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Wednesday, 19 August 2015

मदरसों में इसी महीने से पढ़ाया जाएगा संविधान -

  • मदरसा शिक्षा परिषद अंतिम सप्ताह में पाठ्यक्रम फाइनल कर शुरू कराएगी कोर्स
  • हिंदी, उर्दू या अंग्रेजी में पढ़ सकेंगे, परीक्षा में भी भाषा की नहीं होगी बाध्यता
लखनऊ । मदरसों में इसी महीने से भारतीय संविधान भी पढ़ाया जाएगा। हालांकि पाठ्यक्रम अंतिम सप्ताह में मदरसा परिषद की बैठक में फाइनल होगा। इसी के साथ ही मदरसा परिषद की इसे लागू करने की तैयारी है ताकि छात्रों को कोई परेशानी न हो। संविधान को उर्दू, अंग्रेजी या हिंदी में पढ़ा जा सकेगा। परीक्षा में भी भाषा की कोई पाबंदी नहीं होगी। हालांकि संविधान को पढ़ाने के लिए अलग से शिक्षक नहीं रखे जाएंगे।
मदरसा शिक्षा परिषद के तहत मदरसों में मुंशी (कक्षा 9), मौलवी (कक्षा 10) आलिम (कक्षा 11) कामिल (कक्षा 12) व फाजिल (ग्रेजुएशन) कर रहे छात्रों को अब हिंदी, अंग्रेजी गणित, विज्ञान की तरह ही भारतीय संविधान भी पढ़ाया जाएगा। मदरसा बोर्ड इसपर पहले ही निर्णय कर चुका है। उप्र. मदरसा बोर्ड के चेयरमैन जैनुस साजदीन का कहना है कि इस पाठ्यक्रम के शामिल होने से मदरसा छात्रों को भारतीय संविधान की जानकारी व अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मदरसा परिषद की कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो पाने से पाठ्यक्रम पर फैसला नहीं लिया जा सका। लेकिन अगस्त के अंतिम सप्ताह में ही बैठक कर इसे लागू कर दिया जाएगा। पाठ्यक्रम उर्दू में फौरी तौर पर मुहैया करा पाने की भी अड़चन थी। लिहाजा अभी यही फैसला किया गया है कि छात्र इस विषय को हिंदी, अंग्रेजी या उर्दू में पढ़कर परीक्षा दे सकते हैं।
विशेष किताब का चयन नहीं किया जाएगा :
जैनुस साजदीन ने बताया कि संविधान के लिए कोई विशेष पुस्तक का चयन नहीं किया जाएगा। हालांकि मुंशी, मौलवी, आलिम, कामिल व फाजिल यानी कक्षा 9वीं से ग्रेजुएशन तक के पाठ्यक्रम तय किए जाएंगे।
अलग शिक्षक की नहीं होगी भर्ती :
मदरसा शिक्षा परिषद के पाठ्यक्रम में भारतीय संविधान का एक और विषय तो लागू कर दिया जाएगा, लेकिन इसको लेकर अलग शिक्षक की नियुक्ति नहीं की जाएगी। मदरसा शिक्षा परिषद का कहना है कि इसके लिए अलग से शिक्षक की जरूरत नहीं हैं। जो शिक्षक हैं वही ही भारतीय संविधान विषय भी पढ़ाएंगे। 

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