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Thursday, 4 December 2014

परिषदीय स्कूलों के बच्चों का होगा मूल्यांकन

निरीक्षण में खामियां मिली तो बीएसए व बीईओ के खिलाफ कठोर कार्रवाई

लखनऊ : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मोहनलालगंज के प्राथमिक स्कूल में निरीक्षण के दौरान मिली खामी के बाद बेसिक शिक्षा निदेशालय ने परिषदीय स्कूलों के निरीक्षण प्रणाली को चाक-चौबंद करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने अधिकारियों से कहा है कि नए निरीक्षण निर्देश के तहत परिषदीय और कस्तूरबा गांधी स्कूलों के बच्चों का मासिक मूल्यांकन कराएं। यही नहीं, मूल्यांकन की रिपोर्ट निर्धारित किए गए प्रक्रिया के तहत भिजवाना भी सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की खामी मिलने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी व ब्लॉक एजूकेशन ऑफिसर (बीओई) पर सीधे कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री 20 अक्टूबर को लखनऊ जिले के प्राथमिक विद्यालय भसंडा, मोहनलालगंज में निरीक्षण करने गए थे। निरीक्षण के दौरान सामने आईं खामियों को लेकर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई थी। इस दौरान मिड-डे-मील के अलावा पढ़ाई की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की थी। शासन को स्कूलों की निरीक्षण प्रणाली में सुधार करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद निदेशक ने कक्षावार और बिंदुवार प्रति माह निर्धारित प्रारूप पर निरीक्षण और मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए बाकायदा प्रश्नोत्तरी जारी किए गए हैं। निदेशक ने साफ निर्देश दिया है कि बीएसए व बीईओ स्कूलों का नियमित निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मिड-डे-मील, मुफ्त यूनिफार्म वितरण, पाठ्य-पुस्तक की गुणवत्ता के साथ शैक्षिक स्तर को विशेष रूप से देखेंगे और निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट देंगे। विद्यार्थियों में किताबी जानकारी के साथ सामान्य ज्ञान का स्तर संतोषजनक होना सुनिश्चित कराएंगे। इसके बाद उच्चाधिकारियों को अगर निरीक्षण में खामियां मिली तो बीएसए व बीईओ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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