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Thursday, 4 December 2014

आईवीआरएस से जांचेंगे शिक्षकों की हाजिरी

  • नए सत्र से लागू हो जाएगी नई व्यवस्था
  • अटेंडेंस लगाकर गायब होना पड़ेगा भारी
लखनऊ (ब्यूरो)। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को अब गोला मारना भारी पड़ेगा। अब उनकी हाजिरी इंटरेक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) से जांची जाएगी। इसके लिए प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। कंट्रोल रूम से प्रतिदिन स्कूलों में प्रधानाध्यापक को फोन करके पूछा जाएगा कि कितने शिक्षक आए हैं? इसके बाद औचक निरीक्षण कराया जाएगा और शिक्षकों के गायब होने पर संबंधित शिक्षकों के साथ ही प्रधानाध्यापक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था नए सत्र से लागू करने की तैयारी है।
प्रदेश में 1,13,627 प्राइमरी व 45,749 उच्च प्राइमरी स्कूल हैं। प्राइमरी में 2,62,001 और उच्च प्राइमरी में 1,06,089 शिक्षक हैं। इतने अधिक शिक्षक होने के बावजूद परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई चौपट है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले दिनों राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज में कुछ स्कूलों का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान बच्चों से सवाल करने पर पता चला कि पढ़ाई का स्तर काफी खराब है और शिक्षक भी लगातार स्कूल नहीं आते।
बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि शिक्षकों की उपस्थिति बनाए रखने के लिए आईवीआरएस लागू कर दिया जाए। मौजूदा समय शिक्षकों की हाजिरी के लिए स्कूलों में रजिस्टर रखा गया है। जरूरत होने पर इससे ही पता किया जाता है कि कितने शिक्षक आ रहे हैं और कितने गायब हैं।


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