ईरानी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत इस मुद्दे पर भी काम किया जा रहा है। यदि लोग इस पर कुछ चाहते हैं तो अपनी राय दें। उसी के अनुरूप शिक्षा नीति बनेगी।

Thursday, 26 March 2015

जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में स्कूल चलो अभियान एवं नवीन शैक्षिक सत्र के सम्बन्ध में शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन दिनांक 31 मार्च को -


उ०प्र० बेसिक शिक्षा परिषद् द्वारा संचालित विद्यालयों में शिक्षकों के 72825 रिक्त पदों पर चयन हेतु शासनादेश दिनांक ०५-१२-२०१२ के क्रम में अभ्यर्थियो से ली गयी धनराशि वापस करने के सम्बन्ध में निर्देश -



स्वच्छता के पांच सूत्र - यूनिसेफ की पंजिका में दर्ज होगा मिड-डे मील का ब्योरा

  • प्रदेश के सभी जिलों में पहली अप्रैल से प्रभावी होगी पंजिका
  • बच्चों को स्वच्छता की जानकारी भी देगी पंजिका

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मध्याह्न् भोजन का ब्योरा अब यूनीसेफ की पंजिका में दर्ज होगा। यह पंजिका बेसिक शिक्षा विभाग को नए सत्र से नि:शुल्क उपलब्ध करा दी जाएगी। यूनीसेफ की यह विशेष पंजिका बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगी। पंजिका के नि:शुल्क वितरण करने के पीछे यूनीसेफ की मंशा बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारियां देना है। मध्याह्न् भोजन का विवरण भरने के अलावा यह शिक्षकों व छात्रों को हाईजीन (स्वच्छता), हाथों की सफाई व आरोग्य व्यवहारों के संबंध में जानकारियां व आंकड़े भी उपलब्ध कराएगा। यूनीसेफ का मानना है कि यह पंजिका बच्चों को स्वास्थ्य शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालय को स्वच्छता के राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तीन स्टार श्रेणी में विकसित करने में सहायक होगी। यूनीसेफ ने इसमें हाईजीन (स्वच्छता) मॉड्यूल का वर्णन करते हुए छह पृष्ठ जोड़े हैं। पंजिका में शिक्षकों को मिड-डे मील संबंधी ब्योरा दर्ज करना होगा उनमें तिथि के अलावा उपस्थित छात्रों की संख्या, भोजन ग्रहण कर रहे छात्रों की संख्या, उपभोग में लाए गए खाद्यान्न की मात्र, व्यय की परिवर्तन लागत, मीनू में भोजन के प्रकार, भोजन ग्रहण करने से पूर्व कितने बच्चों ने साबुन से हाथ धोए तथा भोजन चखने वाले रसोइया, अध्यापक व अभिभावक का नाम व हस्ताक्षर आदि शामिल है। अभी तक इन जानकारियों को दर्जनों अभिलेखों में दर्ज करना पड़ता था, लेकिन अब एक ही पंजिका में मध्याह्न् योजना संबंधी सभी ब्योरे आसानी से उपलब्ध होंगे। बीएसए देवरिया मनोज मिश्र के अनुसार यूनीसेफ यह पंजिका मार्च के अंत तक सभी विद्यालयों को उपलब्ध करा दी जाएगी। नए सत्र से यह विद्यालयों में प्रभावी हो जाएगी। यह पंजिका न सिर्फ मध्याह्न् भोजन योजना को पारदर्शी बनाने में सहायक होगी बल्कि बच्चों को बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देने में भी मददगार साबित होगी।
स्वच्छता के पांच सूत्र -

बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के सचिव, संजय सिन्हा ने नगर क्षेत्र के 43 प्राथमिक शिक्षकों को अनुभव शिथिलता प्रदान कर पदोन्नति करने की अनुमित दी-

  • नगर के 43 शिक्षकों की पदोन्नति को अनुमति 

फरुखाबाद: बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद के सचिव संजय सिन्हा ने नगर क्षेत्र के 43 प्राथमिक शिक्षकों को अनुभव शिथिलता प्रदान कर पदोन्नति करने की अनुमित दे दी है। ग्रामीण क्षेत्र से शहर के विद्यालयों में योगदान करने वाले परिषदीय शिक्षकों का नगर में 5 वर्ष अनुभव पूरा नहीं हुआ है। बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने अनुभव में शिथिलता प्रदान करने की अनुमति देते हुए कहा कि चयन समिति के माध्यम से पदोन्नति की जाए। प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, अनुशासनात्मक कार्रवाई गतिमान होने वाले शिक्षकों की पदोन्नति न की जाए। प्राथमिक शिक्षक संघ संयोजक मंडल के सह संयोजक भूपेश पाठक ने गुरुवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

सहायक अध्यापक प्राथमिक विदयालय एवं सहायक अध्यापक उ०प्रा०वि० के रिक्त पदों के प्रति पदोन्नति किये जाने के लिए 30 अप्रैल 2015 की तिथि निर्धारित-

  • पदोन्नति करने हेतु एक वर्ष की शिथिलता प्रदान| 
  • रिक्त पद होने पर 04 वर्ष के शिक्षण अनुभव के आधार पर की जा सकती पदोन्नति|


Wednesday, 25 March 2015

शिक्षकों से पढ़ाई के अलावा दूसरे काम लेना अवैध -हाईकोर्ट

  • हाईकोर्ट ने कहा- चुनाव, जनगणना और आपदा के सिवा न लिया जाए कोई काम
इलाहाबाद। प्रदेश के करीब चार लाख शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। हाईकोर्ट ने प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों से पढ़ाई के अलावा दूसरा कोई काम नहीं लेने का निर्देश दिया है। एडवोकेट सुनीता शर्मा की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही मुख्य न्यायमूर्ति डॉ. डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खंडपीठ ने शिक्षकों से लिए जा रहे राशनकार्ड सत्यापन के कार्य पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों से अध्ययन के अलावा अन्य कार्य लिए जाने के अवैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा है कि अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना राज्य का वैधानिक दायित्व है और इसका निर्वहन किया जाना चाहिए। कोर्ट ने राशन कार्ड सत्यापन में शिक्षकों को लगाए जाने को गलत माना है। कहा है कि अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्य में नहीं लगाया जा सकता। उनसे जनगणना, चुनाव ड्यूटी या आपदा के समय ही अतिरिक्त कार्य लिया जा सकता है। 1यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डा. डीवाई चंद्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खंडपीठ ने अधिवक्ता सुनीता शर्मा की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। कोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 21(4) एवं अनिवार्य शिक्षा कानून 2009 के अन्तर्गत छह से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा पाने का मूल अधिकार है। राशन कार्ड सत्यापन अभियान के लिए मुख्य सचिव के परिपत्र में अध्यापकों को लगाने का उल्लेख नहीं है। जिला आपूर्ति अधिकारी, इलाहाबाद ने परिपत्र के विपरीत बिना विधिक प्राधिकार के अध्यापकों को सत्यापन कार्य में लगाया। सत्यापन दो से 27 फरवरी तक कराया गया। सरकार का कहना था कि यह कार्य शिक्षण अवधि के बाद खाली समय में लिया गया, इससे शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हुआ। कोर्ट ने इसे सही नहीं माना और कहा कि अध्यापकों से सत्यापन कार्य नहीं लिया जा सकता। सरकार चाहे तो अपने कर्मचारियों के अलावा संविदा पर कार्य करा सकती है। याची के अधिवक्ता विजय चन्द्र श्रीवास्तव का कहना था कि अध्यापकों को राशन कार्ड सत्यापन कार्य में लगाने से बच्चों के शिक्षा पाने के अधिकार का उल्लंघन होता है।

जनपदस्तर पर "स्कूल चलो अभियान" रैली निकाल कर जागरूकता का दिया सन्देश -

आज फतेहगढ़ के ब्रह्मदत्त स्टेडियम में जनपदस्तर पर "स्कूल चलो अभियान" रैली निकाली गयी, रैली में बड़ी संख्या में विद्यालयों के बच्चों ने बढ-चढ़ कर भाग लिया | रैली का उद्घाटन जनपद के जिलाधिकारी श्री एन०के० एस० चौहान ने किया| रैली में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री योगराज सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री भगवत पटेल, नगर शिक्षा अधिकारी श्री अनिल शर्मा के साथ जनपद के कई शिक्षक संघठन के नेताओ ने प्रतिभाग किया|