Breaking News -
बाल अधिकार अधिनियम 2011- बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 का शासनादेश स्कूल चलो अभियान- वर्ष 2015 स्कूल चलो अभियान शासनादेश नि:शुल्‍क यूनीफार्म- वर्ष 2015-16 नि:शुल्‍क यूनीफार्म शासनादेश परिषदीय अवकाश- वर्ष 2015 की अवकाश तालिका एवं विद्यालय खुलने की समयसारि‍णी मृतक आश्रित- मृतक आश्रित सेवा नियमावली अध्‍यापक सेवा नियमावली- अध्‍यापक सेवानियमावली 2014 साक्षर भारत मिशन- समन्‍वयक एवं प्रेरक के कार्य एवं दायित्‍व विद्यालय प्रबन्‍ध समिति- विद्यालय प्रबन्‍ध समिति के कार्य एवं दायित्‍व परिषदीय पाठयक्रम- परिषदीय विद्यालयों का मासिक पाठयक्रम प्राइमरी प्रशिक्षु भर्ती - प्रशिक्षु भर्ती शासनादेश जूनियर भर्ती- जूनियर गणित/विज्ञान भर्ती का शासनादेश शिक्षामित्र - शिक्षामित्र समायोजन का शासनादेश प्रसूति/बाल्‍यकाल - प्रसूति एवं बाल्‍यकाल अवकाश सम्‍बन्‍धी शासनादेश अलाभित/दुर्बल प्रवेश सम्‍बन्‍धी - शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्‍तर्गत 25 प्रतिशत एडमिशन सम्‍बन्‍धी शासनादेश पति/पत्नी HRA शासनादेश - राजकीय सेवा में पति/ पत्नी दोनों के कार्यरत होने पर मकान किराया भत्ता आदेश अमान्य विद्यालय सम्बन्धी शासनादेश - अमान्य विद्यालय बंद करने एवं नवीन मान्यता शर्तो सम्बन्धी शासनादेश UPTET 2011 परीक्षा परिणाम - UPTET 2011 परीक्षा परिणाम का Verification करने के लिए

Thursday, 4 June 2015

बच्चों को दें अच्छी शिक्षा, पाएं पुरस्कार -

  • हर विकास खंड में एक-एक स्कूल को दिए जाएंगे 10,000 रुपये
लखनऊ। परिषदीय स्कूलों में शिक्षा में सुधार लाने के लिए नए प्रयोग की तैयारी है। इसमें हर विकास खंड में एक सर्वश्रेष्ठ स्कूल का चयन किया जाएगा और उसे 10,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर डायट प्राचार्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी होगी। इसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ डीएम से नामित एक सदस्य होगा। कमेटी पूरा परीक्षण करने के बाद पुरस्कार देने वाले स्कूलों की घोषणा करेगी। प्रदेश में यह योजना पहली बार शुरू की जा रही है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए एक करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम में 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को शिक्षा अनिवार्य कर दी गई है। प्रदेश में इसके लिए पर्याप्त संख्या में परिषदीय स्कूल भी खोले गए हैं, लेकिन इन स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है। सर्व शिक्षा अभियान का राज्य परियोजना निदेशालय चाहता है कि परिषदीय स्कूलों में गुणवत्तापरक शिक्षा दी जाए, जिससे यहां पढ़ने वालों का ज्ञान भी अच्छा हो सके।
इसीलिए परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाने व उसमें सुधार के साथ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करने के लिए विद्यालय पुरस्कार योजना शुरू हो रही है। यह योजना इसी शैक्षिक सत्र से शुरू होगी। परियोजना निदेशालय ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। शासनादेश जारी होते ही बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भेजा जाएगा।
पुरस्कार का मानक
जिस क्षेत्र में स्कूल खुला हो वहां पर 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों का दाखिला अनिवार्य होगा। बच्चों की स्कूलों में मासिक औसतन उपस्थिति 70 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। छुट्टी और अधिकृत उपस्थिति छोड़कर शेष दिनों में शिक्षकों की उपस्थिति शत-प्रतिशत होनी चाहिए। स्कूलों में दिया गया काम बच्चों ने वर्कबुक में किया हो। गृहकार्य की जांच शिक्षक नियमित रूप से करा रहे हैं या नहीं। खंड शिक्षा अधिकारी अपने विकास खंड से तीन प्राथमिक स्कूलों का नाम दिसंबर के अंत में भेजेगा। जनवरी में इसका स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। फरवरी में समिति पूरे विवरण के आधार पर प्रत्येक विकास खंड में एक तथा जिला मुख्यालय के नगर क्षेत्र से एक प्राथमिक स्कूल का चयन करेगी। फरवरी के अंत में समारोह आयोजित कर सर्वश्रेष्ठ स्कूल के शिक्षकों को पुरस्कृत किया जाएगा और विद्यालय को पुरस्कार की राशि 10,000 दी जाएगी। इसका इस्तेमाल स्कूल विकास पर होगा।

No comments:

Post a Comment