Breaking News -
बाल अधिकार अधिनियम 2011- बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2011 का शासनादेश स्कूल चलो अभियान- वर्ष 2015 स्कूल चलो अभियान शासनादेश नि:शुल्‍क यूनीफार्म- वर्ष 2015-16 नि:शुल्‍क यूनीफार्म शासनादेश परिषदीय अवकाश- वर्ष 2015 की अवकाश तालिका एवं विद्यालय खुलने की समयसारि‍णी मृतक आश्रित- मृतक आश्रित सेवा नियमावली अध्‍यापक सेवा नियमावली- अध्‍यापक सेवानियमावली 2014 साक्षर भारत मिशन- समन्‍वयक एवं प्रेरक के कार्य एवं दायित्‍व विद्यालय प्रबन्‍ध समिति- विद्यालय प्रबन्‍ध समिति के कार्य एवं दायित्‍व परिषदीय पाठयक्रम- परिषदीय विद्यालयों का मासिक पाठयक्रम प्राइमरी प्रशिक्षु भर्ती - प्रशिक्षु भर्ती शासनादेश जूनियर भर्ती- जूनियर गणित/विज्ञान भर्ती का शासनादेश शिक्षामित्र - शिक्षामित्र समायोजन का शासनादेश प्रसूति/बाल्‍यकाल - प्रसूति एवं बाल्‍यकाल अवकाश सम्‍बन्‍धी शासनादेश अलाभित/दुर्बल प्रवेश सम्‍बन्‍धी - शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्‍तर्गत 25 प्रतिशत एडमिशन सम्‍बन्‍धी शासनादेश पति/पत्नी HRA शासनादेश - राजकीय सेवा में पति/ पत्नी दोनों के कार्यरत होने पर मकान किराया भत्ता आदेश अमान्य विद्यालय सम्बन्धी शासनादेश - अमान्य विद्यालय बंद करने एवं नवीन मान्यता शर्तो सम्बन्धी शासनादेश UPTET 2011 परीक्षा परिणाम - UPTET 2011 परीक्षा परिणाम का Verification करने के लिए

Monday, 27 October 2014

स्कूलों के निरीक्षण का डाटा बेस होगा तैयार -

फरुखाबाद : परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के बावजूद पढ़ाई में सुधार न होने के लिए शासन ने विभागीय अधिकारियों को दोषी माना है। शासन का मानना है कि अधिकारियों द्वारा ठीक से विद्यालयों का निरीक्षण ही नहीं किया जा रहा है। अब विद्यालयों के निरीक्षण का कंप्यूटर डाटा बेस तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। बेसिक शिक्षा सचिव की ओर से प्राप्त निर्देश में कहा गया है कि शासन द्वारा परिषदीय स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता सुधार के लिए कई प्रयास किये गये, परंतु विद्यालयों के शैक्षिक परिवेश व छात्रों के उपलब्धि स्तर में अपेक्षानुरूप सुधार नहीं हो रहा। लगता है कि ब्लाक, जिला व मंडल के अधिकारियों द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण व पर्यवेक्षण ठीक से नहीं किया जा रहा है। शासन ने निर्देश दिये हैं कि प्रत्येक अधिकारी से निर्धारित संख्या में विद्यालयों का निरीक्षण कराया जाये। निरीक्षण में शिक्षकों की उपस्थिति के साथ ही अकादमिक (शैक्षणिक) स्तर देखा जाये। निरीक्षणों का कंप्यूटर डाटा बेस तैयार हो। बेसिक शिक्षा अधिकारी निरीक्षण टिप्पणी सहित हर माह रिपोर्ट भेजेंगे। शासन द्वारा विकसित निरीक्षण प्रपत्र भी सचिव ने भेजा है। बीएसए योगराज सिंह ने बताया कि डाटा बेस की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निर्धारित प्रपत्र पर ही निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।
माडल स्कूल निर्माण को 1.24 करोड़ और मिले : राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत राजेपुर में निर्माणाधीन राजकीय माडल स्कूल कनकापुर के लिए तीसरी किश्त में 1.24 करोड़ रुपये मिल गए हैं। माडल स्कूल की स्वीकृत लागत तीन करोड़ दो लाख रुपये है। पहली व दूसरी किश्त को मिलाकर पूर्व में एक करोड़ 50 लाख 75 हजार रुपये कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल को दिए गए थे। शासन ने तीसरी किश्त में एक करोड़ 24 लाख रुपये जिला परियोजना को भेज तो दिए, परंतु अब तक हुए निर्माण कार्य की तकनीकी जांच के बाद ही धनराशि कार्यदायी संस्था को स्थानांतरित की जाएगी।जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत प्रसाद पटेल ने बताया कि राजकीय माडल स्कूल कनकापुर के निर्माण प्रगति की तकनीकी जांच हेतु कार्रवाई चल रही है। शीघ्र ही निर्माण पूर्ण कराया जायेगा।
एपीएल बालकों की यूनीफार्म को 55.40 लाख अनुमोदित-फरुखाबाद: आठवीं तक के एपीएल बालकों को यूनीफार्म देने के लिए प्रथम चरण में 55.40 लाख रुपये की धनराशि अनुमोदित की गयी है। सभी छात्रओं, अनुसूचित जाति के बालक व बीपीएल बालकों को सर्व शिक्षा के बजट से यूनीफार्म दी जाती है। एपीएल बालकों को बेसिक शिक्षा के बजट से यूनीफार्म का वितरण होता है। इस वर्ष 33 हजार एपीएल बालकों को यूनीफार्म का वितरण किया जाना है। परंतु बेसिक शिक्षा की ओर से अभी मात्र 56 लाख रुपये का बजट प्राप्त हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह का कहना है कि प्रथम चरण में 13851 एपीएल बालकों को यूनीफार्म वितरण करने के लिए 55 लाख 40 हजार 400 रुपये स्कूलों को भेजने के लिए अनुमोदन कर दिया गया है। वित्त एवं लेखाधिकारी को विद्यालयों में धनराशि हस्तांतरित करने के लिए पत्रवली भेजी जा रही है। विद्यालयों को दो सेट यूनीफार्म के लिए प्रति छात्र 400 रुपये के हिसाब से पैसा भेजा जायेगा।
शिक्षक के वेतन का दावा खारिज-फरुखाबाद : कायमगंज के सहायक अध्यापक अनिल कुमार त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर एक जुलाई 2012 से वेतन भुगतान की मांग बेसिक शिक्षा विभाग से की थी। न्यायालय ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सुनवाई कर निर्णय करने के आदेश दिए थे।बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह ने बताया कि सहायक अध्यापक ने एक जुलाई 2012 से अद्यतन उपस्थिति नहीं दी है। शिक्षण कार्य भी नहीं किया है। इसलिए वेतन दिया जाना नियमानुसार नहीं है। शिक्षक को पूर्व माध्यमिक जिनौल से कार्यमुक्त कर पूर्व माध्यमिक विद्यालय झब्बूपुर में कार्यभार ग्रहरण करने के आदेश दिए गए हैं। 
(Dainik Jagran)

No comments:

Post a Comment