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Tuesday, 7 July 2015

12 करोड़ से ज्यादा बच्चे अब भी स्कूल से दूर - यूनेस्को और एजुकेशन फॉर ऑल ग्लोबल मॉनिटरिंग रिपोर्ट

  • प्राथमिक शिक्षा मुहैया कराने में भारत को प्रभावशाली कामयाबी

संयुक्त राष्ट्र: बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भारत ने प्रभावशाली कामयाबी पाई है। पर निम्न माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह के नतीजे नहीं मिल पाए हैं। स्कूलों में प्रवेश नहीं लेने वाले किशोरों की संख्या देश में डेढ़ करोड़ से ज्यादा है। वैश्विक स्तर पर 12 करोड़ 40 लाख बच्चे और किशोर अभी भी शिक्षा से वंचित हैं। संयुक्त राष्ट्र के एक अध्ययन से यह तस्वीर साफ हुई है। यूनेस्को और एजुकेशन फॉर ऑल ग्लोबल मॉनिटरिंग रिपोर्ट ने यह अध्ययन किया है। इसके अनुसार 2010 से शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता में लगातार कमी आ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2011 में भारत में निम्न माध्यमिक स्कूल की आयु के 1.6 करोड़ से अधिक किशोरवय बच्चों ने स्कूलों में दाखिला नहीं लिया। 2012 में भारत में एक करोड़ 70 लाख बच्चे प्राथमिक स्कूल से बाहर थे। दो करोड़ 40 लाख बच्चों ने कभी कक्षाएं नहीं देखी। बांग्लादेश, मेक्सिको, इंडोनेशिया, नाइजर, पाकिस्तान और सीरियाई अरब गणराज्य के सभी देश में स्कूल से बाहर रहने वाले किशोरों की संख्या 10 लाख से अधिक है। 19 देशों में कम से कम 50 हजार बच्चे प्राथमिक शिक्षा से वंचित हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि वंचित वर्ग के बच्चे भी मुख्यधारा के स्कूलों में पढ़ाई कर सकें इसके लिए भारत संसाधन मुहैया करा रहा है। 

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