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Tuesday, 18 August 2015

बच्चों को देना ही होगा दो सौ ग्राम दूध

  • एमडीएम प्राधिकरण निदेशक ने बीएसए को दिया आदेश
फर्रुखाबाद। एमडीएम योजना के तहत स्कूलों में बुधवार को बच्चों को उबला हुआ दूध देने से शिक्षक बच नहीं सकते हैं। एमडीएम प्राधिकरण निदेशक ने बीएसए को अनिवार्य रूप से बच्चों को दूध मुहैया कराए जाने का आदेश दिया है।
परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त एवं माध्यमिक विभाग के सहायता प्राप्त एवं सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को एमडीएम योजना के तहत भोजन दिया जाता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आदेश पर 15 जुलाई से प्रत्येक बुधवार को बच्चों को दो सौ ग्राम दूध दिए जाने की योजना शुरू की गई। कन्वर्जन कास्ट में थोड़ी से वृद्धि होने से शिक्षक बच्चों को दूध देने से पीछे हटने लगे थे। इसकी जानकारी शासन तक पहुंचने पर एमडीएम प्राधिकरण निदेशक श्रद्धा मिश्रा ने 14 अगस्त को नया आदेश जारी कर दिया है। इसमें स्कूल में बुधवार को बच्चों को दूध दिया जाना अनिवार्य कर दिया है। निदेशक के पत्र में बीएसए से को निर्देश दिया गया है कि वह अपने स्तर से सभी विद्यालयों में प्रत्येक बुधवार को मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त दो सौ ग्राम दूध अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। छात्रों को दिया जाने वाला दूध उबला हुआ शुद्ध हो।
मध्याह्न भोजन और दूध देने के मध्य कम से कम दो घंटे का अंतराल होना आवश्यक है। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। यह योजना बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषकीय स्तर में सुधार किए जाने को संचालित की गई है। इसका कड़ाई से अनुपालन कराया जाए।

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