Breaking News -
बाल अधिकार अधिनियम 2011- बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 का शासनादेश स्कूल चलो अभियान- वर्ष 2015 स्कूल चलो अभियान शासनादेश नि:शुल्‍क यूनीफार्म- वर्ष 2015-16 नि:शुल्‍क यूनीफार्म शासनादेश परिषदीय अवकाश- वर्ष 2015 की अवकाश तालिका एवं विद्यालय खुलने की समयसारि‍णी मृतक आश्रित- मृतक आश्रित सेवा नियमावली अध्‍यापक सेवा नियमावली- अध्‍यापक सेवानियमावली 2014 साक्षर भारत मिशन- समन्‍वयक एवं प्रेरक के कार्य एवं दायित्‍व विद्यालय प्रबन्‍ध समिति- विद्यालय प्रबन्‍ध समिति के कार्य एवं दायित्‍व परिषदीय पाठयक्रम- परिषदीय विद्यालयों का मासिक पाठयक्रम प्राइमरी प्रशिक्षु भर्ती - प्रशिक्षु भर्ती शासनादेश जूनियर भर्ती- जूनियर गणित/विज्ञान भर्ती का शासनादेश शिक्षामित्र - शिक्षामित्र समायोजन का शासनादेश प्रसूति/बाल्‍यकाल - प्रसूति एवं बाल्‍यकाल अवकाश सम्‍बन्‍धी शासनादेश अलाभित/दुर्बल प्रवेश सम्‍बन्‍धी - शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्‍तर्गत 25 प्रतिशत एडमिशन सम्‍बन्‍धी शासनादेश पति/पत्नी HRA शासनादेश - राजकीय सेवा में पति/ पत्नी दोनों के कार्यरत होने पर मकान किराया भत्ता आदेश अमान्य विद्यालय सम्बन्धी शासनादेश - अमान्य विद्यालय बंद करने एवं नवीन मान्यता शर्तो सम्बन्धी शासनादेश UPTET 2011 परीक्षा परिणाम - UPTET 2011 परीक्षा परिणाम का Verification करने के लिए

Monday, 8 June 2015

शिक्षकों की उपस्थिति पर अब एसएमसी की नजर -

  • स्कूल के गायब होना शिक्षकों को पड़ेगा भारी
लखनऊ। राज्य सरकार परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने जा रही है। स्कूलों में चाहे शिक्षकों की उपस्थिति हो या फिर पढ़ाई का माहौल बनाने की, इसके लिए निगरानी व्यवस्था स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के हाथों में सौंपने की तैयारी है। एसएमसी शिक्षकों की उपस्थिति पर नजर तो रखेगी ही साथ में यह भी देखेगी कि वे बच्चों को पढ़ाने में कितनी रुचि ले रहे हैं। शिक्षक स्कूल से गायब रहता है या फिर बच्चों को पढ़ाने में रुचि नहीं लेता है तो एसएमसी इनके खिलाफ बेसिक शिक्षा अधिकारियों को रिपोर्ट देगी। एसएमसी की रिपोर्ट पर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी करने की तैयारी है।
सर्व शिक्षा अभियान में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा अनिवार्य कर दी गई है। प्रदेश में जरूरत के आधार पर स्कूल खोल दिए गए हैं और मानक के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है। बेसिक शिक्षा विभाग का अब सारा ध्यान परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई के स्तर में सुधार लाना है। इसके लिए सबसे जरूरी है शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति बनाए रखना। सबसे पहले परिषदीय स्कूलों में अब शिक्षकों की तैनाती छात्र संख्या के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति करना है। प्राइमरी में 30 बच्चों पर एक और उच्च प्राइमरी में 35 बच्चों पर एक शिक्षक रखे जाएंगे। इसके अलावा जहां भी शिक्षक अधिक हैं उन्हें दूसरे स्कूलों में शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की जाएगी। बिना बताए शिक्षकों को स्कूल से गायब रहना भारी पड़ेगा। खंड शिक्षा अधिकारियों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को सक्रिय किया जाएगा। एसएमसी शिक्षकों की उपस्थिति पर सीधे नजर रखेगी। प्रधानाध्यापक को शिक्षकों को आने और जाने का हिसाब एसएमसी को देना होगा। इसके बाद भी मनमानी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके इसके लिए पहले शिक्षकों को ट्रेंड किया जाएगा। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों की एक टीम तैयार करते हुए उन्हें प्रशिक्षित कराया जाएगा और बाद ये शिक्षक स्कूलवार शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। शिक्षकों को बताया जाएगा कि बच्चों में सीखने की भावना कैसे पैदा की जाए। शिक्षक बोलचाल की भाषा में कैसे बच्चों को पढ़ाएं कि वे आसानी से सीख सकें। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी में बच्चों को सरल भाषा में पढ़ाया जाएगा जिससे इससे वे भागे नहीं बल्कि सीखें।

No comments:

Post a Comment