Breaking News -
विवि‍ध समाचार सार-*******BEd 72825 भर्ती मामले में मा0सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार टीईटी की मेरिट के आधार भर्ती प्रक्रिया प्रारम्‍भ, 29-30-31 अगस्‍त माह को काउन्‍सलिंग निर्धारित*********कस्तूरबा गाॅधी बालिका विद्यालयों में आगामी सत्र हेतु तैयारियाॅ एवं ग्रीष्माकालीन शिविर आयोजन के सम्बन्ध में निर्देश जारी**********भारत साक्षरता मिशन योजनान्तर्गत प्रेरकों की संविदा अवधि बढ़ाये जाने के सम्बन्ध में निर्देश************शिक्षामित्र तीन चरणों में बनाए जाएंगे शिक्षक : शासनादेश जारी*********कस्तूरबा गाॅधी बालिका विद्यालयों में अल्पसंख्यक छात्राओं का लक्ष्य के सापेक्ष नामांकन कराये जाने के सम्बन्ध में निर्देश जारी -*********साक्षर भारत मिशन योजना का दि0 31-03-2017 तक विस्‍तारीकरण**********उ0प्र0शासन द्वारा "आर्शीवाद" बाल स्‍वास्‍थ्‍य गारण्‍टी योजना जारी*************मा0मुख्‍यमन्‍ञीजी के अध्‍यापकों के प्रति घोषणा प्रञ जारी*********शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अन्‍तर्गत दुर्बल एवं अलाभित समूह बच्‍चों को 25 प्रति‍शित प्रवेश सम्‍बन्‍धी शासनादेश

Friday, 19 September 2014

बेसिक शिक्षा विभाग में अध्‍ययनरत विशिष्‍ट आवश्‍यकता वाले बच्‍चों को ब्‍लाकवार मेडिकल असेसमेन्‍ट कैम्‍प का आयोजन -

बेसिक शिक्षा विभाग में अध्‍ययनरत विशिष्‍ट आवश्‍यकता वाले बच्‍चों को ब्‍लाकवार मेडिकल असेसमेन्‍ट कैम्‍प के माध्‍यम विकलॉगता प्रमाण पत्र जारी करते हुए विकलॉग बोर्ड के सदस्‍य डॉ0 वी0के0दुबे, आर्थोपेडिक्‍स सर्जन, डॉ0कालिका प्रसाद, नाक कान गला रोग विशेषज्ञ, डॉ0 अजय कुमार आई सर्जन, जिला समन्‍वयक, समेकित शिक्षा श्री राजेश वर्मा। इन कैम्‍पों की जिम्‍मेदारी श्री अनुपम कुमार शुक्‍ला, रिसोर्स अध्‍यापक को दी गई है।





6,645 एलटी शिक्षकों की समय से हो भर्ती -

  • माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की बैठक में फैसला
लखनऊ। सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में 7145 शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षाएं जनवरी व फरवरी में आयोजित कराई जाएंगी। यह निर्णय उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की गुरुवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से किया गया। प्रशिक्षित स्नातक वर्ग की परीक्षाएं 11, 18 व 25 जनवरी 2015 तथा प्रवक्ता संवर्ग की 1 व 8 फरवरी को कराई जाएंगी। विषयवार परीक्षा कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।
सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रशिक्षित स्नातक और प्रवक्ता संवर्ग के पदों पर भर्ती का अधिकार उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड इलाहाबाद को है। बोर्ड ने प्रशिक्षक स्नातक संवर्ग के 6028 तथा प्रवक्ता संवर्ग के 1117 पदों के लिए दिसंबर 2013 में विज्ञापन निकाला था। भर्ती के लिए आवेदन आने के बाद मामला न्यायालय में चले जाने की वजह से भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी। शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में अब कोर्ट से राहत मिल गई है।
इसके आधार पर लिखित परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। बोर्ड की बैठक गुरुवार को चेयरमैन परशुराम पाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें तय किया गया कि परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया जाए। विषयवार विस्तृत कार्यक्रम जल्द ही जारी कर दिया जाएगा। आवेदकों को प्रवेश पत्र डाक से भेजने के साथ चयन बोर्ड की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।


प्रशिक्षु शिक्षकों की दूसरी मेरिट आज सम्‍भव -

लखनऊ । प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती के लिए दूसरी मेरिट शनिवार की रात तक आने की संभावना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने बृहस्पतिवार को जिलों से रिक्त पदों के लिए मिले ब्यौरे को एनआईसी को सौंप दिया है। एनआईसी अधिकारियों ने एससीईआरटी को आश्वासन दिया है कि जल्द ही वह मिले ब्यौरे के आधार पर मेरिट का निर्धारित करते हुए उसे सौंप देंगे।
प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षकों की दूसरी काउंसलिंग 22 से शुरू होकर 26 सितंबर तक चलेगा। एससीईआरटी को इसके पहले मेरिट जारी करना है। एससीईआरटी ने यदि 20 तक मेरिट जारी न की तो अभ्यर्थियों को काउंसलिंग कराने के लिए डायटों में पहुंचने में परेशानी होगी। इसलिए एससीईआरटी ने एनआईसी के अधिकारियों से कहा है कि जल्द ही मेरिट निर्धारण का काम पूरा कर लिया जाए, जिससे इसे ऑनलाइन करते हुए जिलों को भेजा जा सके। जानकारों की माने तो एनआईसी ने शुक्रवार की शाम तक मेरिट निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर लेने का आश्वासन दिया है।

निजी स्कूलों को देनी ही होंगी किताबें-वर्दी -

  • आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों का मामले में हाईकोर्ट ने कहा
  • वर्दी पर कम बजट रखने पर सरकार को भी लगाई फटकार
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट कर दिया कि सस्ती दरों पर भूमि लेने वाले निजी स्कूलों को आर्थिक रूप से पिछडे़ वर्ग के बच्चों को कॉपी-किताबें और वर्दी देनी ही होगी। अदालत ने निजी स्कूलों के उस तर्क को खारिज कर दिया कि जिम्मेदारी उनकी नहीं, बल्कि सरकार की है। इतना ही नहीं अदालत ने सरकारी स्कूलों के बच्चों को वर्दी के लिए काफी कम फंड का प्रावधान रखने पर भी फटकार लगाई।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष स्कूलों ने तर्क रखा कि सरकार कॉपी-किताबें और वर्दी पर आए खर्च का समय पर भुगतान नहीं करती। इतना ही नहीं सरकार वर्दी के लिए बहुत ही कम पैसे देती है जबकि प्रति बच्चे पर तीन से चार हजार रुपये वर्दी पर खर्च होते हैं। स्कूलों ने हाईकोर्ट से ईडब्ल्यूएस कोटे के छात्रों को कॉपी, किताबें और वर्दी मुहैया करवाने का आदेश वापस लेने की मांग की। इस पर खंडपीठ ने साफ कर दिया कि कॉपी-किताबें और वर्दी स्कूलों को देनी ही पड़ेंगी। इस मुद्दे पर 9 अक्तूबर को विस्तृत आदेश पारित किया जाएगा।
वहीं, दिल्ली सरकार ने बुधवार को हलफनामा दाखिल कर कहा था कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों को कॉपी-किताबें और वर्दी मुहैया कराने के लिए निजी स्कूलों को प्रतिमाह 1290 रुपये दिए जाते हैं। राजधानी में निजी स्कूलों में पढ़ रहे ईडब्ल्यूएस श्रेणी के कुल 70 हजार में से 50 हजार से अधिक छात्रों को कॉपी-किताबें नहीं मिली हैं।


Thursday, 18 September 2014

01 काउंसलिंग में एक अभ्यर्थी आया -

फरुखाबाद : दि0 18-09-2014 को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान शिक्षक भर्ती के लिए चतुर्थ चरण की काउंसलिंग में गुरुवार को छह पदों के लिए बुलाये गये 90 अभ्यर्थियों में 89 नहीं आये। इस बार 15 गुने अभ्यर्थियों का कट आफ जारी किया गया था। अनुसूचित वर्ग के एक पद के लिए 15 में से कोई अभ्यर्थी काउंसलिंग में शामिल नहीं हुआ। 


जनवरी-फरवरी में टीजीटी-पीजीटी परीक्षा -

इलाहाबाद : लम्बे इंतजार के बाद प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक एवं प्रवक्ता 2013 (टीजीटी-पीजीटी) की परीक्षा तारीखें घोषित कर दी गई हैं। माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड 11, 18, 25 जनवरी और एक व आठ फरवरी 2015 में परीक्षा कराएगा। बोर्ड ने इस पर चर्चा के बाद मुहर लगा दी है। बोर्ड ने पिछले दिनों शासन को टीजीटी-पीजीटी 2013 की परीक्षा कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था। उस पर मुहर लग जाने के बाद गुरुवार को हुई सेवा चयन बोर्ड की बैठक में तारीखें घोषित कराने पर मंथन हुआ। कई सदस्यों ने परीक्षा दिसंबर में ही कराने की बात कही, लेकिन अभ्यर्थियों के ही एक गुट के विरोध पर तारीखें बदली गईं। अभ्यर्थियों का तर्क था कि अक्टूबर में पीसीएस, नवंबर-दिसंबर में लोअर सबार्डिनेट परीक्षाएं होनी हैं, ऐसे में एक माह बाद परीक्षा कराई जाए। बोर्ड ने अभ्यर्थियों की मांग का सम्मान करते हुए जनवरी, फरवरी की तारीखें घोषित की हैं। बोर्ड के सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि डा. परशुराम पाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में परीक्षा तारीखों पर मुहर लगा दी गई है। अभ्यर्थियों को डाक से प्रवेश पत्र भेजा जाएगा, चयन बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाएगा। बोर्ड के सचिव ने बताया कि टीजीटी में करीब 14 व पीजीटी में 22 विषय हैं। ऐसे में विषयवार परीक्षा का कार्यक्रम अगले महीनों में जारी होने की उम्मीद है। इस परीक्षा में करीब नौ लाख से अधिक दावेदार हैं। परीक्षा प्रदेश के 12 मंडल मुख्यालयों पर ही आयोजित कराई जाएगी। पदों के सत्यापन का कार्य पूरा होने को है। उसके पूरा होते ही पद जारी कर दिए जाएंगे। बैठक में यह भी तय किया गया कि 2011 की टीजीटी एवं पीजीटी परीक्षा पर हाई कोर्ट का स्थगनादेश हटवाया जाएगा। पैरवी के लिए उपसचिव डा. आशुतोष दुबे को अधिकृत किया गया। सचिव ने कहा कि कोर्ट ने जिन बिंदुओं पर आपत्ति की थी उसे दूर कर लिया गया है। इसी महीने बोर्ड की एक और बैठक होगी जिसमें चयन बोर्ड से जुड़े सभी विवादित मुद्दे उठाए जाएंगे, ताकि उनका भी चर्चा के बाद निराकरण किया जाए।

बीएड वालों की भर्ती का रास्ता साफ -

इलाहाबाद : बीएड करके शिक्षक भर्ती की लाइन में लगे अभ्यर्थियों को यह खबर राहत देने वाली है। हाईकोर्ट में पहले टीईटी एवं बाद में बीएड परीक्षा पास करने वालों के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी 2011 देने वाले तमाम अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जो उस समय बीएड पास नहीं थे, बल्कि उन्हें बीएड का अंकपत्र 2012 में मिला है। ऐसे में जब प्रदेश भर के जूनियर स्कूलों में विज्ञान एवं गणित शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई तो पहले टीईटी और बाद में बीएड करने वालों को बाहर करने की बात मुखर हुई। इन अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने से रोकने के लिए गया प्रसाद मौर्य आदि ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। वैसे इस संबंध में शासन ने कोई आदेश नहीं दिया था और न ही पहले टीइटी और बाद में बीएड करने वालों को काउंसिलिंग में शामिल होने से रोका था। अभ्यर्थी कोर्ट में दायर याचिका को लेकर पशोपेश में थे। अभ्यर्थी ओमकार सिंह ने बताया कि गया प्रसाद मौर्या ने बीते दिनों अपनी याचिका वापस ले ली थी।


Wednesday, 17 September 2014

400 निजी बीएड कालेज खतरे में -

  • सीटें न भरने से बनी स्थिति शिक्षकों को वेतन के लाले
  • आर्थिक संकट से गिरेगी शिक्षण प्रशिक्षण की गुणवत्ता

प्रदेश के करीब चार सौ निजी बीएड कालेजों पर सीटें न भरने से पैदा हुए आर्थिक संकट के कारण बंदी का खतरा मंडरा रहा है। इन कालेजों में शिक्षण कार्य पर खर्च और छात्रों के शुल्क से आय में भारी अंतर की वजह से यह आर्थिक संकट पैदा हुआ है। इस बार काउंसलिंग के माध्यम से बीएड की सिर्फ 35 प्रतिशत सीटें ही भर पाई हैं। खाली सीटों को भरने के सभी रास्ते बंद हैं और मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में निजी कालेज प्रबंधक कालेज बंद करने का मन बना रहे हैं। उस पर शासन ने अगले सत्र से दो साल का बीएड करने की योजना बनाई है जिसके चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बीएड से दूर भागेंगे जिसका विपरीत प्रभाव निजी कालेजों पर पड़ना तय है। निजी कालेज प्रबंधक एसोसिएशन के प्रतिनिधि राजेश भदौरिया बताते हैं कि छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय से संबद्ध 165 कालेजों की कुल 19 हजार सीटों में सात हजार सीटें भरी हैं। मेरठ व आगरा का तो और भी बुरा हाल है। उप्र स्ववित्तपोषी महाविद्यालय एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय त्रिवेदी का कहना है कि जल्द रास्ता न निकला तो प्रदेश के तकरीबन 400 कालेजों में ताला पड़ सकता है। शासन से 20 हजार रुपये शुल्क बढ़ाने का आग्रह किया था पर भी ध्यान नहीं दिया गया।



115 शिक्षकों की सेवाएं बहाल -

  • फैजाबाद, देवीपाटन, गोरखपुर और बस्ती मंडलों में हुई थीं संस्कृत शिक्षकों की नियुक्तियां
  • अनियमितता की शिकायत मिलने पर रद हुई थी चयन की कार्रवाई


Click here to enlarge image
लखनऊ : शासन ने संस्कृत विद्यालयों में वर्ष 2011 में नियुक्त किये गए 115 शिक्षकों की सेवा बहाल कर दी है जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इनमें से 26 प्रधानाचार्य और 89 शिक्षक हैं। इन शिक्षकों की नियुक्ति फैजाबाद, देवीपाटन, गोरखपुर और बस्ती मंडलों में की गई थी। इन शिक्षकों की नियुक्ति को निरंतर मानते हुए एरियर सहित उनके वेतन भुगतान का आदेश जारी कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आजमगढ़ मंडल में नियुक्त किये गए 12 प्रधानाचार्यो और 34 शिक्षकों की सेवाएं बीते दिसंबर में बहाल कर दी गई थीं। उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद अधिनियम 2000 के तहत संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यो और शिक्षकों की सेवा नियमावली 2009 में बनी थी। इस नियमावली के तहत 2011 में फैजाबाद, देवीपाटन, गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडलों में संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की नियुक्ति की गई थीं। प्रधानाचार्यो और शिक्षकों के चयन में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। इस पर पांचों मंडलों में हुई नियुक्ति की कार्रवाई रद कर दी गई थी। नियुक्ति रद होने के खिलाफ आजमगढ़ के शिक्षक हाई कोर्ट चले गए थे। हाई कोर्ट से राहत न मिलने पर शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आजमगढ़ मंडल में की गईं नियुक्तियां बहाल कर दी गईं थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर शेष चार मंडलों में नियुक्तियां रद किये जाने के खिलाफ भी हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं। विभिन्न याचिकाओं और विशेष अपीलों में हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के क्रम में शासन ने चारों मंडलों के 26 प्रधानाचार्यों और 89 शिक्षकों की सेवाएं इस शर्त के साथ बहाल करने का निर्णय लिया है कि बहाली का यह आदेश अदालत में विचाराधीन एक याचिका और विशेष अपील में पारित किये जाने वाले अंतिम आदेश के अधीन होगा।



कंप्यूटर शिक्षकों के छह हजार पद होंगे सृजित -

लखनऊ : राजकीय और अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षकों के 6000 पद सृजित होंगे। शासन ने इस बारे में माध्यमिक शिक्षा निदेशक से प्रस्ताव मांगा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक को निर्देश दिया गया है कि वह कंप्यूटर शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता निर्धारित करते हुए इस बाबत शासन को प्रस्ताव भेजें। प्रदेश में लगभग 1500 राजकीय और 4500 अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राजकीय और अशासकीय सहायताप्राप्त विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षकों की जरूरत महसूस की जा रही है। इन स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा तो दी जा रही है, लेकिन कंप्यूटर शिक्षक के पद नहीं सृजित हैं। केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के 4000 राजकीय और अशासकीय सहायताप्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आइसीटी योजना संचालित है। पहले चरण में 2009-10 में इस योजना को 2500 और दूसरे चरण में 2010-11 में 1500 विद्यालयों में लागू किया गया। तीसरे चरण में योजना को 1800 अन्य माध्यमिक विद्यालयों में भी संचालित करने की अनुमति मिल चुकी है। योजना का उद्देश्य माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को कंप्यूटर आधारित शिक्षा देना है। यह योजना निजी सेवा प्रदाताओं के सहयोग से चलाई जाएगी। 

समायोजन को चुनौती -एक साथ सुनी जाएंगी शिक्ष्‍ाामित्रों की याचिकाएं

  • हाईकोर्ट ने सभी याचिकाओं को संबद्ध करने का आदेश दिया, नौ अक्तूबर को सुनवाई
इलाहाबाद (ब्यूरो)। शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक पद पर समायोजन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई करेगा। इस प्रकरण को लेकर अब तक चार याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं। याचिकाओं में शिक्षामित्रों के संगठनों ने भी पक्षकार बनाए जाने की अर्जी दी है, जिसे मंगलवार को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष यह प्रकरण आज रखा गया।
खंडपीठ ने सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए नौ अक्तूबर को प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि इस दौरान पक्षकार यदि कोई प्रपत्र या जवाब, प्रतिउत्तर आदि दाखिल करना चाहते हैं तो कर दें। अंशुमान श्रीवास्तव की याचिका पर सुनवाई के समय यह मामला उठा। अदालत को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जवाब दाखिल किया जा चुका है। अवकाश कालीन बेंच में एकल न्यायपीठ के यहां मामला दाखिल किया गया था।



मदरसा शिक्षकों को भी मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार

  • अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट ने दी मंजूरी
लखनऊ । मदरसा शिक्षक भी अब बेसिक व माध्यमिक शिक्षकों की तर्ज पर राज्य पुरस्कार पा सकेंगे। मंगलवार को राज्य कैबिनेट ने अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके तहत अब प्रत्येक वर्ष तीन तहतानिया (कक्षा एक से पांच तक), तीन फौकानिया (कक्षा छह से आठ तक) व तीन आलिया (कक्षा नौ व10) स्तर के शिक्षक-शिक्षिकाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
इसके तहत मदरसा शिक्षकों को 10 हजार रुपये नगद, पदक व शॉल भेंट किया जाएगा। इन शिक्षकों को जिस साल पुरस्कार मिलेगा, उस साल वे रोडवेज की बसों में 4000 किलोमीटर मुफ्त सफर भी कर सकेंगे। राज्य पुरस्कार देने के लिए मंत्री ने इसमें पांच लाख रुपये का बजट भी मंजूर करा लिया है।


राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में अगले सत्र में दाखिले के लिए प्रक्रिया आरंभ

  • कॉलेजों में फरवरी माह के आवेदन शुरू
  • राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में अगले सत्र में दाखिले के लिए प्रक्रिया आरंभ
लखनऊ: एक ओर लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में दस फीसद सीटें बढ़ने से कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया फिर से आरंभ हो गई हैं तो वहीं राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने भी अगले सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहां न तो मेरिट की चिंता न ही प्रवेश परीक्षा के लिए मारामारी, एक बार फार्म भरा और कोर्स में प्रवेश सुनिश्चित। शहर के चारों कोनों पर हैं इन विश्वविद्यालयों के सेंटर। 1जुलाई सत्र के लिए राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में आवेदन प्रक्रिया 15 सितंबर को समाप्त हो चुकी है और अब 16 सितंबर से फरवरी सत्र के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। अंतिम तारीख तक फार्म के साथ-साथ ड्राफ्ट के माध्यम से फीस भी जमा कर देनी होगी। इसमें कोई मेरिट लिस्ट व परीक्षा के माध्यम से प्रवेश नहीं दिए जाते हैं बल्कि फार्म भरने के साथ ही दाखिला निश्चित है। अभी आवेदन की अंतिम तिथि तय नहीं हुई है। जिन अभ्यर्थियों को इसी सत्र में दाखिला लेना था वह अब नहीं ले पाएंगे, अब फार्म भरने वालों को अगले सत्र में माना जाएगा। विवि द्वारा करीब 70 कोर्स संचालित किए जाते हैं जिसमें सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्स भी शामिल हैं। मुख्य कोर्स हैं बीए, बीकॉम, बीएससी, एमए, एमकॉम, एमएससी के अलावा बीएड भी है, किंतु बीएड के दाखिले मई में खत्म हो चुके हैं। सर्टिफिकेट व डिप्लोमा कोर्सेज में मास कम्युनिकेशन व योगा भी शामिल है। विवि के केंद्र कालीचरण, बीएसएनवी कॉलेज में हैं।

स्कूल ड्रेस का रंग उड़ा तो दर्ज होगी रिपोर्ट

  • 15 अक्टूबर तक वितरित होनी हैं स्कूलों में बच्चों को ड्रेस

संवाद सूत्र, गोसाईगंज: परिषदीय स्कूलों के बच्चों को यूनीफार्म का वितरण 15 अक्टूबर तक किया जाना है। यूनीफार्म वितरण के बाद उसकी गुणवत्ता एक सप्ताह में जांची जाएगी। यूनीफार्म को नमूने के कपड़े से मिलान करने के साथ ही उसकी धुलाई करवा कर देखा जाएगा। अगर बच्चों की वर्दी सैंपल के कपड़े से भिन्न मिलती है, रंग फीका पड़ता है या फिर कपड़ा सिकुड़ता है तो प्रधानाध्यापक एवं विद्यालय प्रबंध समिति अध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा कर धन वसूली की जाएगी। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने यह आदेश जारी किया है। 1प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे को दो सेट यूनीफार्म का वितरण किया जाना है। यूनीफार्म का वितरण 15 सितंबर से लेकर 15 अक्टूबर तक होना है। यूनीफार्म की खरीद केलिए विद्यालय स्तर पर चार सदस्यीय एक क्रय समिति बनाई जाएगी। यूनीफार्म वितरण के एक सप्ताह के अंदर जिला स्तरीय समिति द्वारा गठित टास्क फोर्स अनिवार्य रूप से विद्यालय का निरीक्षण करेगी। समिति इस बात की भी रिपोर्ट देगी कि यूनीफार्म को धुलवा कर देखने के बाद रंग फीका पड़ने या कपड़ा सिकुड़ने की शिकायत तो प्राप्त नहीं हुई है। ऐसा होने या ड्रेस का नकद भुगतान करने की दशा में एफआइआर दर्ज करवा कर क्रय कीमत की वसूली खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा की जाएगी। जिला स्तर पर एक कंट्रोलरूम स्थापित किया जाएगा। जिसमें दर्ज शिकायतों को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी का कहना है कि शासन स्तर से आदेश मिला है जिसकी अनुपालन किया जाएगा।


Tuesday, 16 September 2014

72825 प्रशिक्षु शिक्षक चयन भर्ती - राज्‍य स्‍तरीय समस्‍या निवारण समिति ने किया कई अभ्‍यर्थियों की कठिनाईयों का निराकरण-

निदेशक, राज्‍य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उ0प्र0 लखनऊ ने अपने पत्रांक/रा0शै0/प्र0शि0 2011/15778-921/2014-15 दिनॉंक 12 सितम्‍बर के द्वारा राज्‍य स्‍तरीय समस्‍या निवारण समिति गठित कर 72825 प्रशिक्षु शिक्षक चयन में आ रही कठिनाइयों का निराकरण कर दिया है, समिति द्वारा निम्‍न निर्णयों पर अपना स्‍पष्‍ट अभिमत दिया गया है, जिसके आधार पर हजारो अभ्‍यर्थियों को काउन्‍सलिंग कराने का मौका मिलेगा -
1- समिति द्वारा प्रशिक्षु शिक्षक चयन में उन अभ्‍यर्थियों को लाभान्वित किया है, जिन्‍होने अनारक्षित श्रेणी के अन्‍तर्गत स्‍नातक/परास्‍नातक में 45 प्रतिशत अकों एवं आरक्षण/विशेष आरक्षण वाले अभ्‍यर्थियों को 40 प्रतिशत अंकों से स्‍नातक उत्‍तीर्ण के साथ बी0एड0 उत्‍तीर्ण किया है, ऐसे अभ्‍यर्थियो को काउन्‍सलिंग हेतु अर्ह माना है, अवगत कराना है कि वर्ष 2010 तक एवं पूर्व के वर्षो में समय-समय पर जारी एन0सी0टी0ई0 नियमों के तहत कई अभ्‍यर्थियों को Minimum 45 प्रतिशत स्‍नातक अंकों के एवं समय-समय पर परास्‍नातक के अंकों के आधार बी0एड0 करने का मौका दिया था। उक्‍त का लाभ सामान्‍य वर्ग के अभ्‍यर्थियो को मिलेगा, इसी प्रकार 40 प्रतिशत अंकों के साथ स्‍नातक उत्‍तीर्ण करने वाले आरक्षण/विशेष आरक्षण वाले अभ्‍यर्थियों को लाभ मिलेगा। यहॉ बी0एड0उत्‍तीर्ण के अंकों को वरीयता नही दी गई। 
2- समिति द्वारा उन अभ्‍यर्थियो को भर्ती प्रक्रिया से बाहर रखा है, जिन्‍होनें शिक्षक पात्रता परीक्षा टी0ई0टी 2011  उत्‍तीर्ण की है , परन्‍तु उनके स्‍नातक में 45 प्रतिशत से कम एवं आरक्षण/विशेष आरक्षण वाले अभ्‍यर्थियों जिनके 40 प्रतिशत से कम स्‍नातक में परीक्षा उत्‍तीर्ण की है। 
3-एल0टी0 एवं सी0टी0 योग्‍यताधारी अभ्‍यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से वाहर रखा है। 
4-उन अभ्‍यर्थियो को भर्ती प्रक्रिया में सम्मिलित किया गया है, जिन्‍होने इन्दिरा गॉधी राष्‍ट्रीय मुक्‍त विश्‍वविद्यालय नई दिल्‍ली  एवं राजर्षि टण्‍डन मुक्‍त विश्‍वविद्यालय इलाहाबाद के पत्राचार द्वारा 02 वर्षीय बी0एड0 उत्‍तीर्ण किया है। 
5-बी0टेक, बी0फार्मा, बी0एस0सी0 आई0टी0, बी0एस0सी0 कृषि, बी0एस0सी0, गृहविज्ञान इत्‍यादि कोर्स वाले अभ्‍यर्थियों  को विज्ञान वर्ग के अन्‍तर्गत शामिल किया है, बी0सी0ए0 को इन्‍टरमीडिएट के आधार पर विज्ञान/कला वर्ग में रखा गया है। 
6- भारत मे विधि द्वारा स्‍थापित परीक्षा संस्‍थाओं/बोर्ड से उत्‍तीर्ण होने वाले अभ्‍यर्थियो को ही प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 में अर्ह माना है। 


उ0प्र0 बेसिक शिक्षा परिषद के नियन्‍त्रणाधीन संचालित प्राथमिक/उ0प्राथमिक विद्यालयों में अध्‍ययनरत छात्र/छात्राओं के लिए यूनीफार्म का निर्धारण -


नि-शुल्‍क यूनीफार्म वितरण के लिए धनराशि विद्यालयों में भेजने के निर्देश जारी, ड्रेस कलर विगत वर्ष की भॉति रहेगा -












जूनियर भर्ती - आफलाइन काउन्‍सलिंग पर उठ रहे है सवाल -


Monday, 15 September 2014

बीएसए ने शैक्षिक गुणवत्ता का पाठ पढ़ाया -

  • बीआरसी शमसाबाद में बीएसए ने ली शिक्षकों की बैठक
  • शैक्षिक गुणवत्ता न सुधरी तो कार्रवाई तय
  • बढ़पुर बीआरसी में हुई बैठक में समस्याएं उठीं
फर्रुखाबाद। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शमसाबाद बीआरसी पर शिक्षकों को शैक्षिक गुणवत्ता का पाठ पढ़ाया। उन्हाेंने कहा कि विद्यालय समय से खुलने और बंद होने चाहिए। अगर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होना तय है। इधर बढ़पुर बीआरसी में हुई बैठक में शिक्षकों ने समस्याएं उठाईं।
परिषदीय विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता सुधार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने कवायद शुरू की है। सोमवार को बीएसए ने बीआरसी शमसाबाद पहुंच कर शिक्षकों की बैठक ली। कहा कि कमजोर बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाए। मानक और मीनू के अनुसार एमडीएम बनना चाहिए। शिक्षकों की समस्याआें का शीघ्र निस्तारण होगा। यहां खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान प्रकाश अवस्थी व शिक्षक नेता मौजूद रहे।
उधर बढ़पुर बीआरसी पर सोमवार को बीईओ महेश चंद्र शर्मा ने शिक्षकों की बैठक ली। इसमें शिक्षकों ने कहा कि शिक्षण के अतिरिक्त कई अन्य कार्य कराए जाते हैं। इस कारण शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार में दिक्कत आती है। शिक्षण के अलावा अन्य कोई कार्य न कराया जाए। एमडीएम वितरण के बाद बच्चों को उनके परिजन बुला ले जाते हैं। इससे निरीक्षण में कम बच्चे मिलते हैं। खंड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं से बीएसए को अवगत कराया जाएगा। ड्रेस वितरण को धन आने के बाद स्कूलों में रुपया भेजा जाएगा। रेडियो पर मीना मंच का कार्यक्रम 11 से 12 के मध्य आता है। इस कार्यक्रम को रेडियो के माध्यम से बच्चों को सुनवाया जाए। शैक्षिक गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए। एमडीएम मानक के अनुसार ही बनवाया जाए। बीईओ ने बताया कि जो शिक्षक बैठक से अनुपस्थित रहे हैं, उनको नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

विकलांग छात्रों के उपकरण को 16.83 लाख मिले

 फर्रूखाबाद : परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत विकलांग विद्यार्थियों को उपस्कर/ उपकरण वितरित किए जाने के लिए 16 लाख 83 हजार रुपये की धनराशि आ गयी है। राज्य परियोजना निदेशालय लखनऊ ने आवंटित धनराशि से बच्चों को आवश्यकतानुसार ब्रेल स्लेट, ब्रेल पेपर अबेकस, टेलर फ्रेम, हियरिंग एंड इयर कोल्ड, लुप इंडक्शन व मैग्नीफायर आदि दिलाए जाने के निर्देश दिये हैं। मेडिकल कैंप में बच्चों की उपस्कर आवश्यकता तय की जाएगी। पूरे प्रदेश के लिए उपस्कर/उपकरण खरीद को 8.12 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गयी है। 


सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के लगभग 2500 पदों पर भर्तियों की राह खुली -

जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी है। सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के लगभग 2500 पदों पर भर्तियों की राह खुल गई है। सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों और लिपिकों की भर्तियों पर लगा प्रतिबंध हट गया है। इस बारे में बेसिक शिक्षा विभाग ने शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश जारी होने से सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापकों के 800, शिक्षकों के 1444 और लिपिकों के लगभग ढाई सौ रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए अभ्यर्थी का अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। वहीं प्रधानाध्याक पद की भर्ती के लिए बतौर शिक्षक पांच साल का अनुभव जरूरी है। चूंकि टीईटी उत्तीर्ण कर पांच साल के अध्यापन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी अभी उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए प्रधानाध्यापक पद के लिए अभ्यर्थी के लिए टीईटी उर्त्तीण होने की अनिवार्यता नहीं है। प्रदेश में तकरीबन 3100 सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूल हैं। इन स्कूलों के शिक्षकों और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों को सरकार वेतन देती है। लंबे समय से इन स्कूलों में भर्तियां नहीं हो पायी हैं जबकि इस दरम्यान शिक्षक और शिक्षणोत्तर कर्मचारी रिटायर होते रहे। इसलिए सहायताप्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में स्टाफ खासतौर पर शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की कमी महसूस की जा रही है। इन स्कूलों के प्रबंधतंत्र द्वारा लगातार शासन से नई नियुक्तियां करने की अनुमति दिये जाने की मांग की जा रही थी। इस पर शासन ने बेसिक शिक्षा निदेशालय से इन स्कूलों में शिक्षक और शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के रिक्त पदों का ब्योरा तलब किया था ताकि इन पर भर्ती की जा सके। बेसिक शिक्षा निदेशालय ने शासन को इस बाबत प्रस्ताव भेज कर स्कूलवार रिक्त पदों का ब्योरा उपलब्ध कराया था। 

उ0प्रा0विद्यालयों में जनपद फर्रूखाबाद की चतुर्थ काउन्‍सलिंग का कटआफ जारी, विज्ञान में 06 एवं गणित वर्ग के 10 पदों पर होगी काउन्‍सलिंग -


शैक्षणित सत्र 2014-15 मे कक्षा 01 से 08 में अध्‍ययनरत अन्‍य पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु समय सारिणी जारी -



प्रशिक्षु शिक्षक चयन 2011 के सन्‍दर्भ में राज्‍य स्‍तरीय समस्‍या निवारण समिति द्वारा लिये गये निर्णयों के सन्‍दर्भ में आदेश जारी -






Sunday, 14 September 2014

टीईटी - आरक्षित वर्ग वाले 82 अंक पर होंगे पास

  • वर्ष 2011 वालों पर लागू नहीं होगी यह व्यवस्था
लखनऊ। प्रदेश में नवंबर 2011 को छोड़कर अब तक आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में 82 अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के परीक्षार्थियों को पास माना जाएगा। अभी कुछ सत्र में 83 अंक तो कुछ में 82 अंक पर पास माना जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग इस अंतर को समाप्त करने जा रहा है। उच्चाधिकारियों की बैठक में इसको लेकर सहमति बन गई है और जल्द ही बेसिक शिक्षा मंत्री से मंजूरी के बाद शासनादेश जारी कर दिया जाएगा।
150 अंकों के टीईटी में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक पाने वाले को पास माना जाता है। सामान्य वर्ग के परीक्षार्थियों को 90 अंक मिलने पर पास किया जाता है। आरक्षित वर्ग वालों को पांच प्रतिशत छूट के साथ नियमानुसार 82.5 अंक पर पास माना जाना चाहिए, लेकिन उन्हें 83 अंक पर पास किया जा रहा है। इस संबंध में हाईकोर्ट में आए दिन मुकदमे होते रहते हैं।
इसमें यही तर्क दिया जाता है कि केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में 82 अंक पर ही पास किया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में अलग-अलग व्यवस्था है। इसलिए टीईटी में आरक्षित वर्ग के पास करने का अंतर समाप्त करते हुए एक समान व्यवस्था कर दी जाए। इसके आधार पर ही यह सहमति बनी है कि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक (स्वयं) तथा नि:शक्त श्रेणी के परीक्षार्थियों को न्यूनतम 55 प्रतिशत यानी 82 अंक पर पास माना जाए। इसके आधार पर बेसिक शिक्षा मंत्री को प्रस्ताव भेजा गया है।

यूपी बोर्ड - परीक्षा केंद्रों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया

इलाहाबाद । यूपी बोर्ड की ओर बोर्ड परीक्षा 2015 की तैयारी शुरू हो गई है। बोर्ड की ओर से आवेदन पत्रों को भरने की प्रक्रिया के बीच परीक्षा केन्द्रों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र किस प्रकार बनाए जाएंगे, इसके बारे में बोर्ड के अधिकारी सोमवार को शासन के साथ होने वाली बैठक में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी देंगे। बोर्ड की ओर से नकल माफिया पर अंकुश लगाने के लिए ऑनलाइन केन्द्र बनाने की पहली बार तैयारी चल रही है।
यूपी बोर्ड में अब परीक्षा के एक दिन पहले तक माननीयों के विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाने की प्रक्रिया पर अब रोक लग सकेगी। बोर्ड ने परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया पूरी होने तथा परीक्षार्थियों की संख्या जारी होने के साथ ही परीक्षा केन्द्रों की सूची जारी करने की तैयारी की है।

72825 और 29334 में एक ही काउंसलिंग में मिलेगा मौका -

इलाहाबाद। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 72,825 और 29,334 दोनों शिक्षक पदों की भर्ती के लिए आवेदन करने वालों को सिर्फ एक ही काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। दरअसल, काफी संख्या में ऐसे आवेदक हैं जिन्होंने दोनों भर्तियों के लिए आवेदन कर रखा है और दोनों की काउंसलिंग में शामिल करने मांग कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट कर दिया है कि आवेदकों को सिर्फ एक ही काउंसलिंग में भाग लेने का मौका दिया जाएगा।
प्राथमिक विद्यालयों में 72825 शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए 2011 में आवेदन करने के बाद 2013 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित और विज्ञान के 29334 शिक्षकों के पदों की भर्ती के लिए भी हजारों युवाओं ने आवेदन किया था। 72825 पदों के लिए काउंसलिंग शुरू होने से जो आवेदक गणित और विज्ञान पदों के लिए काउंसलिंग करा चुके हैं, वो भी 72825 पदों की काउंसलिंग में शामिल होना चाहते हैं। गणित और विज्ञान की काउंसलिंग में शामिल आवेदकों के मूल शैक्षिक दस्तावेज विभिन्न जिलाें के बीएसए कार्यालयों में जमा हैं वो इन्हें वापस करने की मांग कर रहे हैं।
शिक्षक भर्ती
छात्रों की मांग पर बेसिक शिक्षा परिषद ने किया स्पष्ट नियम के आधार पर आवेदक एक ही काउंसलिंग में शामिल हो सकता है। यह व्यवस्था इसलिए भी की गई है कि आवेदक ने जिस जिले में काउंसलिंग करा ली है कम से कम वहां के पद तो भर जाएं। आवेदकों को यह फैसला करना होगा कि उन्हें किस पद की भर्ती की काउंसलिंग में शामिल होना है। - संजय सिन्हा, सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद

एलटी ग्रेड में सर्वाधिक भर्तियां गणित-विज्ञान शिक्षकों की -

  • महिलाओं को सामान्य विषय में सबसे ज्यादा मौके
  • संगीत विषय के ज्यादातर पद महिला शाखा के
  • कृषि विषय के शिक्षकों के सभी पद पुरुषों के लिए

Click here to enlarge image
लखनऊ : राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड शिक्षकों के 6645 रिक्त पदों पर होने वाली भर्ती में सबसे ज्यादा नियुक्तियां गणित औरविज्ञान विषय के अध्यापकों की होंगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए रिक्त पदों का जो ब्योरा तैयार किया है, उनमें सर्वाधिक 1069 पद गणित और विज्ञान विषय के हैं। दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा अवसर सामान्य विषय और सामाजिक विज्ञान में है जिसमें शिक्षकों के 1066 पद खाली हैं। नौकरी की संभावना के लिहाज से तीसरा स्थान हिंदी का है जिसे पढ़ाने वालों के 942 खाली पदों पर भर्तियां होंगी। एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जो शासनादेश जारी किया है, उसके साथ मंडलवार रिक्तियों का ब्योरा भी संलग्न है। इस विवरण के मुताबिक चौथे पायदान पर अंग्रेजी विषय है जिसके शिक्षकों के 916 पद खाली हैं जबकि पांचवें स्थान पर जीव विज्ञान है जिसे पढ़ाने वालों के 605 पद खाली हैं। पदों की संख्या के लिहाज से संस्कृत छठवें नंबर पर है जिसके 601 शिक्षकों की भर्ती होनी है। कला विषय के शिक्षकों के 490 पदों और गृह विज्ञान के 404 पदों पर भर्ती होगी। शारीरिक शिक्षा के 215 और उर्दू के 166 शिक्षक नियुक्त किये जाएंगे। वाणिज्य विषय के 70 जबकि संगीत के 39 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। यह बात और है कि संगीत शिक्षकों के 37 पद महिला शाखा के हैं जबकि वाणिज्य विषय के अध्यापकों के 54 पद पुरुष शाखा के हैं। कृषि शिक्षकों के 24 पदों पर भर्तियां होनी है और यह सभी पुरुष शाखा के पद हैं। हालांकि महिला अभ्यर्थियों के लिए सबसे ज्यादा मौके सामान्य विषय और सामाजिक विज्ञान विषय में हैं। महिला शाखा में सामान्य विषय और सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों के 644 रिक्त पदों पर भर्ती होगी। वहीं पुरुष अभ्यर्थियों के लिए सर्वाधिक अवसर गणित और विज्ञान विषय सुलभ कराएगा। पुरुष शाखा में गणित और विज्ञान विषय के 459 पदों पर भर्तियां होंगी।