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Friday, 22 August 2014

पंजीकृत छात्रों की संख्या कम हुई तो जाएगी मान्यता

  • सीबीएसई ने जारी किए दिशा-निर्देश, अब स्कूलों का होगा औचक निरीक्षण
  • प्रवेश लेकर दूसरे शहरों में कोचिंग को गए विद्यार्थियों के खिलाफ चलेगा अभियान
इलाहाबाद । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने प्रवेश लेकर स्कूल नहीं जाने वाले छात्र-छात्राओं और इसके लिए जिम्मेदार स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई का फैसला लिया है। बोर्ड अपने स्कूलों को शिक्षा माफिया के शिकंजे से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाने जा रहा है।
यह फैसला खासकर उन छात्र-छात्राओं के चलते किया गया है जो सांठगांठ कर स्कूलों में प्रवेश लेकर कोटा (राजस्थान) सहित देश के अन्य शहरों में कोचिंग करने निकल जाते हैं। बोर्ड ने स्कूलों को आगाह करते हुए कहा है कि औचक निरीक्षण के दौरान यदि पंजीकृत विद्यार्थियों के सापेक्ष छात्र-छात्राओं की संख्या कम हुई तो उनकी मान्यता खत्म कर दी जाएगी।
सीबीएसई की ओर से जारी दिशानिर्देश में कहा गया है कि नौवीं एवं ग्यारहवीं में पंजीकरण कराने वाले छात्रों को ही दसवीं और बारहवीं कक्षा में प्रवेश दिया जाए। इन छात्रों की उपस्थिति लगातार जांचीं जाए।
गाइडलाइन में कहा गया है कि बोर्ड के अधिकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करके छात्रों की उपस्थिति चेक करेंगे। इसमें सबसे अधिक ध्यान बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों पर दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक ऐसे विद्यार्थी और उनके अभिभावक स्कूल प्रबंधन को तय फीस से अधिक का भुगतान करके लाभ उठाते हैं। अब ऐसे ही स्कूलों के खिलाफ बोर्ड ने सख्ती का फैसला किया है।


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