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Wednesday, 17 September 2014

115 शिक्षकों की सेवाएं बहाल -

  • फैजाबाद, देवीपाटन, गोरखपुर और बस्ती मंडलों में हुई थीं संस्कृत शिक्षकों की नियुक्तियां
  • अनियमितता की शिकायत मिलने पर रद हुई थी चयन की कार्रवाई


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लखनऊ : शासन ने संस्कृत विद्यालयों में वर्ष 2011 में नियुक्त किये गए 115 शिक्षकों की सेवा बहाल कर दी है जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था। इनमें से 26 प्रधानाचार्य और 89 शिक्षक हैं। इन शिक्षकों की नियुक्ति फैजाबाद, देवीपाटन, गोरखपुर और बस्ती मंडलों में की गई थी। इन शिक्षकों की नियुक्ति को निरंतर मानते हुए एरियर सहित उनके वेतन भुगतान का आदेश जारी कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आजमगढ़ मंडल में नियुक्त किये गए 12 प्रधानाचार्यो और 34 शिक्षकों की सेवाएं बीते दिसंबर में बहाल कर दी गई थीं। उप्र माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद अधिनियम 2000 के तहत संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यो और शिक्षकों की सेवा नियमावली 2009 में बनी थी। इस नियमावली के तहत 2011 में फैजाबाद, देवीपाटन, गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडलों में संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों की नियुक्ति की गई थीं। प्रधानाचार्यो और शिक्षकों के चयन में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। इस पर पांचों मंडलों में हुई नियुक्ति की कार्रवाई रद कर दी गई थी। नियुक्ति रद होने के खिलाफ आजमगढ़ के शिक्षक हाई कोर्ट चले गए थे। हाई कोर्ट से राहत न मिलने पर शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आजमगढ़ मंडल में की गईं नियुक्तियां बहाल कर दी गईं थीं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर शेष चार मंडलों में नियुक्तियां रद किये जाने के खिलाफ भी हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं। विभिन्न याचिकाओं और विशेष अपीलों में हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेशों के क्रम में शासन ने चारों मंडलों के 26 प्रधानाचार्यों और 89 शिक्षकों की सेवाएं इस शर्त के साथ बहाल करने का निर्णय लिया है कि बहाली का यह आदेश अदालत में विचाराधीन एक याचिका और विशेष अपील में पारित किये जाने वाले अंतिम आदेश के अधीन होगा।



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