Breaking News -
बाल अधिकार अधिनियम 2011- बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 का शासनादेश स्कूल चलो अभियान- वर्ष 2015 स्कूल चलो अभियान शासनादेश नि:शुल्‍क यूनीफार्म- वर्ष 2015-16 नि:शुल्‍क यूनीफार्म शासनादेश परिषदीय अवकाश- वर्ष 2015 की अवकाश तालिका एवं विद्यालय खुलने की समयसारि‍णी मृतक आश्रित- मृतक आश्रित सेवा नियमावली अध्‍यापक सेवा नियमावली- अध्‍यापक सेवानियमावली 2014 साक्षर भारत मिशन- समन्‍वयक एवं प्रेरक के कार्य एवं दायित्‍व विद्यालय प्रबन्‍ध समिति- विद्यालय प्रबन्‍ध समिति के कार्य एवं दायित्‍व परिषदीय पाठयक्रम- परिषदीय विद्यालयों का मासिक पाठयक्रम प्राइमरी प्रशिक्षु भर्ती - प्रशिक्षु भर्ती शासनादेश जूनियर भर्ती- जूनियर गणित/विज्ञान भर्ती का शासनादेश शिक्षामित्र - शिक्षामित्र समायोजन का शासनादेश प्रसूति/बाल्‍यकाल - प्रसूति एवं बाल्‍यकाल अवकाश सम्‍बन्‍धी शासनादेश अलाभित/दुर्बल प्रवेश सम्‍बन्‍धी - शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्‍तर्गत 25 प्रतिशत एडमिशन सम्‍बन्‍धी शासनादेश पति/पत्नी HRA शासनादेश - राजकीय सेवा में पति/ पत्नी दोनों के कार्यरत होने पर मकान किराया भत्ता आदेश अमान्य विद्यालय सम्बन्धी शासनादेश - अमान्य विद्यालय बंद करने एवं नवीन मान्यता शर्तो सम्बन्धी शासनादेश UPTET 2011 परीक्षा परिणाम - UPTET 2011 परीक्षा परिणाम का Verification करने के लिए

Wednesday, 19 August 2015

नए पद बनाकर संविदा कर्मियों की नौकरी करेंगे पक्की -

  • मार्च 1996 तक नियुक्त कर्मचारियों को स्थायी करने का आदेश जारी
लखनऊ। दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मियों को स्थायी करने के लिए संबंधित संस्थाओं में पद न होने पर अधिसंख्य पदों का सृजन भी किया जा सकेगा। शासन ने प्रमुख सचिवों व सचिवों को इन कर्मियों को स्थायी नियुक्ति देने की कार्यवाही शुरू करने और इसके लिए पद न होने पर अधिसंख्य पदों के सृजन की भी मंजूरी दे दी है। प्रमुख सचिव वित्त राहुल भटनागर ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
बताते चलें, पिछले दिनों सरकार ने 31 मार्च 1996 तक राजकीय विभागों, स्वशासी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्थानीय निकायों, विकास प्राधिकरणों व जिला पंचायतों में नियुक्त दैनिक वेतन, वर्कचार्ज व संविदा कर्मियों को स्थायी करने का फैसला किया था। इसमें यह सवाल भी था कि कई संस्थाओं में इस तरह के जितने कर्मी कार्यरत हैं, वहां उतने पद खाली ही नहीं हैं। ऐसे में इनको कैसे स्थायी किया जाएगा? अब शासन ने तय किया है कि पहले विभाग व संस्था में उपलब्ध रिक्तियों के मुकाबले स्थायी नियुक्ति की जाएगी। जहां रिक्तियां नहीं होंगी, वहां जरूरत होने पर अधिसंख्य पद सृजित कर कर्मियों को स्थायी किया जाएगा।
प्रमुख सचिव वित्त ने सभी प्रमुख सचिवों व सचिवों से कहा है कि वे अपने नियंत्रणाधीन विभागों व विभागों के अधीन स्वशासी संस्थाओं, सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों, स्थानीय निकायों, विकास प्राधिकरणों व जिला पंचायतों आदि में 31 मार्च 1996 तक नियुक्त कर्मियों को नियमित करने की कार्यवाही तत्काल शुरू कर दें। इसके लिए जहां जरूरी हो, अधिसंख्य पदों के सृजन की कार्यवाही की जाए। हालांकि इसके लिए वित्त विभाग की सहमति लेनी होगी। प्रदेश में ऐसे पांच हजार कर्मियों की नौकरी पक्की की जानी है।

No comments:

Post a Comment