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Thursday, 30 July 2015

यूनीफार्म के लिए मिले 5.22 करोड़ रुपये -

  • साइज के अनुसार ड्रेस वितरित करने के निर्देश
  • आठवीं तक के 1.74 लाख बच्चों को मिलेंगी

फरुखाबाद : सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत आठवीं तक के 1.74 लाख बच्चों को दो सेट निशुल्क यूनीफार्म वितरित करने के लिए प्रथम किश्त में 75 प्रतिशत धनराशि के रूप में 5.22 करोड़ रुपये बजट प्राप्त हो गया है। राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा ने 30 अगस्त तक सभी बच्चों को साइज के अनुसार गुणवत्तापूर्ण ड्रेस वितरित करने के निर्देश भेजे हैं। 1.06 लाख बालिकाओं, 23 हजार एससी व 45 हजार बीपीएल बालकों को दो-दो सौ रुपये कीमत वाली दो सेट यूनीफार्म दर्जी से सिलवाकर वितरित कराने को कहा गया है। योजना में कुल 6.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। द्वितीय किश्त में 1.74 करोड़ रुपये मिलेंगे। विद्यालय प्रबंध समितियों के खाते में धनराशि स्थानांतरित की जाएगी। इन समितियों को 30 नवंबर तक उपभोग प्रमाण पत्र देना होगा। जिले के पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्रओं को भी यूनीफार्म मिलेगी। माध्यमिक विद्यालयों के आठवीं तक के बच्चों को भी ड्रेस वितरित की जाएगी। विद्यालय वार छात्र संख्या का विवरण जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि यूनीफार्म की धनराशि स्कूलों में स्थानांतरित करने के लिए पत्रवली तैयार कराई जा रही है। शीघ्र पैसा भेज दिया जाएगा। गुणवत्ता, बच्चों की नाप व वित्तीय नियमों के संबंध में निर्देश स्कूलों को भेजे जा रहे हैं। गरीबी रेखा से ऊपर रहने वाले परिवारों के बच्चों को यूनीफार्म बेसिक शिक्षा के बजट से मिलती है। इस सत्र में तीस हजार एपीएल बालक परिषदीय, अनुदानित जूनियर तथा राजकीय व सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आठवीं तक अध्ययनरत हैं। इनके लिए अभी बजट नहीं आया है।

परिषदीय स्कूलों में लिंग भेद रोकने की कवायद -

  • छात्राओं को बताया जाएगा क्या है गुड टच व बैड टच
लखनऊ। सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को परिषदीय स्कूलों में दाखिला लेने वाली छात्राओं को लेकर जरूरी निर्देश दिए हैं। इसके मुताबिक शिक्षक छात्र और छात्राओं में अंतर नहीं करेंगे। छात्राओं को बताया जाएगा कि ‘गुड टच व बैड टच’ क्या है। वह किन-किन परिस्थितियों में किसी सहायता ले। इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। स्कूल की दीवारों पर जरूरी जानकारियां जैसे हेल्पलाइन नंबर आदि लिखे जाएंगे।
वर्मा ने कहा है कि छात्राओं का स्कूलों में दाखिला न लेने व लेने के बाद न रुकने के कई कारण हैं। कई बार स्कूल का वातावरण उन्हें असहज बना देता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना होगा कि पढ़ाई के दौरान क्लास रूम, स्कूल की गतिविधियों, खेलकूद, मिड-डे-मील वितरण व शौचालय का प्रयोग करने तथा शिक्षक के व्यवहार में किसी प्रकार का भेदभाव तो नहीं हो रहा है। बालकों के साथ भी लिंग भेद के मुद्दों पर चर्चा कर उन्हें संवेदनशील व जागरूक बनाया जाए। बेसिक शिक्षा अधिकारी इस मुद्दे पर विशेष ध्यान देंगे।
उन्होंने कहा कि जिला, ब्लॉक व स्कूल स्तर पर होने वाली सभी बैठकों व कार्यशालाओं में लिंग भेद को समाप्त करने के बारे में चर्चा की जाएगी। बालिका शिक्षा की बाधाओं को चिह्नित कर उन्हें दूर करने के उपाय किए जाएंगे। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) यह घोषणा करे कि उसका स्कूल बालिकाओं के लिए हर स्तर पर सुरक्षित है। छात्राओं से यह भी पूछा जाएगा कि रास्ते में छेड़छाड़ तो नहीं हो रहा है। इसको ध्यान में रखते हुए स्कूलों के आसपास सुरक्षा के उपाय किए जाएं।

Wednesday, 29 July 2015

खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) को पदोन्नति देकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बनाया जाएगा : बेसिक शिक्षा अधिकारी के कुल 164 पदों को सामान्य प्रशासनिक संवर्ग में रखा गया ; नए सिरे से तय हुआ शिक्षाधिकारियों का संवर्ग


  • सामान्य प्रशासनिक, शैक्षिक व प्रशिक्षण संवर्ग के पदों का निर्धारण
  • प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा ने जारी किया शासनादेश
  • खंड शिक्षा अधिकारियों को पदोन्नति देकर बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया जाएगा 

लखनऊ। राज्य सरकार ने वेतन समिति की संस्तुतियों के आधार पर शिक्षाधिकारियों का संवर्ग नए सिरे से तय किया है। इसमें सामान्य प्रशासनिक, शैक्षिक और प्रशिक्षण संवर्ग के पदों को तय कर दिया गया है। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में मंगलवार को शासनादेश जारी कर दिया।



बेसिक शिक्षा अधिकारी के कुल 164 पदों को सामान्य प्रशासनिक संवर्ग में रखा गया है। इसमें 50 फीसदी पद सीधी भर्ती और 50 फीसदी पद पदोन्नति के होंगे। खंड शिक्षा अधिकारियों को पदोन्नति देकर बेसिक शिक्षा अधिकारी बनाया जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक व अन्य समकक्ष पदों को बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पदोन्नति देकर भरा जाएगा। मंडलीय उप शिक्षा निदेशक का पद जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को पदोन्नति देकर भरा जाएगा। मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को उप शिक्षा निदेशक, अपर शिक्षा निदेशक को संयुक्त शिक्षा निदेशक और निदेशक को अपर शिक्षा निदेशक स्तर के अधिकारियों को पदोन्नति देकर भरा जाएगा।



शैक्षिक संवर्ग में उप प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज, प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल व प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज को रखा गया है। प्रशिक्षण संवर्ग में वरिष्ठ प्रवक्ता डायट, उप प्राचार्य डायट व अन्य प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को रखा गया है। राज्य शिक्षा सेवा के वर्तमान अधिकारियों को पुनर्गठित प्रशासनिक संवर्ग अथवा शैक्षिक संवर्ग या प्रशिक्षण संवर्ग में किसी एक संवर्ग में समायोजित करने के लिए विकल्प लिया जाएगा।

मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत 200 मिली० दूध उपलब्ध कराये जाने के सम्बन्ध में -


Tuesday, 28 July 2015

वेतन समिति 2008 की माध्यमिक शिक्षा विभाग के सम्बन्ध में की गयी संस्तुतियों पर लिए गए निर्णयों के कार्यान्वयन के सम्बन्ध में आदेश -






नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम २००९ के अंतर्गत गैर सहायतित मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अलाभित समूह एवं दुर्बल बच्चो को 25 प्रतिशत तक प्रवेश के सम्बन्ध में आदेश




बालप्रेमी मिसाइल मैन पूर्व राष्टपति ए0पी0जे0अब्दुल कलाम के निधन पर बच्चों में शोक की लहर -

फर्रूखाबाद। बालप्रेमी मिसाइल मैन पूर्व राष्टपति ए0पी0जे0अब्दुल कलाम के निधन पर कन्या प्राथमिक विद्यालय बुढ़नामऊ के बच्चों ने उन्हें श्रद्धांज्जलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा, विकास क्षेत्र बढ़पुर के कन्या प्राथमिक विद्यालय बुढ़नामऊ में भारत के पूर्व राष्ट्रीय ए0पी0जे0अब्दुल कलाम के निधन की खबर को जब बताया गया तो मासूम बच्चे उदास हो गये। बच्चों को यह बताया गया कि स्व0 कलाम जी बच्चों के लिए प्रेरणादायक रहे, उन्होनेें समय और काम को महत्व देकर देश को नई दिशा दी, वह अन्तिम क्षण तक बच्चों को इस बात की सीख देने के लिये प्रयासरत रहे। उनके द्वारा किये गये देश के लिये कार्य हमेशा मिशाल बनकर याद आते रहेगें। इस अवसर पर विद्यालय में बच्चों ने स्व0 कलाम जी  को पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांज्जलि दी । इस अवसर पर प्रधानाध्यापक नानक चन्द्र, सहायक अध्यापक फ़रजाना अन्जुम,किरन अग्निहोत्री,एस0एम0सी0अध्यक्ष कुतबाल,घनश्याम, चन्द्रवती,माधुरी देवी, महेन्द्र कुमार,राधा देवी आदि ग्रामवासियों ने स्व0 कलाम जी  को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांज्जलि दी ।





Monday, 27 July 2015

शिक्षामित्रों को भेजा हाई कोर्ट

  • टीईटी के बगैर शिक्षा मित्रों की भर्ती पर रोक जारी|
  • हाई कोर्ट की पूर्णपीठ को दो माह में याचिकाएं निपटाने का आदेश|

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नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश में टीईटी परीक्षा पास किये बगैर शिक्षामित्रों की भर्ती पर लगी रोक सुप्रीम कोर्ट ने जारी रखी है। इसके साथ ही कोर्ट ने शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर नियमित किये जाने का मामला निपटारे के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया है। न्यायाधीश दीपक मिश्र और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने टीईटी परीक्षा पास किये बगैर शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर नियमित किये जाने पर सवाल उठाने वाली याचिकाओं का निपटारा करते हुए ये आदेश पारित किये। पीठ ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि वे शिक्षामित्रों की भर्ती के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट और लखनऊ पीठ के समक्ष लंबित सभी याचिकाओं की सुनवाई के लिए एक पूर्ण पीठ का गठन करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पूर्ण पीठ गठन के बाद दो महीने के भीतर सभी याचिकाओं का निपटारा कर देगी और जब तक याचिकाओं का निपटारा होता है तब तक दस सप्ताह के लिए सुप्रीम कोर्ट का भर्ती पर लगा रोक आदेश जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक नियुक्ति पा चुके शिक्षामित्रों की नौकरियों पर कोई सवाल नहीं किया है और न ही उनके बारे में कोई आदेश दिया है। प्रदेश सरकार के मुताबिक उत्तर प्रदेश में कुल 1,70,000 शिक्षा मित्र हैं जो चार साल से लेकर 15 साल से पढ़ा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार अभी तक 1,38,000 शिक्षा मित्रों को नियमित कर चुकी है। बाकी की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के रोक आदेश से लटक गई है। 1कोर्ट के आदेश के पहले शिक्षामित्रों की ओर से पेश वकीलों ने कोर्ट को बताया कि नियमों के मुताबिक 2011 के पहले नियुक्त हुए शिक्षा मित्रों को टीईटी परीक्षा पास करनी जरूरी नहीं थी। उन्हें इस परीक्षा से छूट दी गई है। कमोवेश यही दलीलें प्रदेश सरकार की भी थीं। प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किये गए हलफनामे में कहा गया था कि शिक्षा मित्रों की नियुक्ति नहीं की जा रही उन्हें सिर्फ नियमित किया जा रहा है। 

देश के पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम साहब को श्रद्धांजलि।



सर्व शिक्षा अभियान से लगेंगे 16 हैंडपंप

फर्रखाबाद। जिन स्कूलों में नौनिहालों के पीने के पानी के लिए हैंडपंप नहीं है, वहां सर्व शिक्षा अभियान के तहत हैंडपंप लगाए जाएंगे। परियोजना ने 16 हैंडपंप लगाए जाने की स्वीकृति दी है। 41 हजार रुपये प्रति हैंडपंप के लिए शासन से बजट आएगा।