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Sunday, 28 June 2015

गणित-विज्ञान शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन 2 जुलाई से

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित-विज्ञान शिक्षक के 29,334 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में टीईटी में 82 अंक पर पास होने वालों से 2 से 11 जुलाई के बीच आवेदन लेने की तैयारी है। आवेदन के बाद 15 से 17 जुलाई तक काउंसलिंग कराई जाएगी। इस संबंध में सचिव बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय ने प्रस्ताव तैयार किया है जिसे जल्द ही शासन को भेजने की तैयारी है। शासनादेश जारी होते ही ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद पात्रों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया भी शुरू होने की उम्मीद है।
सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने हाईकोर्ट के आदेश पर टीईटी में 82 अंक पर पास होने वालों से गणित-विज्ञान शिक्षक भर्ती में ऑनलाइन आवेदन के लिए जल्द कार्यक्रम घोषित करने का निर्देश परिषद के सचिव को दिया है। सूत्रों का कहना है कि जुलाई में ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर काउंसलिंग करा ली जाएगी। उधर, गणित-विज्ञान शिक्षक भर्ती संघर्ष मोर्चा के हरेंद्र मौर्य ने मांग की है कि अब तक सात चरणों की हो चुकी काउंसलिंग के पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र पहले दिए जाएं, जिससे रिक्त पदों की वस्तु स्थिति साफ हो सके।
उन्होंने कहा कि प्राइमरी और उच्च प्राइमरी शिक्षक भर्ती में कई आवेदकों ने एक साथ आवेदन किए हैं। प्राइमरी में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक के लिए भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कई ऐसे आवेदक होंगे जो प्राइमरी में जॉइन कर चुके होंगे। इसलिए पहले नियुक्ति पत्र देकर रिक्त पदों की स्थिति साफ कर लेनी चाहिए।

बांदा, महोबा, फतेहपुर, उन्नाव में नए बीएसए -

लखनऊ । प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा विभाग के 52 अफसरों का तबादला कर दिया है। यह सभी समूह ख के उच्चतर वेतनमान के अधिकारी हैं। 26 जिलों में नए बीएसए तैनात किए गए हैं। कई डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता भी इधर से उधर किए गए हैं। तबादला सूची इस प्रकार है-
सर्वदानंदवरिष्ठ प्रवक्ता डायट, उन्नावबीएसए झांसी
सच्चिदानंद यादववरिष्ठ प्रवक्ता, डायट जौनपुरबीएसए, कानपुर देहात
रामेश्वर प्रसाद पालवैयक्तिक सहायक, शिक्षा निदेशकबीएसए महोबा
(बे.) निशातगंज, लखनऊ
मसीहुज्जमा सिद्दीकीबीएसए महोबावरिष्ठ प्रवक्ता डायट हमीरपुर
सत्यनारायणबीएसए, बांदावरिष्ठ प्रवक्ता डायट पटेहरा मिर्जापुर
रामसागर पति त्रिपाठीवरिष्ठ प्रवक्ता डायट, कानपुर देहातबीएसए रायबरेली
गंगा सिंह राजपूतवरिष्ठ प्रवक्ता डायट मैनपुरीप्रभारी, सहायक शिक्षा निदेशक
बेसिक झांसी/चित्रकूट मंडल
विष्णु प्रताप सिंहविधि अधिकारी एससीईआरटी, लखनऊबीएसए कानपुर नगर
राजेन्द्र प्रसाद यादवबीएसए कानपुर नगरउप सचिव माशिप क्षे. कार्यालय वाराणसी
महेश प्रताप सिंहवरिष्ठ प्रवक्ता डायट, हरदोईबीएसए, श्रावस्ती
विनय कुमारबीएसए, सहारनपुरबीएसए फतेहपुर
विनोद कुमार मिश्राबीएसए ललितपुर वरिष्ठ प्रवक्ता डायट बांदा
जीतेन्द्र सिंह एरीस्थानान्तरणाधीन सहायक शिक्षा निदेशकस्थानान्तरण निरस्त, सहायक निदेशक
झांसी मण्डल, झांसीराष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान लखनऊ
इन्द्रजीतप्रधानाचार्य जीआईसी टांडा अम्बेडकरनगरबीएसए हमीरपुर
रामचन्द्रबीएसए, हमीरपुरसहायक उप शिक्षा निदेशक मध्यान्ह
भोजन प्राधिकरण लखनऊ
राजेश कुमार वर्माबीएसए, शाहजहांपुरबीएसए, जालौन
अजीत कुमारबीएसए, जालौनवरिष्ठ प्रवक्ता डायट, शाहजहांपुर
कौस्तुभ कुमार सिंहबीएसए, मुजफ्फरनगरबीएसए, उन्नाव
मुकेश कुमारबीएसए, उन्नावविशेषज्ञ सर्व शिक्षा अभियान लखनऊ

Friday, 26 June 2015

छात्रों की नाप से सिलाकर दी जाएगी यूनिफार्म -

लखनऊ । सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब स्कूलों में ही यूनिफार्म सिलवाकर दी जाएगी। स्कूल प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) की निगरानी में छात्र-छात्राओं के ड्रेस की नाप ली जाएगी और इसे बंटवाया जाएगा। उच्चाधिकारियों को जांच के दौरान यह अक्सर देखने को मिलता है कि बच्चों को बांटी जाने वाली यूनिफार्म की फिटिंग सही नहीं होती है। इसीलिए यह कवायद की जा रही है। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी से अनुमति मिलने के बाद शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2015-16 से ही लागू करने की तैयारी है। 
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को मुफ्त यूनिफार्म देने की व्यवस्था है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय छात्र-छात्राओं को दो सेट यूनिफार्म देने के लिए 400 रुपये देता है। शर्तों के मुताबिक बच्चों को यूनिफार्म देने के लिए स्कूलों में ही टेलर को बुलाकर यूनिफार्म सिलाने की व्यवस्था है, लेकिन बीएसए ठेके पर इसकी सिलाई करवाकर बंटवा देते हैं। इसके चलते बच्चे स्कूल में जब यूनिफार्म पहनकर आते हैं, तो वह काफी ढीलीढाली होती है। इसीलिए यह कवायद की जा रही है।

परिषदीय स्कूलों में परीक्षाएं तो होंगी लेकिन कोई फेल नहीं होगा -

लखनऊ। राज्य सरकार ने परिषदीय स्कूलों और सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में पूर्व की तरह विधिवत परीक्षा कराने का निर्णय किया है। इसके साथ ही साल में दो बार टेस्ट भी लिए जाएंगे। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इस संबंध में शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश के मुताबिक अगस्त व दिसंबर में 10-10 नंबर के दो टेस्ट होंगे। अर्द्धवार्षिक परीक्षा अक्तूबर में 30 अंक और सालाना परीक्षा मार्च में 50 अंक की होगी। इन परीक्षाओं में छात्रों को फेल नहीं किया जाएगा।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) लागू होने के बाद परिषदीय और सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में विधिवत परीक्षा की व्यवस्था समाप्त करते हुए बजट आवंटन बंद कर दिया गया था। दिखावे के लिए सिर्फ परीक्षाएं कराई जाती थीं। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय को सर्वे में पता चला था कि परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर दिनों-दिन गिर रहा है। इसलिए छात्रों का टेस्ट, अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अनुमति मिलने के बाद शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है। इसके मुताबिक कक्षा 2 से 8 तक की लिखित परीक्षाएं होंगी और कक्षा एक की मौखिक परीक्षा होगी। लिखित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र व कॉपियां मुफ्त में दी जाएंगी। परिषदीय स्कूलों में परीक्षा के लिए अलग से बजट की व्यवस्था कराई जाएगी। इस पर करीब 37 करोड़ रुपये सालाना खर्च का अनुमान है। लिखित परीक्षा के लिए प्रदेश स्तर पर मॉडल प्रश्नपत्र तैयार कराए जाएंगे और इसके आधार पर जिलों में प्रश्नपत्र तैयार होंगे। कक्षा 5 की वार्षिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन न्याय पंचायत संसाधन केंद्रों पर तथा कक्षा 8 की वार्षिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर कराया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर छात्र-छात्राओं का रिपोर्ट कार्ड तैयार कराया जाएगा।

जूनियर हाईस्कूल के संबद्ध प्राइमरी को मिलेगा अनुदान -

  • शासनादेश जारी, छात्र शिक्षक का अनुपात तय
  • प्रधानाध्यापक व शिक्षणेत्तर कर्मियों को रखने की अनुमति नहीं
लखनऊ । राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में चल रहे संबद्ध प्राइमरी को भी अनुदान देने का निर्णय किया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात के आधार पर शिक्षकों को वेतन मिलेगा। मसलन 60 छात्र पर दो शिक्षक, 61 से 90 पर तीन, 91 से 120 पर चार और 121 से 200 के बीच छात्र होने पर पांच शिक्षकों को वेतन मिलेगा। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने शुक्रवार को शासनादेश जारी कर दिया है। 
संबद्ध प्राइमरी में प्रधानाध्यापक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को रखने की अनुमति नहीं होगी। शिक्षकों की संख्या निर्धारित करने के लिए कक्षा एक से पांच तक की छात्र संख्या का आकलन बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी संयुक्त रूप से तीन बार औचक निरीक्षण कर करेंगे। इस दौरान उपस्थित वास्तविक औसत छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों की संख्या अनुमन्य होगी। शिक्षकों के वेतन भुगतान का अधिकार मंडलीय समिति के पास होगा। स्कूलों को अनुदान पर लेने के बाद संबंधित जूनियर हाईस्कूल व संबंधित संबद्ध प्राइमरी स्कूलों के पूरे स्टाफ के वेतन का अनुदान एक साथ जारी होगा। सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की तरह संबद्ध प्राइमरी में अनुमन्य शिक्षकों का वेतन भुगतान बीएसए व वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा करेगा। अनुदान सूची में शामिल जूनियर हाईस्कूलों से संबद्ध प्राइमरी स्कूलों के अनुमन्य शिक्षकों के वेतन का भुगतान सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के आदेश की तारीख से होगा।

प्रदेश के स्कूल एवं कॉलेज के पास बिकने वाले मादक पदार्थो के कारण किशोर नवयुवक एवं नव युवतियों में नशे की बढती प्रवृति की रोकथाम के आदेश -


देश में होगी दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा : 23 अगस्त को देश भर के लाखों केंद्रों पर एक करोड़ से ज्यादा नव साक्षरों के बैठने की संभावना

नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रलय अगले महीने दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा कराने जा रहा है। इसमें एक करोड़ से ज्यादा परीक्षार्थियों के हिस्सा लेने की संभावना है। परीक्षा देश के 26 राज्यों के 410 जिलों में दो लाख से ज्यादा केंद्रों पर होगी। 
  • साक्षरता अभियान में पढ़ रहे लोग परीक्षा में शामिल होंगे :-
मंत्रलय साक्षर भारत अभियान के तहत पढ़ रहे छात्र-छात्रओं के लिए इस परीक्षा का आयोजन 23 अगस्त को कर रहा है। स्कूल न जा पाने वाले 16 साल से लेकर किसी भी आयु तक के वे लोग इसमें भाग लेंगे, जो साक्षर भारत अभियान में शिक्षा ले रहे हैं। इसे अंजाम देने में मानव संसाधन मंत्रलय के अलावा राज्यों के शिक्षा महकमे, प्रौढ़ शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान के कार्मिक एवं स्वयंसेवक भी जुटेंगे। 
  • 150 अंकों का प्रश्नपत्र :-
करीब 13 भाषाओं में 150 अंकों का प्रश्न पत्र होता है। इसमें लिखने, अक्षर या शब्द पहचानने और गणित के छोटे-छोटे सवाल होते हैं। 60 फीसदी से ज्यादा अंक लाने वालों को ए ग्रेड, 40 फीसदी से ज्यादा अंक वालों को बी ग्रेड दिया जाता है। सी ग्रेड वाले फेल माने जाते हैं, उन्हें दोबारा परीक्षा देनी होती है।
  • परीक्षार्थियों में होंगी 70 फीसदी महिलाएं :-
मंत्रलय के अनुसार यह कार्यक्रम उन जिलों में चल रहा है जहां महिलाओं की साक्षरता दर 50 फीसदी से कम है, इसलिए इसमें ज्यादातर महिलाएं होती हैं। 2010 से यह कार्यक्रम शुरू हुआ था और तब से पांच करोड़ लोग साक्षर हो चुके हैं।
  •  ये देंगे परीक्षा:-
1.40 करोड़ लोग पढ़ रहे हैं साक्षर अभियान में अभी, जिनमें 1 करोड़ से ज्यादा लोग परीक्षा देने के लिए आ सकते हैं।
  • ये रिकॉर्ड तोड़ेंगे:-
01 करोड़ आवेदन आते हैं चीन में नेशनल हायर एजुकेशन एंट्रेंस एग्जामिनेशन के लिए जो विश्व रिकॉर्ड है।
  • परीक्षा कभी भी:-
02 लाख से ज्यादा केंद्रों में 23 अगस्त को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कभी भी 3 घंटे की परीक्षा दी जा सकती है।
  •  ऐसी छूट देने का मकसद:-
इस परीक्षा का कोई परीक्षार्थी खेत में कार्य कर रहा होता है तो कोई काम धंधे में लगा होता है। इसलिए यह छूट दी गई है।

Thursday, 25 June 2015

30 जून तक स्कूलों में रंगाई-पुताई के निर्देश, स्कूल में बजेगी घंटी और होगी समय सारिणी -

  • गुरुजी के गोल रहने का शासन ने निकाला तोड़
  • स्कूलों में अंकित होंगे शिक्षकों के नंबर

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फरुखाबाद : शिक्षकों की तैनाती के बावजूद विद्या के मंदिर सूने पड़े रहते हैं। पहले तो गुरुजी स्कूल आते ही नहीं, अगर आते भी हैं तो लेटलतीफ। जब चाहा बस निकल गए। जितनी देर विद्यालय रहते उसमें अधिकतर समय पढ़ाने के बजाय आपस में ही बतियाने में मशगूल रहते हैं। ग्रामीणों को पता ही नहीं रहता कि विद्यालय में कितने शिक्षक हैं, कौन आया और कौन नहीं आया। इसका तोड़ शासन ने निकाला है। अब हर विद्यालय के बरामदे में प्रधानाध्यापक कक्ष के बाहर शिक्षकों के नाम, पदनाम व शैक्षिक योग्यता पेंट से अंकित करायी जायेगी। नीचे टोल फ्री नंबर भी लिखा जायेगा। जो शिक्षक नहीं आया, उसकी सूचना टोल फ्री नंबर से ग्रामीण कंट्रोल रूम को देंगे। प्रमुख सचिव एचएल गुप्ता की ओर से इस संबंध में जारी दिशानिर्देश में स्वीकार किया गया कि शिक्षक समय से स्कूल नहीं पहुंचते। मिड डे मील समय पर नहीं मिलता। यूनीफार्म का वितरण भी ठीक से नहीं हुआ। वितरण हुआ भी तो न्यूनतम गुणवत्ता का। पुस्तकें भी समय पर नहीं मिलतीं। इन सब पर रोक के लिये सामाजिक निगरानी तंत्र मजबूत करने को कहा गया है। व्यवस्था कंप्यूटराइज्ड करने व टोल फ्री नंबर प्रारंभ करने के निर्देश दिये गये। जिला मुख्यालय के कंट्रोलरूम में हर समय कर्मचारी बैठेगा। विद्यालयों में लिखे फोन नंबर पर लोग शिक्षकों के न आने व अन्य शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों के निस्तारण व कार्रवाई का रिकार्ड अपडेट होगा। स्कूलों में समय सारिणी लगेगी। समय-समय पर घंटी बजेगी। 30 जून तक स्कूलों में रंगाई-पुताई का अभियान चलाने को कहा गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि टोल फ्री नंबर लिया जाएगा, अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।

27 जून तक पदों का विवरण, कटऑफ जारी करने का निर्देश -

इलाहाबाद। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षाधिकारियों से उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए विज्ञान-गणित शिक्षकों के 29334 पदों की सात चक्रों की काउंसलिंग कटऑफ मेरिट तथा जिले में उपलब्ध रिक्तियों की सूचना एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा है। सचिव ने यह आदेश प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा की ओर से 17 जून को जारी उस आदेश के बाद किया है, जिसमें आरक्षित वर्ग में टीईटी में 82 अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को मौका देेने का निर्णय लिया गया था।
सचिव ने 82 अंक वाले उन अभ्यर्थियों को फार्म भरने का अवसर देने का निर्णय लिया है जो पूर्व में आवेदन नहीं किए हैं। सचिव ने 27 जून तक अंतिम काउंसलिंग का विवरण एवं कटऑफ जारी करने का निर्देश दिया है।

मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत छात्रो को एक दिन 200 मि०ली० दूध उपलब्ध कराये जाने का आदेश एवं संशोधित मेन्यू जारी -




Wednesday, 24 June 2015

थर्ड जेंडर को भी मुफ्त और अनिवार्य बाल शिक्षा का लाभ

  • डीएम और बीएसए के लिए शासन से आया आदेश
  • योजना के तहत सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी
फर्रुखाबाद। नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अलाभित समूह और दुर्बल वर्ग की श्रेणी में आने वाले तृतीय लिंगीय (थर्ड जेंडर) को स्कूल में प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इस अधिनियम के तहत थर्ड जेंडर को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला दिलाए जाने का आदेश दिया है।
उच्चतम न्यायालय ने रिट नेशनल लीगल सर्विस अथॉरिटी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया व अन्य में पारित आदेश के तहत तृतीय लिंगीय (थर्ड जेंडर) समुदाय को स्कूल में प्रवेश दिलाने की सुविधाएं अनुमन्य किए जाने का आदेश दिया है। उच्चतम न्यायालय के आदेश पर शासन ने डीएम और बीएसए को भेजे आदेश में कहा है कि नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1)(ग) सामाजिक और शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ा वर्ग को मिलने वाली सभी सुविधाएं थर्ड जेंडर के बच्चों मुहैया कराई जाएं। पिछड़े वर्ग समुदाय में आने वाले तृतीय लिंगीय को नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के तहत पढ़ने का मौका दिया जाए। अगर कोई तृतीय लिंगीय अशिक्षित है और पढना चाहता है तो उसको शिक्षित करने के लिए स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए।
इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अधिनियम के तहत जो भी तृतीय लिंगीय स्कूल में प्रवेश दिलाने को आवेदन करता है तो उसका दाखिला अवश्य कराया जाए। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी जाए।

बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न् भोजन योजना के तहत बच्चों को हर बुधवार मिलेगा दूध -

ग्राम प्रधान करें बच्चों के दूध की व्यवस्था


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लखनऊ : बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों के बच्चों को मध्याह्न् भोजन योजना के तहत 15 जुलाई से हर हफ्ते बुधवार को भोजन के अलावा 200 मिलीलीटर उबला दूध दिया जाएगा। यदि बुधवार को सार्वजनिक अवकाश के कारण स्कूल बंद होगा तो बच्चों को अगले विद्यालय दिवस में दूध मुहैया कराया जाएगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पांच अगस्त को प्रदेश के किसी भी विद्यालय में जाकर बच्चों को दुग्ध वितरण की व्यवस्था की हकीकत जान सकते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने बुधवार को इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। बच्चों को बुधवार को 200 मिलीलीटर उबले दूध के साथ मिड-डे मील में कोफ्ता-चावल खाने को मिलेगा। इसके लिए मध्याह्न् भोजन योजना के मेन्यू में संशोधन कर दिया गया है। अब तक लागू व्यवस्था के तहत स्कूली बच्चों को बुधवार को मिड-डे मील में कढ़ी-चावल या खीर परोसी जाती थी। अब खीर नहीं बनेगी और खीर पकाने पर खर्च होने वाली परिवर्तन लागत को बचाकर उससे बच्चों को दूध सुलभ कराया जाएगा। दूध का इंतजाम स्थानीय स्तर पर किया जाएगा। बच्चों को दूध उपलब्ध कराने का निर्देश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिया था। उनका कहना था कि इससे बच्चों को पोषण के लिए जरूरी प्रोटीन और काबरेहाइड्रेट मिल सकेगा।

15 हजार शिक्षकों की भर्ती में विशिष्ट बीटीसी वाले भी कर सकेंगे आवेदन -

  • अब 1 जुलाई 2015 से जोड़ी जाएगी न्यूनतम आयु सीमा
लखनऊ । विशिष्ट बीटीसी 2004, 2007 और 2008 में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद टीईटी पास करने वाले भी 15,000 शिक्षक पदों पर होने वाली भर्ती के लिए आवेदन के पात्र होंगे। इसके लिए जल्द ही ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। इन पदों पर होने वाली भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा की गणना 1 जुलाई 2015 से की जाएगी। पहले इसे 1 जुलाई 2014 रखा गया था। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया।राज्य सरकार ने बीटीसी प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों से 15,000 शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन लिया था। बैठक में विचार-विमर्श के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 2004, 2007 और 2008 में बीएड वालों को विशिष्ट बीटीसी का प्रशिक्षण दिया गया था। बीएड वाले कुछ अभ्यर्थियों को बाद में प्रशिक्षण दिया गया। इसलिए इन्हें भी 15,000 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाए। बैठक में तय किया गया कि प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक भर्ती के लिए जो भी पात्रता रखते हैं उनसे ऑनलाइन आवेदन ले लिया जाए। इसी तरह डीएड (विशेष) वालों को भी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल कर लिया जाए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा को आवेदन के लिए जल्द ही कार्यक्रम जारी करने का निर्देश दिया गया है।

गणित-विज्ञान शिक्षक भर्ती में प्रोफेशनल कोर्स वालों को भी मौका -

लखनऊ । उच्च प्राइमरी स्कूलों में चल रही 29,334 गणित-विज्ञान शिक्षक पदों पर भर्ती में प्रोफेशन कोर्स वालों को भी काउंसलिंग में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। इससे पहले नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) से बातचीत कर 82 अंक पर पास किए गए टीईटी वालों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया। उन्होंने कहा है कि ये सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही पात्रों को शिक्षक का नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
सचिव बेसिक शिक्षा ने अधिकारियों के साथ बैठक में गणित-विज्ञान शिक्षक पद के लिए चल रही भर्ती प्रक्रिया के बारे में हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गणित-विज्ञान शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में प्रोफेशनल कोर्स वालों ने भी आवेदन किया था, लेकिन इन्हें काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया। इसलिए टीईटी में 82 अंक पर पास किए जाने वालों से आवेदन लेने के बाद शुरू होने वाली काउंसलिंग में इनको भी शामिल किया जाएगा। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश दिया कि एनआईसी से समय मिलने के बाद आवेदन लेने का कार्यक्रम जारी किया जाएगा। आवेदन के लिए अधिक समय नहीं दिया जाएगा, जिससे काउंसलिंग जल्द पूरी कराई जा सके।

वित्त विभाग ने प्रस्ताव पर लगाई मुहर, शिक्षा मित्रों के समायोजन की राह आसान-

  • अब तक 75 हजार शिक्षा मित्र समायोजित
लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों में करीब 22,000 पद बढ़ना तय हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अनुमति लेने के बाद इन पदों को परिषदीय स्कूलों में जोड़ दिया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में जैसे ही यह पद जुड़ेंगे इन पर भी शिक्षा मित्रों के समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दूसरे चरण में अब तक 75,000 शिक्षा मित्रों को समायोजित किया जा चुका है।
प्रदेश में 2011 के बाद खुले परिषदीय स्कूलों में पदों का सृजन नहीं किया गया था। सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने नए परिषदीय स्कूलों में पदों के सृजन का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसमें प्राइमरी स्कूलों में 34,609 और उच्च प्राइमरी में 3232 शिक्षकों के पद सृजन का प्रस्ताव था। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसे वित्त विभाग को भेजा था। जानकारों की मानें तो प्राइमरी में 19,500 और उच्च प्राइमरी में करीब 2250 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा ने बताया कि दूसरे चरण में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 91,104 शिक्षा मित्रों में 75,000 का समायोजन अब तक किया जा चुका है। शेष 16,104 शिक्षा मित्रों के समायोजन की प्रक्रिया प्राइमरी स्कूलों में बढ़ने वाले पदों पर की जाएगी।
पश्चिमी यूपी में फिर भी बाधा
सर्व शिक्षा अभियान के तहत अधिकतर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में नए स्कूल खोले गए हैं। इसलिए परिषदीय स्कूलों में जो भी पद बढ़ेंगे वे अधिकतर पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही होंगे। इसलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों के समायोजन में बाधा आएगी। विभागीय अधिकारी भी इस बात को स्वीकार करते हैं। वे कहते हैं पश्चिमी यूपी के सभी शिक्षा मित्रों के समायोजन के लिए विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

समेकित शिक्षा के अंतर्गत वार्डन और केयर टेकर की भर्ती हेतु विज्ञापन -


Tuesday, 23 June 2015

एक बार सत्र लाभ मिलने के बाद दोबारा मांग करना अनुचित : हाईकोर्ट

दोहरा सत्र लाभ नहीं पा सकते अध्यापक 

इलाहाबाद : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि शिक्षक दोहरा सत्र लाभ नहीं पा सकते हैं। यदि एक बार उनको सत्र लाभ दिया जा चुका है तो दोबारा सत्र परिवर्तन का फायदा उठाकर लाभ मांगना अनुचित है। सादात गाजीपुर में बापू इंटर कालेज के सहायक अध्यापक दुलारे लाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने दिया है। याची का कहना था कि उसकी जन्मतिथि तीन जनवरी 1953 है। इस हिसाब से उसका रिटायरमेंट तीन जनवरी 2015 को होना था। यह तारीख सत्र के बीच में आने के कारण उसे सत्र लाभ देते हुए रिटायरमेंट की तारीख 30 जून 2015 कर दी गई। अब चूंकि इस वर्ष से माध्यमिक विद्यालयों का सत्र परिवर्तन कर दिया गया है और नया सत्र एक अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 होगा, इसलिए 30 जून 2015 को उसका रिटायरमेंट बीच सत्र में पड़ रहा है। लिहाजा याची को सत्र लाभ देकर 31 मार्च 2016 को रिटायर किया जाए। कोर्ट ने कहा कि याची एक बार सत्र लाभ प्राप्त कर चुका है। दोबारा सत्र परिवर्तन को आधार बनाकर सत्र लाभ की मांग करना अनुचित है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत वाराणसी के जय शंकर सिंह व अन्य ने भी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों को सत्र लाभ देने की मांग की थी। उन्होंने याचिका दाखिल कर कहा कि वह एक जुलाई 2015 को रिटायर हो रहे हैं मगर सत्र परिवर्तन के कारण उनको 30 जून को रिटायर किया जा रहा है। याचिका में नौ दिसम्बर 2014 के शासनादेश और 22 जनवरी 2015 के सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के पत्र को रद करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने यह याचिका भी खारिज कर दी है।

मूक बधिर व नेत्रहीन बच्चों के आवासीय कैंप को अनुमति -

फर्रुखाबाद। सर्व शिक्षा अभियान के तहत समेकित शिक्षा में वर्ष 2015-16 में एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंपों के संचालन को राज्य परियोजना निदेशक ने अनुमति दे दी है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में परियोजना कार्यालय की चिट्ठी आ गई है। इसमें प्रति कैंप बजट का उल्लेख भी किया गया है।
मूक बधिर एवं नेत्रहीन विकलांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए समेकित शिक्षा के तहत जिले में दो एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप हर साल दस माह के लिए खोले जाते हैं। इनमें विकलांग बच्चों की पढ़ाई लिखाई कराई जाती है। वर्ष 2015-16 में भी कैंप संचालन की सरकार ने अनुमति दे दी है। इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक के आए पत्र में कहा गया कि एक्सीलेरेटेड लर्निंग कैंप 10 माह के लिए आवासीय चलाया जाएगा। इसमें आठ माह का संचालन वर्ष 2015-16 में होगा और दो माह का संचालन वर्ष 2016-2017 में किया जाएगा। शासन ने प्रति कैंप में 14 लाख 35 हजार रुपये बजट रखा है। जिले में दो कैंपों के संचालन के लिए 2870000 रुपये शासन ने बजट स्वीकार किया है। आवासीय कैंप 15 जुलाई से प्रारंभ करने का आदेश दिया गया है।

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद् द्वारा संचालित विद्यालयों के नवीन शिक्षा सत्र हेतु दिशा निर्देश जारी, भवन का रख रखाव 25 से 30 जून के मध्य, कंट्रोल रूम की होगी स्थापना -



बीटीसी 2011 के समायोजित शिक्षामित्रों की नियुक्तियां होंगी रद -

सचिव के आदेश से कई नियुक्तियां होंगी रदद |

लखनऊ : बीटीसी प्रशिक्षण 2011 में शिक्षामित्र कोटे से ट्रेनिंग लेकर फिर से मूल विद्यालयों में शिक्षामित्र के पद पर कार्यभार ग्रहण करने और उसके बाद सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित होने वाले शिक्षामित्रों की नियुक्तियां निरस्त की जाएंगी। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने मंगलवार को सभी बीएसए को इस बारे में निर्देश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षामित्रों का समायोजन 14 अगस्त 2012 को जारी शासनादेश के विपरीत था। लिहाजा यदि किसी जिले में ऐसे शिक्षामित्रों की नियुक्तियां की गई हैं तो बीएसए उन्हें तत्काल निरस्त कर इसकी जानकारी बेसिक शिक्षा निदेशक और बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय को दें। परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों के लिए बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण 2007, 2008 व 2010 में 10 फीसद कोटा तय किया गया था। बाद में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी की अनिवार्यता की शर्त लागू हो गई। बेसिक शिक्षा विभाग ने 14 अगस्त 2012 को शासनादेश जारी कर 2007, 2008 व 2010 में बीटीसी प्रशिक्षण उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालयों में शिक्षामित्र के पद पर कार्यभार ग्रहण कराने का निर्देश दिया गया था। वहीं शिक्षामित्र कोटे के तहत बीटीसी प्रशिक्षण 2011 हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को उनके मूल विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर कार्यभार ग्रहण कराने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था। ऐसे बीटीसी प्रशिक्षणार्थियों के लिए टीईटी आयोजित करने के बाद स्कूलों में सहायक अध्यापक नियुक्त करने की प्रक्रिया जारी रही। सिन्हा का कहना है कि ऐसे में न अभ्यर्थियों को पूर्व विद्यालय में फिर से शिक्षामित्र के पद पर कार्यभार ग्रहण कराने का औचित्य नहीं था।

शिक्षामित्र कोटे से बी टी सी प्रशिक्षण २०११ उत्तीर्ण शिक्षामित्रो को अध्यापक पद पर समायोजित करने के सम्बन्ध में निर्देश जारी,पुनः शिक्षामित्रो के पद पर समायोजित हुए आदेश को निरस्त करने के आदेश जारी - -


उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषदीय शिक्षक/शिक्षणत्तर कर्मचारियों को लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित परीक्षाओ में सम्मिलित होने हेतु अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान किये जाने का शासनादेश जारी -


Friday, 19 June 2015

राज्य सरकार ने परिषदीय स्कूलों की होगी अब ग्रेडिंग -

  • पढ़ाई, शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति को माना जाएगा आधार 
  • शैक्षिक सत्र 2015-16 बनेगा शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन वर्ष
लखनऊ। राज्य सरकार ने परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए स्कूलों की ग्रेडिंग कराने का निर्णय किया है। स्कूलों की ग्रेडिंग करते समय वहां पढ़ाई के स्तर और शिक्षकों व छात्रों की उपस्थिति को आधार बनाया जाएगा। ग्रेडिंग में अव्वल आने वाले स्कूलों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। इसके अलावा उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान की पढ़ाई का पैटर्न बदला जाएगा। इसके लिए ऐसी व्यवस्था लागू की जाएगी जो बच्चों में समझ पैदा करे। उन्हें गणित-विज्ञान की पढ़ाई बोझ न लगे। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने इस संबंध में मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिया है।
मुख्य सचिव ने कहा है कि राज्य सरकार ने शैक्षिक सत्र 2015-16 को शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन वर्ष के रूप में बनाने का निर्णय किया है। स्कूलों और शिक्षकों के परफारमेंस का नियमित आकलन किया जाएगा। छात्रों के पढ़ाई का स्तर चेक करने के लिए नियमित अंतराल पर आंतरिक परीक्षाएं कराई जाएंगी। छात्रों के ज्ञान को स्कूल तथा शिक्षकों के परफारमेंस का संकेत माना जाएगा। परफारमेंस का आकलन करने के लिए स्कूलों की ग्रेडिंग कराई जाएगी। मुख्य सचिव ने कहा है कि जिला स्तर पर यह व्यवस्थाएं 30 जून तक पूरी कर ली जाएंगी, जिससे कि स्कूल खुलने के साथ इसे प्रभावी रूप से लागू कर दिया जाए।
उन्होंने कहा है कि शुरुआती प्राथमिक कक्षाओं में समझ के साथ पढ़ने-लिखने की तथा दक्षता विकसित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए भाषा शिक्षण के अंतर्गत बोलने, पढ़ने व लेखन तथा गणित शिक्षण के अंतर्गत छात्रों में मानसिक गणित के कौशल को विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा। छात्रों के पठन-पाठन के स्तर के अनुरूप बाल साहित्य की व्यवस्था स्कूलों में की जाएगी। उच्च प्राइमरी स्कूलों में गणित व विज्ञान की पढ़ाई के पैटर्न में बदलाव किया जाएगा। छात्रों को करके सीखने के अवसर दिए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों में उपयुक्त सामानों की व्यवस्था की जाएगी।
हर माह पैरेंट्स टीचर मीटिंग
निजी स्कूलों के तर्ज पर परिषदीय स्कूलों में हर माह पैरेंट्स टीचर मीटिंग आयोजित की जाएगी। इसके लिए स्कूल प्रबंध कमेटी को और सक्रिय किया जाएगा। मीटिंग में अभिभावकों को बताया जाएगा कि उनके बच्चे की पढ़ाई के स्तर में कितना सुधार हुआ है। अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाई में कहां और किस तरह की मदद कर सकते हैं।
राज्य स्तर पर एचीवमेंट सर्वे
राज्य स्तर पर एचीवमेंट सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई में कितना सुधार आया है। इससे प्राप्त होने वाले फीडबैक का उपयोग आगामी वर्ष की शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षिक पाठ्य सामग्री तथा कक्षा कक्ष की गतिविधियों में सुधार लाने के लिए किया जाएगा।
वेब बेस्ड मॉनीटरिंग
शिक्षकों की उपस्थिति बनाए रखने के लिए लगातार निरीक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी। राज्य, मंडल, जिल व विकास खंड स्तर पर स्कूलों का निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण आख्या का विश्लेषण तथा उस पर प्रभारी कार्रवाई बेसिक शिक्षा निदेशक के माध्यम से कराई जाएगी।

वेतन समिति उत्तर प्रदेश 2008 की संस्तुतियों के आधार पर अपुनरिक्षित पेंशन/पारिवारिक पेंशन की धनराशी पर महगाई राहत की स्वीकृति -



अब कर्मचारियों को वेतन मिलने में नहीं होगी देरी, शासनादेश जारी -

लखनऊ । सरकारी कर्मचारियों को बिल्कुल तय समय पर वेतन भुगतान को लेकर एक बड़ी पहल की जा रही है। शासन ने वेतन बिल बनाने से लेकर कर्मचारी के खाते में वेतन ट्रांसफर की पूरी कार्यवाही ऑनलाइन करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था एक अगस्त से लागू होगी। सितंबर में अगस्त का वेतन नई व्यवस्था से ही मिलेगा। प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया है।वर्तमान में कोषागारोें में वेतन बिल बनाने की कार्यवाही पेपर पर तय प्रारूप में की जाती है। मैनुअल इंट्री करके विभाग बिल कोषागार को भेजते हैं। कोषागार से ई-पेमेंट के जरिए वेतन भुगतान के लिए विभागों को टोकन नंबर दिया जाता है। इसके बाद विभाग खाते में वेतन स्थानांतरित करता है। बिल मैनुअल आने की वजह से कई बार समय से वेतन भुगतान न होने की शिकायत आती है। नई व्यवस्था में अब कर्मचारियों के वेतन बिल कम्प्यूटरीकृत तरीके से बनाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों को 20 तारीख की स्थिति के आधार पर वेतन बिल 23 तारीख तक कोषागारों को देना होगा। कोषागार अधिकतम 25 तारीख तक जरूरी बदलाव कर वेतन स्टेटमेंट विभागों को भेज देंगे। विभाग उसका परीक्षण कर फिर कोषागार को लौटाएगा। अंतिम रूप से सही पाए गए वेतन बिल कोषागार को 28 तारीख तक देने होंगे।



सांसद आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत माननीय सांसद द्वारा चयनित ग्रामो को शत प्रतिशत साक्षर बनाने के सबंध में -




28 शैक्षिक सेवा समूह "क" वर्ग के अधिकारियो के तबादले/संशोधन आदेश जारी-