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Thursday, 21 May 2015

सौ सरकारी विद्यालयों की बदलेगी तस्वीर !

  • रूपांतरण कार्यक्रम के जरिए स्कूलों को बनाया जाएगा बेहतर
  • निजी क्षेत्रों के विशेषज्ञों की ली जाएगी मदद

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लखनऊ : सरकारी स्कूलों की तस्वीर किसी से छिपी नही हैं। स्कूलों की तस्वीर बदले और बेहतर माहौल में बच्चे गुणवत्तापरक शिक्षा हासिल करें। इस तरह की एक और कोशिश सरकार और निजी संस्थान मिलकर शुरू कर रहे हैं, जिसे स्कूल रूपांतरण अभियान का नाम दिया गया है।मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में गुरुवार को इस संबंध में एक बैठक हुई, जिसमें अफसर, शिक्षाविद, निजी स्कूलों के प्रबंधक और सांसद प्रतिनिधि भी शामिल हुए। सबका यही कहना था कि सरकारी स्कूलों की दशा बदलना अकेले सरकार के बूते की बात नहीं है। निजी क्षेत्रों और संस्थाओं को भी आगे आना होगा और सहयोग करना होगा। फिलहाल, स्कूल रूपांतरण कार्यक्रम के लिए सौ स्कूलों को चुना जाएगा। इनमें निजी क्षेत्रों के लोगों के ऊर्जा एवं कौशल का उपयोग कर सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। पूरे अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाने की बात कही जा रही है। फिलहाल इसे पायलट स्तर पर चलाया जाएगा। अभियान के तहत स्कूलों में आवश्यक न्यूनतम अवस्थापनाओं का विकास किया जाएगा। स्कूल दिखने में बेहतर लगे। साफ सुथरे कमरे और पेयजल व्यवस्था। स्कूलों में निरंतर शैक्षिक और बच्चों की प्रतिभाएं निखारने के लिए कार्यक्रमों के अलावा खेल प्रतियोगिताएं भी आयोजित करायी जाएंगी। स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए महिलाओं और सामाजिक रूप से सक्रिय छात्र स्वयंसेवकों की भी मदद ली जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने इस कार्यक्रम में सहयोग के लिए सरकारी कर्मचारियों को आगे आने को कहा। पूर्व मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता और सीबीएसई के पूर्व अध्यक्ष अशोक गांगुली ने आइकेयर इंडिया को सहयोग का आश्वासन दिया। सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने सांसद निधि से स्कूलों में पेयजल और शौचालय की व्यवस्था कराने को कहा।

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